Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Rashmi More v. Green Bay Infrastructure Private Limited
Complaint No. NCR144/10/64231/2020
- Decision date
- 2026-08-14
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar Status-Disposed
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40/63 सपठित नियम-24 3-शिकायत PAT—NCR44/0/6423 /2020 रश्मी aR बनाम ग्रीन बे इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 42.08.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो omit के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से. विद्वान अधिवक्ता श्री कैलाश पाण्डेय उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री राज सिंह उपस्थित हुए | उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। आदेश दिनांक 29.06.2026 के अनुपालन में रेरा अधिकृत रिसीवर द्वारा अपनी काुर्की आख्या दिनांकित to. 08.2026 दाखिल की गई है, जिसके अनुसार शिकायतकर्ता की यूनिट संख्या-बी.45 को निरस्त किये जाने तथा वर्तमान में वरुण गोयल एवं रोहिणी गोयल का अलॉटमेन्ट तथा कब्जा प्राप्त होने की अवस्था में शिकायतकर्ता की यूनिट की galt नहीं की जा सकी है। प्रश्नगत शिकायत में माननीय पीठ-04ए, द्वारा नियमानुसार सुनवाई उपरान्त दिनांक 24.06.2024 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- |
4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्तागण के प्लॉटस् की समस्त सुविधाओं को अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 34.08.2020 तक ओ.सी /सी.सी auger कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री / cn Carr सुनिश्चित करें। “ies 2 विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 22.05.20:4 से दिनांक 30.04.2046 तक 45 /— 5 «८ रूपये प्रतिवर्ग गज प्रतिमाह (4,/- रूपये प्रति वर्ग मीटर प्रतिमाह) की दर से एवं दिनांक 07.05.20i6 से ओ.सी.,/सी.सी. अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि, जो भी बाद में हो, तक की अवधि पर शिकायतकर्ता द्वारा. जमा धनराशि पर विलम्ब ब्याज के रूप में MCLR+ प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की देय धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर शिकायतकर्ता को वापस की ae | फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत = ४ रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही इस अवधि में शिकायतकर्ता द्वारा यदि कोई होल्डिंग चार्जेज़ अनुबन्धानुसार देय न होगा तथा यदि कोई अतिदेय (Over Dues) है, तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा। अन्य शिकायतकर्तागण के प्रकरण में अनुबन्ध के अनुरूप उपरोक्तानुसार गणना की जायेगी।
3. विपक्षी को यह निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 2046 की धारा 2(za) (i) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी टा,एऑना प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा लागू होने के बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गयी है, तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी। 4. शिकायतकर्ता Gra किशोर गुप्ता व अन्य, श्याम सुन्दर गुप्ता एवं पुष्पा गोयल, तुषार मित्तल एवं पवन कुमार बंसल, संजीव कुमार गुप्ता एवं एम.जे. नसीम), विपक्षी से गोल्फ मेम्बरशिप लेने के लिए बाध्य नहीं हैं और यदि शिकायतकर्तागण द्वारा गोल्फ मेम्बशशिप लेने की सहमति दी जाती है. तभी विपक्षी, शिकायतकर्तागण से गोल्फ मेम्बरशिप के मद में धनराशि की माँग करने का अधिकारी है। 5. इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बन्धित पत्रावलियों पर रखी जाये एवं इस आदेश में प्रतिपादित सिद्धान्त के अनुरूप धनराशि व ब्याज की प्रत्येक मामले में गणना की जायेगी। । 6. इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 20:6 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये। 7. यदि विपक्षी द्वारा इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्तागण को यह अधिकार होगा कि रेरा प्राधिकरण के माध्यम से अपने आदेश का कियान्वयन करा सकेगें। i उपरोक्त शिकायत में मा. te-oy द्वारा दिनांक 25.05.2022 को t-38 / 40 / 63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:-
७ 2 वर्णित तथ्यों एवं समस्त परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए यदि विपक्षी द्वारा fie 34.07.2022 तक कब्जा दिये जाने की सूचना, आदेश दिनांक 24.06.2024 के अनुसार अकाउन्टस् Vea कर कम्पलेन्ट पेज पर अपलोड नहीं की जाती है, तो दिनांक 34.07.2022 के बाद सचिव, रेरा प्रकरण में आदेश दिलज़ांक 24.06.2024 के अनुसार विलम्बित अवधि के ब्याज की धनराशि हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करायें एवं विपक्षी ,/ प्रमोटर के विरुद्ध रेरा अधिनियम-2046 की धारा-63 के अन्तर्गत यथोचित अर्थदण्ड अधिरोपित किये जाने हेतु आहत समक्ष पेश की जायेगी। / फू. अन्तर्गत धारा-38,/40,/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध नहीं कराया जा सका और न ही यूनिट की रजिस्ट्री कराई जा सकी और यहाँ तक कि अकाउण्ट सेटल भी नहीं कराया गया और श्रीमान सचिव, रेरा को विलम्ब ब्याज की धनराशि की वसूली प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु लिखा गया और नियम-24 के अन्तर्गत कब्जा एवं रजिस्ट्री हेतु श्रीमान सचिव, रेरा द्वारा पारित कार्यालय आदेश-पत्र दिनांक 42.06.2024 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को भेजी गयी।
इस पीठ द्वारा माननीय रेरा पीठ-0ए द्वारा पारित आदेश को सुनिश्चित कराने हेतु विपक्षी को निर्देशित किया गया और विपक्षी की ओर से दिनांक 09.07.2025 को इस पीठ के समक्ष उपस्थित होकर अपना जवाब प्रस्तुत किया गया, जिसमें यह कहा गया कि शिकायतकर्ता द्वारा बकाया धनराशि का भुगतान न करने के कारण दिनांक 47.06.2024 को शिकायतकर्ता की यूनिट को निरस्त कर दिया गया है और दिनांक 07.05.2025 को वरुण गोयल एवं रोहिणी गोयल को शिकायतकर्ता की यूनिट आवंटित कर दी गई है तथा यूनिट का कब्जा भी नये आवंटी वरुण गोयल एवं रोहिणी गोयल को दिया जा चुका है। इस पीठ द्वारा दिनांक 29.06.2026 को शिकायतकर्ता द्वारा दाखिल प्रार्थना-पत्र आदेश-24 सिविल प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत यूनिट को कुर्क करने और शिकायतकर्ता की यूनिट को न्यायालय के कब्जे में लेने का आदेश पारित किया गया और रेरा अधिकृत रिसीवर को नियुक्त कर निर्देशित किया गया कि यूनिट at aa कर, न्यायालय के कब्जे में लेकर अपनी आख्था प्रस्तुत करें। रेरा अधिकृत रिसीवर द्वारा अपनी आख्या दिनांकित 40.07.2026 में यह कहा गया कि यूनिट का इसलिए gai नहीं कर पाये क्योंकि शिकायतकर्ता की यूनिट वरुण गोयल एवं रोहिणी गोयल के कब्जे में है। अतः क्योंकि विपक्षी द्वारा माननीय रेरा dte—orw द्वारा पारित आदेश दिनांक 22.06. 2024 के विरुद्ध जाकर मनमाने तरीके से यूनिट को निरस्त कर तृतीय पक्ष को शिकायतकर्ता की यूनिट को आवंटित/हस्तांतरित कर दिया गया है। ऐसी स्थिति में ह eee द्वारा जानबूझकर माननीय Wr de-ory द्वारा पारित आदेश दिनांक 24.06.2024 (EY ONS / पालन नहीं किया गया है। (४ व्यूपनिर्गगक sem) A
Li eT ia) नि ea >क़्योंकि शिकायतकर्ता की आवंटित यूनिट विपक्षी द्वारा निरस्त कर दी गई है और Sada ta को आवंटित कर दी गई है, जैसा कि रेरा अधिकृत रिसीवर द्वारा दाखिल उक्त आख्या से भी स्पष्ट है। अतः शिकायतकर्ता की यूनिट को पुनर्स्थापित और तृतीय पक्ष के पक्ष में आवंटन को निरस्त करने का अधिकार सम्बन्धित पीठ को, जी | प्रश्नगत पत्रावली सम्बन्धित पीठ को इस आशय से वापस भेजी जाये कि शिकायतकर्ता की यूनिट को पुनर्स्थापित कर कब्जे एवं रजिस्ट्री की कार्यवाही हेतु यदि प्रश्नगत पत्रावली पुनः इस पीठ को वापस भेजी जाती है, तो यह पीठ आदेश-24 सिविल प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत कार्यवाही करते हुए ER शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा दिलाने एवं यूनिट की रजिस्ट्री कराने हेतु अग्निम CY a कार्यवाही करेगी | पे री $) प्रश्नगत पत्रावली तदनुसार सम्बन्धित पीठ को वापस भेजी जाये। आदेश रेरा पोर्टल हु 5.“ पर अपलोड किया जाये। आर. पी. Rig 0- G (न््यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण