Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Anil Bhargava v. Golfgreen Residency Private Limited
Complaint No. NCR144/10/82040/2021
- Decision date
- 2026-06-19
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40 / 63 सपठित नियम-24 43—Rrprad WeMT—NCR44/0/82040/202 अनिल भार्गव बनाम गोल्फग्रीन रेजिडेंसी प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 49.06.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री अतुल कुमार उपस्थित हुए। विपक्षी अनुपस्थित | सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। प्रश्नगत शकायत में माननीय पीठ-0१ए द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 42.42.2022 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्तागण को आवंटित मूल यूनिट में समस्त" सुविधाओं को अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर ओ.सी / सी.सी. के साथ मार्च 2023 तक यूनिट का भौतिक कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें।
2. विपक्षी परियोजना विलम्ब होने के सम्बंध में ब्याज शिकायतकर्तागण को हस्ताक्षारित अनुबंधानुसार कब्जा दिये जाने की तिथि के उपरांत से कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि या ओससी प्राप्त होने की तिथि जो बाद में हो तक शिकायतकर्तागण द्वारा जमा धनराशि पर विलम्ब ब्याज के रूप में MCLRH प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की देय धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही इस अवधि में शिकायतकर्ता द्वारा यदि कोई होल्डिंग चार्जेज अनुबन्धानुसार देय न होगा तथा यदि कोई अतिदेय (Over Dues) है, तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा। AE 3. विपक्षी को यह निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 2046 की धारा 2(za)(i) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी MCLR+H प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा लागू होने के बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गयी है, तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी।
4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्ता से मेटेनेन्स चार्जेज यूनिट का वास्तविक कब्जा देने की तिथि या यूनिट की समस्त सुविधाओं को पूर्ण कर अंतिम रूप देते हुए कब्जे हेतु लिखित सूचना देने की तिथि, जो भी पहले हो, से प्राप्त करेगा, परन्तु उक्त अवधि में विपक्षी, शिकायतकर्ता पर कोई होल्डिंग चार्जेज अधिरोपित नहीं करेगा। 5... इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। 6. यदि विपक्षी द्वारा इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्ताको यह अधिकार होगा कि रेरा प्राधिकरण के माध्यम से अपने आदेश का कियान्वयन करा wart | विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 42.42.2022 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-03 द्वारा दिनांक 24.03. 2024 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:-- उपरोक्त विश्लेषण व तथ्यों से स्पष्ट है कि विपक्षी ने पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 42.42.2022 के क्रम संख्या 4 व 2 का अनुपालन नहीं किया है। अतः सचिव रेरा को निर्देशित किया जाता है कि भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 206 की धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत पीठ द्वारा दिनांक 42.42. 2022 को धारा-34, के अन्तर्गत पारित आदेश के क्रम संख्या 2 के अनुसार जमा धनराशि पर विलम्बित अवधि का ब्याज हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करना सुनिश्चित करें।
विपक्षी द्वारा आदेश का अनुपालन न किये जाने के कारण भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 20i6 की धारा-63 के अन्तर्गत यथोचित अर्थदण्ड अधिरोपित किये जाने हेतु पत्रावली प्राधिकरण के समक्ष पेश की जाए। अन्तर्गत धारा-38,240,/63 की निष्पादन की कार्यवाही के दौरान माननीय सम्बन्धित रेरा पीठ द्वारा अपने आदेश का age कराते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जां उपलब्ध नहीं कराया जा सका और न ही शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई जा सकी। तदोपरान्त श्रीमान सचिव, रेरा द्वारा पारित आदेश दिनांक 29.22. 2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। विपक्षी को यह भी निर्देशित किया जातां है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी.//सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को i5 दिनों के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में आवंटित यूनिट की रजिस्ट्री निष्पादित करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 4.09.2026 को पेश हो। आई पा Se (न््यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण