Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Arvind Kumar Singhal v. La Residentia Developers Private Limited
Complaint No. NCR144/10/49411/2021
Verified by Puneet Jain, Editor
- Decision date
- 2025-10-31
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
- Counsel
- Puneet Jain (for the respondent)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
English translation. Machine translation from the Hindi by AI (Claude Haiku), not reviewed. The original order below is the authoritative text.
U.P. Real Estate Regulatory Authority Regional Office, Gautam Buddh Nagar Hearing Bench: Adjudicating Officer Proceedings under Sections 38/40/63 read with Rule 24 44—[?]—NCRI44/0/494I/202] Arvind Kumar Singhal Versus La Residentia Developers Private Limited Order Sheet Date: 34.40.2025 The complainant's case was presented through video conferencing. The file was taken up. When called, the complainant appeared in person, and his learned advocate Shri Rishendra appeared. On behalf of the opposite party, learned advocate Shri Puneet Jain appeared. Both parties were heard and the file was perused. The complainant has informed that the opposite party has not yet given possession of the unit, and that the conveyance deed has neither been executed nor registered. In the complaint in question, the Hon'ble Bench-0[?] (formerly Bench-04A), after hearing in accordance with the rules, passed the following orders on 27.04.2022:
3. The opposite party is directed to complete all facilities of the flats of the complainants at serial numbers [?] to 2 in the above table, as per the agreement, and to ensure handing over of possession with O.C./C.C. by 34.2.2022, and, on receipt of payable stamp duty, to get the registration done as per rules. Also, for the flat of the complainant at serial number 3 in the above table, the opposite party is directed to complete all facilities as per the agreement and ensure handing over of possession with O.C./C.C. by 30.06.2022, and to get the registration done as per rules. 2. The opposite party shall pay to the complainants, at Rs. 5/- per square foot per month for the period from 26.03.2045 to 30.04.2047 and from 04.05.2047 till the date O.C./C.C. is obtained or possession is offered, whichever is later, delayed-period interest at MCLR+H per cent on the amount deposited by the complainant himself. The interest amount shall be adjusted in the final payable amount. If the interest amount exceeds the amount payable, it shall be refunded to the complainant. In view of the force majeure period, interest shall not be calculated for the delay in the project from 25.03.2020 to 25.09.2020. Also, if the complainant has any overdues (Over Dues) during this period, interest on them shall not be payable. In the cases of the other complainants, delayed-period interest shall be calculated as above, in accordance with the agreement.
: उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकंरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40,/63 सपठित नियम-24 ~ 44—fereprad WAL—NCRI44/0/494I/202] अरविन्द कुमार सिंघल बनाम ला रेजिडेंटिया डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांकः ३4.40.2025 i शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता स्वयं उपस्थित हुए एवं उनके विद्वान अधिवक्ता श्री ऋषेन्द्र उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री पुनीत जैन उपस्थित हुए | ह उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया war शिकायतकर्ता द्वारा अवगत कराया गया है कि विपक्षी द्वारा अभी तक यूनिट का कब्जा नहीं दिया गया है और न ही हस्तान्तरण विलेख निष्पादित एवं पंजीकृत कराया गया है। med शिकायत में माननीय पीठ-0॥ए द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 27.04.2022 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 3. ua को आदेशित किया जांता है कि वह उपरोक्त सारणी के क्रमांक संख्या- से 2 तक के शिकायतकर्तागण के फ्लैटस् की समस्त सुविधाओं को अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 34.2.2022 तक ओ.सी,/सी.सी सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें तथा उपरोक्त सारणी के क्रमांक संख्या-3 के शिकायतकर्ता के फ्लैट की समस्त सुविधाओं को अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 30.06.2022 तक ओ.सी/सी.सी सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय tera शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें।
2. विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 26.03.2045 से दिनांक 30.04.2047 तक 5/- रूपये प्रतिवर्ग फुट प्रतिमाह की दर से व दिनांक 04.05.2047 से ओ.सी. / सी.सी. प्राप्त किये जाने की तिथि अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि, जो भी बाद में हो, तक की अवधि पर शिकायतकर्ता द्वारा स्वयं जमा धनराशि पर विलम्ब ब्याज के रूप में MCLR+H प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की देय ----धनसशि-में -समायोजित-की--जायेमी।-ब्याज-की-धनसशि-देय-धनसशि-झे-अधिक -होने - पर शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक =h 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही इस अवधि में शिकायतकर्ता द्वारा यदि कोई अतिदेय Over Dues) है, तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा। अन्य शिकायतकर्तागण के प्रकरणों में उपरोक्तानुसार अनुबन्ध के अनुरूप विलम्ब ब्याज की गणना की जायेगी। 3. विपक्षी को यह निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 20i6 की धारा 2(४)6) के अनुसार यदि Wary होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी धटा।एका प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा लागू होने के बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गयी है. तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी।
4... इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बन्धित पत्रावलियों पर रखी जाये एवं इस आदेश में प्रतिपादित सिद्धान्त के अनुरूप धनराशि व ब्याज की प्रत्येक मामले में गणना की जायेगी। 5... इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 20:6 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। 6. यदि विपक्षी द्वारा इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्तागण को यह अधिकार होगा कि रेरा प्राधिकरण के माध्यम से अपने आदेश का कियान्वयन करा सकेगें। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 27.04.2022 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत उक्त आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थन-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. tre—-o. (पूर्व में पीठ-04ए) द्वारा दिनांक 06.09.2025 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- अत: उपर्युक्त वर्णित तथ्यों एवं समस्त परिस्थितियों के दृष्टिगत पत्रावली नियम-24 में निहित शक्तियों के अधीन पीठ द्वारा धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश, दिनांक 27-04--2022 के प्रस्तर-04 के अनुसार प्रश्नगत फ्लैट के भौतिक कब्जे एवं रजिस्ट्री की कार्यवाही हेतु मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष सुनवाई के लिए, दिनांक 34-40-2025 को संदर्भित की जाती है। सचिव, उ.प्र. रेरा प्रकरण में आदेश, दिनांक 27-04-2022 के प्रस्तर-02 के अनुसार दिनांक 20-70-2025 B पूर्व विपक्षी द्वारा देय विलम्बित अवधि के ब्याज की धनराशि हेतु वसूली प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि से पूर्व मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
यदि मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी नियम-24 की कार्यवाही के दौरान यह पाते हैं कि विपक्षी / प्रोमोटर द्वारा आदेश अन्तर्गत धारा-34, दिनांक 27-04--2022 का समयबद्ध ey से अनुपालन सुनिश्चित नहीं far जा रहा है, तो ऐसी दशा में मा-न्यायनिर्णायक = अधिकारी प्रकरण को रेरा अधिनियम की धारा-63 की कार्यवाही किये जाने हेतु पीठ को वापस सन्दर्भित कर सकते हैं। तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38 /40,/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने एवं रजिस्ट्री न कराये जाने के कारण मा. पीठ-0॥ (पूर्व में पीठ--0ए) द्वारा पारित आदेश दिनांक 06.09.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी./सी.सी. सहित बकाया cat की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को 4 माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को ufe कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति गणना शीट सहित दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 26.42.2025 को पेश हो। —_ आर. पी. सिंह (न््यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण