Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Rekha Jain and Avdhesh Kumar Jain v. Panchsheel Buildtech Pvt. Ltd
Complaint No. NCR144/10/84302/2021
- Decision date
- 2026-08-05
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिणयिक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40 / 63 सपठित नियम-24 43-शिकायत संख्या---२८844/0/84302/202 रेखा जैन एवं अवधेश कुमार जैन बनाम पंचशील बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 05.08.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता स्वयं उपस्थित हुए एवं उनके विद्वान अधिवक्ता श्री सुबोध कुमार उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से उनके प्रतिनिधि श्री रवि सेठ उपस्थित हुए। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। रेरा अधिकृत सी.ए द्वारा दाखिल siren दिनांकित 09.04.2026 के विरुद्ध शिकायतकर्ता द्वारा कोई आपत्ति दाखिल नहीं की गई है, केवल मौखिक रूप से शिकायतकर्ता द्वारा आपत्ति की गई। विपक्षी की ओर से अपनी आपत्ति दाखिल की गई। रेरा अधिकृत सी.ए की आख्या दिनांकित 09.04.2026 पर उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। रेरा अधिकृत सी.ए की vad आख्या के अनुसार आवंटित यूनिट की बेसिक कीमत रु.9,4.550//- एवं 42 माह का मेन्टेनेन्स चार्ज रु. 23,7:680/— और विलम्ब ब्याज की धनराशि रु.5,58,929.99 /- दशाई गई है। कुल धनराशि &.74,94,96.79 / -शिकायतकर्ता की ओर बकाया दशाई गई है, जो शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी को अदा की जानी है। विपक्षी द्वारा अपनी आपत्ति में यह कहा गया कि वह ओ.सी. / सी.सी. प्राप्ति की तिथि 23.04.2048 से मेन््टेनेन्स चार्ज पाने का अधिकारी है और रेरा आंधेकृत सी.ए द्वारा दाखिंज आख्या में जी.एस.टी की गणना नहीं की गई है और वह जी.एस.टी की धनराशि भी शिकायतकर्ता से पाने का अधिकारी है।
क्योंकि विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता को समय से यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया गया है और न ही यूनिट की रजिस्ट्री कराई गई है और न ही माननीय रेरा पीठ-03 द्वारा पारित आदेश दिनांक 43.06.2022 का अनुपालन किया गया है और न ही बकाया धनराशि को विलम्ब ब्याज की धनराशि में समायोजित किया है और न ही ~ सम्बन्धित पीठ द्वारा धारा-38 /40,/63 के अन्तर्गत कार्यवाही के दौरान समायोजन की कार्यवाही की गई है। ऐसी स्थिति में शिकायतकर्ता द्वारा यदि भुगतान में विलम्ब किया गया है, तो वह माननीय Rr पीठ-03 द्वारा पारित आदेश दिनांक 43.06.2022 के अनुसार विलम्ब ब्याज की धनराशि विपक्षी को अदा करने के लिए उत्तरदायी है। जहाँ तक मेन््टेनेन्स का प्रश्न है, तो विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया गया है और न ही यूनिट की रजिस्ट्री कराई गई है, इसलिए विपक्षी, शिकायतकर्ता से पिछला कोई भी मेन््टेनेन्स पाने का अधिकारी नहीं है। अतः रेरा अधिकृत सी.ए द्वारा दाखिल उक्त sear पूर्णतः सही है। जहाँ तक जी.एस.टी का प्रश्न है, तो जी.एस.टी की धनराशि नियमानुसार शिकायतकर्ता, विपक्षी को अदा करने के बाध्य है। अतः शिकायतकर्ता उपरोक्तानुसार विपक्षी को 2 माह के अन्दर आवंटित यूनिट के मद में बकाया धनराशि का भुगतान करना सुनिश्चित करें। तद्पश्चात विपक्षी, शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें तथा कब्जा-पत्र एवं रजिस्ट्री की प्रति रेरा पोर्टल पर अपलोड करें। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 26.40.2026 को पेश हो। ae ee आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण