Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Aashu Chandra v. Wave Megacity Centre Pvt. Ltd
Complaint No. NCR144/10/83893/2021
- Decision date
- 2026-06-08
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40 ,/63 सपठित नियम-24 49—frpracdt WAE—NCR44/0/83893/202 आशू चंद्रा बनाम वेव मेगासिटी सेंटर प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 08.06.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री दिव्यांशु सराश्वत उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से उनके विद्वान अधिवक्ता श्री असित उपस्थित हुए। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा बताया गया कि विपक्ष द्वारा कोई कब्जा प्रस्ताव-पत्र बकाया देयों की मांग सहित शिकायतकर्ता को नहीं भेजा गया है और न ही रेरा पोर्टल पर अपलोड किया गया है। विपक्षी द्वार अपना जवाब दाखिल किया गया है, जिसमें यह कहा गया कि मौके पर यूनिट तैयार नहीं है और न ही उसको vat परियोजना /यूनिट का ओ.सी. / सी.सी. प्राप्त है और लगभग शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा देने में 2 वर्ष लगेंगे, इसलिए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा अभी नहीं दे सकते हैं।
विपक्षी द्वाव आज तक माननीय रेरा पीठ-04ए द्वारा पारित आदेश 27.05.2022 के अनुपालन में विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया गया है और न ही यूनिट की रजिस्ट्री कराई गई है, जिससे स्पष्ट है कि विपक्षी द्वारा माननीय रेरा प्राधिकरण के आदेशों की अवहेलना की जा रही है और विपक्षी आदेश दिनांकित 47.05. 2022 के अनुपालन में कोई रुचि नहीं ले रहा है। अतः इस सम्बन्ध में विपक्षी पर आदेश का अनुपालन “न करने के कारण धारा-63 भून्सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम-2046 के अन्तर्गत अर्थदण्ड, पेनल्टी अधिरोपित किया जाना आवश्यक होगा। माननीय रेरा पीठ-0१ए द्वारा पारित आदेश दिनांक १7.05.2022 के क्रम में प्रस्तुत पत्रावली पीठ के आदेश के उल्लंघन की बाबत भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) = अधिनियम-2046 की धारा-63 के अन्तर्गत अर्थदण्ड अधिरोपित हेतु प्राधिकरण के समक्ष पेश हो। आदेश की एक प्रति श्रीमान सचिव, रेरा को प्रेषित की जाये। विपक्षी को पुनः निर्देशित किया जाता है कि वह 3 माह के अन्दर माननीय रेरा पीठ के आदेश दिनांक 47.05.2022 के अनुपालन में यूनिट को तैयार कर, ओ.सी. सीसी प्राप्त कर शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में आवंटित यूनिट की रजिस्ट्री निष्पादित करना सुनिश्चित करें। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 08.09.2026 को पेश हो। (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण