Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Shefali Nagpal and Rahul Nagpal v. ATS Realty Private Limited
Complaint No. NCR144/10/62560/2020
Verified by Puneet Jain, Editor
- Decision date
- 2025-11-25
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar Status-Disposed
- Counsel
- Puneet Jain (for the respondent)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40/63 सपठित नियम-24 44-शिकायत PA—NCR44/0/62560/2020 शेफाली नागपाल एवं राहुल नागपाल बनाम एटीएस रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड आदेस्-पत्र दिनांक: 25.44.2025 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो asia के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता अनुपस्थित। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री पुनीत जैन उपस्थित हुए। yeaa शिकायत में माननीय पीठ-02 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 25.03.2024 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्ता के यूनिट की समस्त सुविधाओं को आवंटन पत्र,अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 34.07.2020 तक ओ. aan. सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें। 2... विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 34.0320:9 से ओ.सीसी.सी प्राप्त होने अथवा कब्जा ऑफर किये जाने, जो भी बाद में हो, की तिथि तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा घनराशि पर MCLRH प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर से विलम्बित अवधि का ब्याज अदा करना सुनिश्चित करे। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाता है कि ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी और यदि ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक है, तो नियमानुसार शिकायतकर्ता को वापस की जाये। कोविड-49 की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु देश में हुए लॉकडाउन एवं फोर्स मैज्योर को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जाएगी।
3. विपक्षी उपरोक्तानुसार कब्जा ऑफर पत्र ओ.सी. मिलने के उपरान्त जारी करना सुनिश्चित करे। 4. विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम 2076 के धारा 2(:४)6) के अन्तर्गत यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित ब्याज दर MCLR+ प्रतिशत है। 5... विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 34.07.2024 तक कब्जा देने में असफल रहता है, तो यह दिनांक 34.07.2024 के पश्चात् 45 दिनों के अन्दर शिकायतकर्ता द्वारा जमा घनराशि MCLRH प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर सहित वापस अदा करना सुनिश्चित करें| इस आदेश का Verda भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 25.03.2024 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत var आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-02 द्वारा दिनांक 27.04. 2022 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि मार्च 2022 तक ईकाई का कब्जा पूर्ण करा कर समस्त सुविधाओं के साथ उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। सचिव रेरा, को आदेशित किया जाता है कि विलम्बित अवधि का वसूली प्रमाण पत्र जारी करना सुनिश्चित करें। पत्रावली धारा-63 के अन्तर्गत कार्यवाही हेतु प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत की जाये।
तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38,/40/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने एवं रजिस्ट्री कराये जाने के कारण श्रीमान सविच, रेरा द्वारा पारित कार्यालय आदेश दिनांक 08.07.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ के समक्ष आज प्रथम बार पेश हुई। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी.,/सी.सी. सहित बकाया eat की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को 2 माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें| शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में आवंटित यूनिट की रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 25.02.2026 को पेश हो। —j आर. पी. Rig (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण