Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Vinit Bahri v. Ats Dreamzone Private Limited
Complaint No. NCR144/10/78333/2021
Verified by Puneet Jain, Editor
- Decision date
- 2025-02-04
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar Status-Disposed
- Counsel
- Puneet Jain (for the respondent)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40 /63 सपठित नियम-24 43-शिकायत GATENCR44/0/78333/202] विनित बाहरी बनाम एटीएस ड्रीमज़ोन प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 04.02.2025 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फेसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री तेजस्वी उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री पुनीत जैन उपस्थित हुए। शिकायतकर्ता द्वारा अवगत कराया गया है कि विपक्षी द्वारा अभी तक यूनिट का कब्जा नहीं दिया गया है और न ही हस्तान्तरण विलेख निष्पादित एवं पंजीकृत कराया गया है। प्रश्नगत शिकायत में माननीय पीठ-03, द्वारा नियमानुसार सुनवाई उपरान्त दिनांक 03.06.2022 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- (क). (ख) (ख) प्रतिवादी परिवादी को आवंदित इकाई का अधिपत्य ओ.सी/सी.सी के साथ जुलाई 2022 तक उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। साथ ही परिवादी का यह दायित्व होगा कि अपनी देयता का भुगतान करते हुए अधिपत्य प्राप्त करें। प्रतिवादी विलम्बित अवधि के ब्याज के सम्बन्ध में दिनांक 05.04.2020 से ओ. सी /सी.सी प्राप्त होने या ऑफर ऑफ पजेशन जो बाद में हो की तिथि तक MCLRH प्रतिशत की दर से दण्ड ब्याज / penal interest प्रतिवादी द्वारा परिवादी को भुगतान किया जाएगा। यह धनराशि अधिपत्य दिये जाने के समय अंतिम देय धनराशि में समायोजित किया जाएगा तथा अवशेष बची धनराशि प्रतिवादी द्वारा परिवादी को भुगतान की जाएगी।
परिवादी द्वारा यदि कोई धनराशि का भुगतान करना शेष है तो परिवादी बकाया धनराशि प्रतिवादी को भुगतान करें। परिवादी द्वारा जो धनराशि विलम्ब से भुगतान की गयी है तो उस स्थिति में रेरा अधिनियम 2046 की धारा 2 ७०७) के अधीन प्रतिवादी विलम्बित अवधि का ब्याज प्राप्त करने का अधिकारी है परन्तु परिवादी द्वारा ब्याज धटा॥२+ प्रतिशत की दर से अधिक देय नहीं होगा। सजग (घ) प्रतिवादी द्वारा मूलभूत सुविधाओं के सम्बन्ध में शुल्क दोनों पक्ष के मध्य हस्ताक्षारित आवंटन पत्र/अनुबंध पत्र में निहित शर्तों के अनुसार ही प्राप्त करेगा तथा परिवादी द्वारा जो धनराशि इस मद में भुगतान कर दी गयी है वह समायोजित किया जाएगा। (ड) परिवादी द्वारा भुगतान में किये गये विलम्ब व प्रतिवादी द्वारा परियोजना पूर्ण किये जाने में हुए विलम्ब के लिए फोर्स मैज्योर पीरिएड दिनांक 25 मार्च, 2020 से दिनांक 25.09.2020 की अवधि का ब्याज परिवादी व प्रतिवादी द्वारा भुगतान नहीं किया जाएगा। इस आदेश का उल्लंघन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 206 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दण्डनीय होगा। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-03, द्वारा दिनांक 04.:0.2024 को धारा-38 / 40 / 63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- उपरोक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए पत्रावली रेरा नियमावली 2046 के नियम-24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत आदेश दिनांक 03.06.2022 के क्रम संख्या “क” के अनुसार यूनिट के भौतिक कब्जे की कार्यवाही हेतु न््यायनिर्णायक अधिकारी उ.प्र.रेरा के समक्ष सुनवाई हेतु दिनांक 02.42.2024 के लिए संदर्भित की जाती है।
सचिव, उ.प्र.रेरा, पीठ द्वारा दिनांक 03.06.2022 को धारा-3, के अन्तर्गत पारित आदेश के क्रम संख्या “ख” के अनुसार “जमा धनराशि पर विलम्बित अवधि का ब्याज हेतु वसूली प्रमाण पत्र” जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि 02.42.2024 से पूर्व न्यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। यदि न्याय निर्णायक अधिकारी नियम 24 की कार्यवाही के दौरान यह पाते है कि विपक्षी / प्रमोटर द्वारा आदेश अन्तर्गत asi, दिनांकित 03.06.2022 का समयबद्ध रूप रो अनुपालन Yad नहीं किया जा रहा ऐ तो ऐसी दशा में न्याय निर्णायक अधिकारी प्रकरण में रेश अधिनियम की धारा 63 की कार्यवाही किये जाने हेतु पत्रावली पीठ को वापस संदर्भित कर सकते है। अन्तर्गत धारा-38 / 40 /63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा न दिलाये जाने पर तथा रजिस्ट्री निष्पादित न होने के कारण माननीय पीठ-03 द्वारा पारित आदेश दिनांक 04.:0.2024 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को भेजी गयी। पत्रावली आज प्रथम सुनवाई हेतु इस पीठ को पेश हुई। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव पत्र वैध ओ.सी.,/ सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को 45 दिनों के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें। तद्पश्चात शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट का कब्जा उपलब्ध करते हुए रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित wt) उभयपक्षों को यदि कोई आपत्ति हो तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकते हैं। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु नियत तिथि 08.04.2025 को पेश हो।
(न््यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण