Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Saurabh Kumar Saxena v. ATS Realty Private Limited
Complaint No. NCR144/10/95785/2022
Verified by Puneet Jain, Editor
- Decision date
- 2025-06-09
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
- Counsel
- Puneet Jain (for the respondent)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40 ,/63 सपठित नियम-24 47-शिकायत संख्या : ॥7८744/0/95785/2022 सौरभ कुमार waar बनाम एटीएस रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 09.06.2025 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फेसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पुकार पर शिकायतकर्ता अनुपस्थित एवं विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री पुनीत जैन उपस्थित हुए। विपक्षी द्वारा अपना जवाब दाखिल करने हेतु समय चाहा गया। प्रश्नगत शिकायत में माननीय पीठ-2 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त रेरा अधिनियम की धारा-34 के अन्तर्गत प्रकरण में दिनांक 05.04.2024 को निम्नवत् आदेश पारित किये गयेः- . विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्तागण को आवंटित यूनिट अनुबन्ध के अनुसार समस्त सुविधाओं को पूर्ण कराकर फरवरी 2024 तक ओ.सी /सी.सी सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें।
2. विपक्षी शिकायतकर्ता को दिनांक ot.07.20i8 से ओ.सी/सी.सी अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि जो भी बाद में हो तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि रु0 47,57,560 / पर MCLR+ प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की जाने वाली धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर नियमानुसार शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25. 09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही यदि शिकायतकर्ता का कोई अतिदेय (Over Dues) है, तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा। 3. विपक्षी को यह निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 2046 की धारा 2(za)(i) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर चच्शु द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी MCLR+H प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा लागू होने के बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गयी है, तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी। 4... इस आदेश का versa भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 20:6 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। 5... विपक्षी द्वारा यदि इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्ता को यह अधिकार होगा कि रेरा प्राधिकरण के माध्यम से अपने आदेश का कियान्वयन करा सकेगें।
विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 05.04.2024 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत उक्त आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-3 द्वारा दिनांक 04.04. 2025 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- उपरोक्त विश्लेषण व तथ्यों से स्पष्ट है कि विपक्षी ने पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 05.04.2024 के क्रम संख्या “4 व 2” का अनुपालन नहीं किया है। उपरोक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए पत्रावली रेरा नियमावली 2076 के नियम--24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत आदेश दिनांक 05.04.2024 के क्रम संख्या 4 के अनुसार यूनिट के भौतिक कब्जे व रजिस्ट्री की कार्यवाही हेतु न््यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष सुनवाई हेतु दिनांक 09.06.2025 के लिए संदर्भित की जाती है। सचिव, उ.प्ररेरा को निर्देशित किया जाता है कि पीठ द्वारा दिनांक 05.0.2024 को धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश के क्रम संख्या “2” के अनुसार जमा धनराशि रु0 47,57,560,// पर विलम्बित अवधि का ब्याज हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि 09.06.2025 से पूर्व न््यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। यदि =a निर्णायक अधिकारी नियम 24 की कार्यवाही के दौरान यह पाते है कि विपक्षी / प्रमोटर द्वारा आदेश अन्तर्गत धारा-34 दिनांक 05.07.2024 का समयवद्ध रूप से अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है तो ऐसी दशा में न्याय निर्णायक अधिकारी प्रकरण में रैरा अधिनियम कौ धारा 63 कौ कार्यवाही किये जाने हेतु He ये वापरा संदर्भित कर सकते है।
तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38/40,/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने के कारण मा. पीठ-03 द्वारा पारित आदेश दिनांक 04.04.2025 के अनुसार spay, ier“ की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई | पत्रावली आज नियम-24 की सुनवाई हेतु प्रथम बार इस न्यायालय के समक्ष पेश हुई। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी.//सी.सी. सहित बकाया cal की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को 45 दिनों के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया eal के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए आवंटित यूनिट की रजिस्ट्री Sexe कराना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता है। उभयपक्ष अपना-अपना लिखित जवाब एवं गणना शीट दाखिल कर सकते हैं। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 26.08.2025 को पेश हो। — आर. पी. fae (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण