Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Dinesh Bajaj v. Rudra Buildwell Projects Private Limited
Complaint No. NCR144/10/63743/2020
- Decision date
- 2026-08-17
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, / कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38,/40 //63 सपठित नियम-24 48—ferprard PA—NCR44/0/63743/2020 दिनेश बजाज बनाम wal fiesta प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 47.08.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन््फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री अनुराग तिवारी उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता सुश्री समीक्षा उपस्थित हुई। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। शिकायंतकर्ता द्वारा बताया गया कि विपक्षी द्वारा आज तक यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया गया है और न ही यूनिट की रजिस्ट्री कराई गई है। gerd शकायत में माननीय पीठ-03 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 06.07.202 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- (क) प्रतिवादी परिवादी को आवंटित इकाई का अधिपत्य ओ.सी/सी. सी के साथ दिसम्बर 202 तक उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। (ख) प्रतिवादी विलम्बित अवधि के सम्बंध में ब्याज दिनांक 42.02. 2047 से ओ.सी» सी. सी प्राप्त होने की तिथि या ऑफर ऑफ पोजेशन जारी करने की तिथि, जो बाद में हो तक MCLR+H% की दर से प्रमोटर द्वारा दण्ड ब्याज / penal interest परिवादी को भुगतान किया जाएगा। इस धनराशि अधिपत्य दिये जाने के समय अंतिम देय धनराशि में समायोजित को की जाए तथा अवशेष बची धनराशि प्रतिवादी द्वारा परिवादी को भुगतान की जाएगी।
(ग) परिवादी द्वारा यदि कोई धनराशि का भुगतान करना शेष है तो परिवादी बकाया धनराशि प्रतिवादी को भुगतान करें। परिवादी द्वारा जो धनराशि विलम्ब से भुगतान की गयी है तो उस स्थिति में रेश अधिनियम की धारा 2 (zai) के अधीन प्रतिवादी विलम्बित =i हे अवधि का ब्याज प्राप्त करने का अधिकारी है परन्तु परिवादी द्वारा ब्याज MCLRH% की दर से अधिक देय नहीं होगा। (घ) परिवादी द्वारा भुगतान में किये गये विलम्ब व प्रतिवादी परियोजना पूर्ण किये जाने में हुये विलम्ब के लिए फोर्स मैज्योर पीरिएड (लॉकडाउन पीरिएड) दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 की अवधि का ब्याज परिपरिवादी व प्रतिवादी द्वारा भुगतान नही किया जायेगा | (ड) प्रतिवादी द्वारा परियोजना पंजीकरण समय अवधि समाप्त होने उपरांत समय विस्तार नहीं कराया गया जो रेरा अधिनियम की धारा 6 का उल्लंघन किया गया। प्रतिवादी के विरूद्ध विधि सम्यक कार्यवाही करने हेतु आदेश की एक-एक प्रति सचिव रेरा व तकनीकी सलाहकार को प्रेषित हो। | इस आदेश का उल्लंघन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 20.6 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 06.07.2024 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-02 द्वारा दिनांक 45.04. 2024 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है किः- उपरोक्त विश्लेषण व तथ्यों से स्पष्ट है कि विपक्षी ने पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 06.07.2024 के क्रम संख्या क व ख का अनुपालन नहीं किया है।
अतः सचिव रेरा को निर्देशित किया जाता है कि भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 20i6 की धारा-38,//40,/63 के अन्तर्गत पीठ द्वारा दिनांक 06.07. 2024 को धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश के क्रम संख्या ख के अनुसार जमा धनराशि पर विलम्बित अवधि का ब्याज हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करना सुनिश्चित करें। विपक्षी द्वारा आदेश का अनुपालन न किये जाने के कारण भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 20i6 की धारा-63 के अन्तर्गत यथोचित अर्थदण्ड अधिरोपित किये जाने हेतु पत्रावली प्राधिकरण के समक्ष पेश की जाए। अन्तर्गत धारा-38,/40,/63 की निष्पादन की कार्यवाही के दौरान माननीय सम्बन्धित रेरा पीठ द्वारा अपने आदेश का निष्पादन कराते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का अधिपत्य उपलब्ध नहीं कराया जा सका। दिनांक 45.04.2024 को सम्बन्धित पीठ द्वारा निष्पादन की कार्यवाही के दौरान विलम्ब ब्याज की धनराशि की वसूली प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु श्रीमान सचिव, उ.प्र. रेरा को निर्देशित किया गया और सम्बन्धित पीठ द्वारा अपने धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश के अनुसार बकाया धनराशि का समायोजन नहीं कराया गया और न ही विपक्षी से अकाउण्ट सेटल कराने की कार्यवाही की गई। प्रश्नगत पत्रावली श्रीमान सचिव, उ.प्र. रेरा द्वारा पारित कार्यालय आदेश दिनांक 02.06.2026 के अनुसार नियम-24 के अन्तर्गत कब्जे एवं रजिस्ट्री हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। नियम-24 के अन्तर्गत इस पीठ के समक्ष आज प्रथम बार प्रश्नगत पत्रावली पेश Be | शिकायतकर्ता द्वारा प्रार्थना-पत्र इस आशय का दाखिल किया गया है कि नियम-24 के अन्तर्गत विपक्षी से माननीय wr पीठ द्वारा पारित आदेश का निष्पादन कराया जाये।
अतः विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 06.07.2024 के अनुसार यूनिट का अधिपत्य शिकायतकर्ता को उपलब्ध कराने हेतु कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी.,/सी.सी. सहित बकाया cal की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को 45 दिनों के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का अधिपत्य उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 42.44.2026 को पेश हो। आए थी REO vs (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण