Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Vinit Bahri v. Ats Dreamzone Private Limited
Complaint No. NCR144/10/78333/2021
Verified by Puneet Jain, Editor
- Decision date
- 2025-12-06
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar Status-Disposed
- Counsel
- Puneet Jain (for the respondent)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40 ,/“63 सपठित नियम-24 4-शिकायत PeIT:—NCR44/0/78333/202 विनित बाहरी बनाम एटीएस ड्रीमजोन प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 05.42.2025 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो ott के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश gel पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता सुश्री प्रिया उपस्थित हुई। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री पुनीत जैन उपस्थित हुए। petra शिकायत में माननीय पीठ-03, द्वारा नियमानुसार सुनवाई उपरान्त दिनांक 03.06.2022 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- (क). (ख) (घ) प्रतिवादी परिवादी को आवंटित इकाई का अधिपत्य ओ.सी/सी.सी के साथ जुलाई 2022 तक उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें | साथ ही परिवादी का यह दायित्व होगा कि अपनी देयता का भुगतान करते हुए अधिपत्त्य प्राप्त करें। प्रतिवादी विलम्बित अवधि के ब्याज के सम्बन्ध में दिनांक 05.04.2020 से ओ. सी/सी.सी प्राप्त होने या ऑफर ऑफ पजेशन जो बाद में हो की तिथि तक MCLR+ प्रतिशत की दर से दण्ड SIVT/ penal interest प्रतिवादी द्वारा परिवादी को भुगतान किया जाएगा। यह धनराशि अधिपत्य दिये जाने के समय अंतिम देय धनराशि में समायोजित किया जाएगा तथा अवशेष बची धनराशि प्रतिवादी द्वारा परिवादी को भुगतान की जाएगी।
परिवादी द्वारा यदि कोई धनराशि का भुगतान करना शेष है तो परिवादी बकाया धनराशि प्रतिवादी को भुगतान करें। परिवादी द्वारा जो धनराशि विलम्ब से भुगतान की गयी है तो उस स्थिति में रेरा अधिनियम 20:6 की धारा 2 gai) के अधीन प्रतिवादी विलम्बित अवधि का ब्याज प्राप्त करने का अधिकारी है परन्तु परिवादी द्वारा ब्याज MCLRH प्रतिशत की दर से अधिक देय नहीं होगा। प्रतिवादी द्वारा मूलभूत सुविधाओं के सम्बन्ध में शुल्क दोनों पक्ष के मध्य हस्ताक्षारित आवंटन पत्र/अनुबंध पत्र में निहित शर्तो के अनुसार ही प्राप्त करेगा तथा परिवादी ~* द्वारा जो धनराशि इस मद में भुगतान कर दी गयी है वह समायोजित किया जाएगा। (ड) परिवादी द्वारा भुगतान में किये गये विलम्ब व प्रतिवादी द्वारा परियोजना पूर्ण किये जाने में हुए विलम्ब के लिए फोर्स मैज्योर पीरिएड दिनांक 25 मार्च, 2020 से दिनांक 25.09.2020 की अवधि का ब्याज परिवादी व प्रतिवादी द्वारा भुगतान नहीं किया जाएगा। इस आदेश का उल्लंघन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दण्डनीय होगा। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 03.06.2022 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,//40,/63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-03 द्वारा दिनांक 04.0. 2024 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:-
उपरोक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए पत्रावली रेरा नियमावली 2046 के नियम-24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत आदेश दिनांक 03.06.2022 के क्रम संख्या “क” के अनुसार यूनिट के भौतिक कब्जे की कार्यवाही हेतु न््यायनिर्णायक अधिकारी cu के समक्ष सुनवाई हेतु दिनांक 02.42.2024 के लिए संदर्भित की जाती है। सचिव, उ.प्र.रेरा, पीठ द्वारा दिनांक 03.06.2022 को धारा-34, के अन्तर्गत पारित आदेश के क्रम संख्या “ख” के अनुसार “जमा धनराशि पर विलम्बित अवधि का ब्याज हेतु वसूली प्रमाण पत्र” जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि 02.42.2024 से पूर्व न्यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। यदि न्याय निर्णायक अधिकारी नियम 24 की कार्यवाही के दौरान यह पाते है कि विपक्षी / प्रमोटर द्वारा आदेश अन्तर्गत धारा-34, दिनांकित 03.06.2022 का समयबद्ध रूप से अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है तो ऐसी दशा में न्याय निर्णायक अधिकारी प्रकरण में रेरा अधिनियम की धारा 63 की कार्यवाही किये जाने हेतु पत्रावली पीठ को वापस संदर्भित कर सकते है। अन्तर्गत धारा-38 /40,/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा न दिलाये जाने पर तथा रजिस्ट्री निष्पादित न होने के कारण माननीय ध्रीठ-03 द्वारा पारित आदेश दिनांक 04.:0.2024 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की + हेतु इस पीठ को भेजी गयी।
उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। विपक्षी द्वारा आज सुनवाई के दौरान बताया गया शिकायतकर्ता को आदेश दिनांक 03.06.2022 के अनुपालन में कब्जा दिनांक 30.05.2025 को उपलब्ध करा दिया गया है और शिकायतकर्ता के पक्ष में आवंटित यूनिट रजिस्ट्री निष्पादित करा दी गई है। विपक्षी द्वारा कब्जा-पत्र दिनांकित 30. 05.2025 एवं समझौतानामा दिनांकित 24.07.2025 की प्रति दाखिल की गई हैं। आज सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की विद्वान अधिवक्ता द्वारा भी पुष्टि की गई कि विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा दे दिया गया है और शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री करा दी गई है और अब कोई कार्यवाही शेष नहीं है। कब्जा-पत्र दिनांकित 30.05.2025 एवं समझौतानामा दिनांकित 24.07.2025 के अवलोकन से यह विदित है कि विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता को कब्जा उपलब्ध करा दिया गया है और रजिस्ट्री भी करा दी गई है और शिकायतकर्ता का विपक्षी के साथ समझौता a हो चुका है। प्रश्नगत प्रकरण में अब कोई कार्यवाही शेष नहीं है। वर्णित स्थिति में “ay पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही के अन्तर्गत शिकायतकर्ता को कब्जा प्राप्त हो i Sq एवं रजिस्ट्री निष्पादित हो जाने तथा माननीय पीठ-03 द्वारा पारित आदेश दिनांकित 3.06.2022 का अनुपालन विपक्षी द्वारा किये जाने के आधार पर पूर्ण संतुष्टि में निस्तारित की जाती है। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये। तदनुसार पत्रावली दाखिल दफ्तर हो। आर. पी. Fi एलन (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण