Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Ajay Shukla and Sarita Shukla v. Radicon Infrastructure & Housing Pvt Ltd
Complaint No. NCR144/10/63901/2020
- Decision date
- 2026-06-09
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40/63 सपठित नियम-24 44-शिकायत WAT—NCR 44/0/6390/2020 अजय Yeon एवं सरिता शुक्ला बनाम रेडिकॉन इंफ्रास्ट्रक्चर एंड हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 09.06.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री अनुराग तिवारी उपस्थित हुए। विपक्षी अनुपस्थित | सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गय। शिकातयकर्ता द्वारा बताया गया कि उसको विपक्षी द्वारा अभी तक यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया गया है और न ही उसके पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई गई है। gemma शकायत में माननीय पीठ-02 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 28.05.2024 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्ता के मूल यूनिट की समस्त सुविधाओं को आवंटन पत्र,/अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 34.42.2024 तक ail. सी./ सी.सी. सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय KT शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें।
> विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 04.05.20i5 से दिनांक 30.04.206 तक 5 रुपये प्रति वर्गफुट प्रतिमाह की दर से व दिनांक 07.05.2046 से ओ.सी./ सी.सी. प्राप्त होने अथवा कब्जा ऑफर किये जाने, जो भी बाद में हो, की तिथि तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा घनराशि पर MCLRH प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर से विलम्बित अवधि का ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाता है कि ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी और यदि ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक है, तो नियमानुसार शिकायतकर्ता को वापस की जाये। अन्य शिकायतकर्ता के प्रकरण में अनुबन्ध के अनुरूप उपरोक्तानुसार गणना की जायेगी। कोविड-49 की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु देश में हुए लॉकडाउन एवं फोर्स मैज्योर को दू a ष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 तक परियोजना में हुए. विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जाएगी। 3. विपक्षी, उपरोक्तानुसार कब्जा ऑफर पत्र ओ.सी. मिलने के उपरान्त जारी करना सुनिश्चित करें। 4... विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम 2046 की धारा 2Aza)(i) के अन्तर्गत रेरा लागू होने के बाद यदि कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित ब्याज दर MCLR+H प्रतिशत है। 5. इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बंधित पत्रावलियों पर रखी जाये एवं इस ओदश में प्रतिपादित सिद्धान्तों के अनुरूप धनराशि व ब्याज की प्रत्येक मामले में गणना की जायेगी। इस आदेश का Verda भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा।
विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 28.05.2024 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38/40,/63 के अन्तर्गत var आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-02 (पूर्व पीठ-04) द्वारा दिनांक 09.04.2024 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- अतः समस्त तथ्यों एवं परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए सचिव, रेरा को निर्देशित किया जाता है कि प्रश्नगत प्रकरण में पीठ द्वारा पूर्व 4 ast के अन्तर्गत पारित आदेश दिनांक 28.05.2024 के प्रस्तर संख्या-2 के अनुसार विलम्बित अवधि के ब्याज हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करना सुनिश्चित करें। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 28.05.2024 का अनुपालन न किये जाने के कारण रेरा अधिनियम, 20i6 की धारा-63 के अन्तर्गत यथोचित अर्थदण्ड अधिरोपित किये जाने हेतु पत्रावली प्राधिकरण के समक्ष पेश की जाए। अन्तर्गत धारा-38,/40,/63 की निष्पादन की कार्यवाही के दौरान माननीय सम्बन्धित रेरा पीठ द्वारा अपने आदेश का निष्पादन कराते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया जा सका और न ही शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई जा सकी। तदोपरान्त श्रीमान सचिव, रेरा द्वारा पारित कार्यालय आदेश दिनांक 02.42.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को ay की गई। पत्रावली आज नियम-24 की सुनवाई हेतु इस पीठ के समक्ष प्रथम बार श हुई | विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी.,/ सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित शा अर
(यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को एक माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें| शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में आवंटित यूनिट की रजिस्ट्री निष्पादित करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 09.09.2026 को पेश हो। (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण