Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Nikhil Jain v. Rise Projects Pvt Ltd
Complaint No. NCR144/10/133762/2025
Verified by Puneet Jain, Editor
- Decision date
- 2026-06-06
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Bench 2
- Counsel
- Puneet Jain (for the respondent)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
English translation. Machine translation from the Hindi by AI (Claude Haiku), not reviewed. The original order below is the authoritative text.
U.P. Real Estate Regulatory Authority, Regional Office, Gautam Buddh Nagar. Order under Section 34, Bench-2 Judgment and Order under Section 34 read with Section 37 Present: Shri T. Venkatesh, Member Complaint No.: NCR44/I0/733762/2025 Nikhil Jain vs. Rise Projects Pvt. Ltd. The present complaint application has been instituted by the complainant against the opposite party seeking possession of the unit and interest for the delayed period. In brief, the complainant states that on 26.05.2022 they booked unit no. [?], Villa 9, Street 8, in the opposite party's project Rise Resort Residences Phase-I [?], against a total price of Rs. 4,97,62,000/-, and paid Rs. 2,07,7,750/- from time to time in installments.
In the detailed complaint filed, the complainant has stated that they booked a unit/villa in the opposite party's project, but to date the opposite party has not obtained the occupancy/completion certificate from the competent development authority. Further, as per clause 7.4 of the flat buyer agreement executed between the parties, an assurance was given to complete construction and hand over possession by December, 2024. However, even after a considerable lapse of time, construction at the project site is still incomplete and the villa structure has also not been completed, from which it is clear that the opposite party will not be able to hand over possession within the stipulated period. Moreover, the opposite party is orally making an illegal demand of 500 per square foot as transfer fee if the villa is transferred to another buyer. The complainant apprehends that the complainant's allotment may be cancelled on the ground of non-payment of the demands raised for completion of construction and the fit-out offer, while the construction of the opposite party's project is incomplete. The complainant is not willing to pay any additional amount or delay interest until the opposite party fulfils its obligations under the flat buyer agreement and the RERA Act.
विलय भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण, क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर। आदेश अन्तर्गत धारा-34, पीठ-2 निर्णय एवं आदेश अन्तर्गत धारा-34 सपठित धारा-37 उपस्थिति :- श्री टी. वेंकटेश, सदस्य शिकायत संख्या :- NCR44/I0/733762/2025 निखिल जैन बनाम राइज प्रोजेक्ट्स प्रा.लि. प्रस्तुत शिकायत प्रार्थना पत्र शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी के विरुद्ध यूनिट का कब्जा एवं विलम्बित अवधि का ब्याज fear जाने हेतु संस्थित किया गया है।
संपेक्ष में शिकायतकर्ता का कहना है कि उनके द्वारा दिनांक 26.05.2022 को विपक्षी की परियोजना Rise Resort Residences Phase-I 4 यूनिट संख्या- - Villa 9, Street 8 बुक किया गया था, जिसकी कुल कीमत 4,97,62,000 /— रुपये के सापेक्ष उनके द्वारा समय-समय पर किश्तों के आधार पर 2,07,7,750/— रुपये का भुगतान किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा विस्तृत शिकायत दाखिल करते हुए अंकित किया गया है कि उनके द्वारा विपक्षी की परियोजना में यूनिट /विला बुक किया गया था, परन्तु आज तक विपक्षी द्वारा सक्षम विकास प्राधिकरण से अधिभोग /पूर्णता प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं किया गया है। इसके अतिरिक्तः उभयपक्षों के मध्य निष्पादित फ्लैट क्रेता अनुबन्ध के RR-7.4. के अनुसार परियोजना का निर्माण कार्य पूर्ण कर दिसम्बर, 2024 तक कब्जा प्रदान किये जाने का आश्वासन दिया गया था। हालांकि काफी समय बीत जाने के उपरान्त भी परियोजना we का निर्माण कार्य अभी भी अधूरा है एवं विला की सरंचना भी पूर्ण नहीं की गयी है, जिससे यह स्पष्ट है कि विपक्षी निर्धारित समयाविध के भीतर कब्जा प्रदान करने में सक्षम नहीं होगा। इसके अतिरिक्त विपक्षी द्वारा मौखिक रूप से शिकायतकर्ता से उक्त विला को किसी अन्य खरीदार को हस्तांतरित करने की स्थिति में 500 प्रति वर्गफुट हस्तांतरण शुल्क के रूप में अवैध मांग की जा रही है। शिकायतकर्ता को आशंका है कि विपक्षी द्वारा परियोजना का निर्माण कार्य पूर्ण करने एवं फिटआउट प्रस्ताव के लिए उठायी जा रही मांगों का भुगतान न करने के
आधार पर शिकायतकर्ता के आवंटन को निरस्त किया जा सकता है, जबकि विपक्षी की परियोजना का निर्माण कार्य अपूर्ण है तथा शिकायतकर्ता किसी भी अतिरिक्त भुगतान या विलम्ब ब्याज का भुगतान करने के लिए इच्छुक नहीं है, ' जब तक कि विपक्षी फ्लैट क्रेता अनुबन्ध एवं Ww अधिनियम के तहत अपने दायित्वों को पूरा नहीं कर देता है। शिकायतकर्ता वर्तमान शिकायत के लम्बित रहने के दौरान विपक्षी द्वारा किसी भी प्रकार के दण्डात्मक ब्याज व अन्य शुल्कों की मांग से शुल्क चाहता है तथा अंतरिम राहत के तौर पर वह भुगतान मांगों, ब्याज daa या अनुबन्ध निरस्त करने की धमकियों आदि पर तत्काल रोक लागाने की मांग है। इसके अतिरिक्त सभी बकाया भुगतानों को तब तक स्थगित किये जाने का अनुरोध किया जा रहा है, जब तक बिल्डर सक्षम विकास प्राधिकरण से ओ.सी»सी.सी प्राप्त कर रेरा प्राधिकरण के समक्ष प्रश्नगत परियोजना को पंजीकरण नहीं करा लेता तथा उक्त यूनिट के यथास्थिति बनाये रखने के लिए अनुरोध किया गया है, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण के समक्ष ast के अन्तर्गत कब्जा एवं . विलम्बित अवधि का ब्याज दिलाये जाने का अनुरोध किया गया है। शिकायतकर्ता द्वारा अपने कथन के समर्थन में वकालतनामा, ई-मेल पत्राचार, आवंटन /अनुबन्ध va दिनांकित 45.04.2024, विपक्षी को भुगतान की गयी जमा धनराशि की रसीदें, विस्तृत शिकायत, आदि अभिलेखों की छायाप्रतियां दाखिल की गयी है।
विपक्षी द्वारा लिखित बहस दिनांकित 26.05.2026 दाखिल करते हुए अंकित किया गया है कि शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी की परियोजना Rise Resort Residences Phase-I 4 यूनिट /विला संख्या- Villa 9, Street 8 बुक किया गया था, जिसकी कुल कीमत ,97,62,000/— रुपये थी। उभयपक्ष के मध्य फ्लैट क्रेता अनुबन्ध के प्रस्तर-7.4.4 के अनुसार यूनिट,/विला का कब्जा प्रदान किये जाने की नियत तिथि 34.06.2027 थी। इसके उपरान्त उभयपक्षों के मध्य दिनांक 48.04.2022 पूरक समझौता निष्पादित किया गया है, जिसके अनुसार कब्जा प्रदान किये जाने की संशोधित समय अवधि दिनांक 34.2.2028 कर दी गयी। शिकायतकर्ता द्वारा माननीय पीठ को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है, जोकि प्रश्नगत शिकायत समय से पूर्व योजित की गयी है, जिस कारंण रेरा अधिनियम की aecis के अर्न्तगत नहीं आती है तथा प्रारंभिक चरण में खारिज किये जाने योग्य है। विपक्षी द्वारा किसी भी कारण से सम्बंधित यूनिट,/ विला का कब्जा प्रदान किये जाने में न तो कोई चूक की है और न ही भविष्य में विफल होने की संभावना है। इसके अतिरिक्त यह भी कहा गया है कि शिकायतकर्ता द्वारा प्रश्नगत यूनिट के सापेक्ष भुगतान की गयी धनराशि Page 2 : | Re: 2,07,47,750,//- रूपये की धनराशि दर्शोयी गयी है, जबकि शिकायतकर्ता द्वारा उक्त भुगतान की कोई रसीद प्रस्तुत नहीं की गयी है। उपरोक्त कथन के आधार पर वर्तमान प्रंश्नगत शिकायत प्रारंभिक चरण में ही खारिज किये जाने योग्य है एवं रेरा अधिनियम की aris के अन्तर्गत वर्तमान समय में कोई अनुतोष प्रदान नहीं किया जा सकता है, क्योंकि कब्जा प्रदान किये जाने की संविदात्मक नियत तिथि अभी तक समाप्त नहीं हुईं है।
विपक्षी द्वारा अपने कथन के समर्थन में लिखित बहस, आवंटन »अनुबन्ध | पत्र दिनांक 45.04.2024, पूरक एग्रीमेंट दिनांक 48.05.2024, रेरा माननीय पीठ-2 द्वारा पारित आदेश दिनांक 44.03.2020, आदि अभिलेखों की छायाप्रति दाखिल की गयी है। उभयपक्ष के तर्कों को सुना गया व पत्रावली का अवलोकन किया गया, जिसके आधार पर निम्न बिन्दु विचरित किया गया है :- 4... क्या वर्तमान समय में शिकायतकर्ता को प्रश्नगत यूनिट / fron का कब्जा एवं विलम्बित अवधि का ब्याज दिलाया.जा सकाता है अथवा नहीं ? निस्तारण बिन्दु संख्या-॥ बिन्दु संख्या-। इस आशय से विचरित किया गया है कि क्या . शिकायतकर्ता को कब्जा एवं विलम्बित अवधि का ब्याज दिलाया जाये ? यदि हाँ तो ब्याज की दर क्या होगी ? यह ae बिन्दु शिकायतकर्ता के अभिकथनों के आधार पर विचरित किया गया है, जिसे साबित करने का भार शिकायतकर्ता पर है।
.. शिकायतकर्ता द्वारा विस्तृत शिकायत दाखिल करते हुए अंकित किया गया है कि उनके द्वारा विपक्षी की परियोजना में यूनिट /विला बुक किया गया था, परन्तु आज तक विपक्षी द्वारा सक्षम विकास प्राधिकरण से अधिभोग / पूर्णता प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं किया गया है। इसके अतिरिक्त उभयपक्षों के मध्य निष्पादित फ्लैट क्रेता अनुबन्ध के. प्रस्तर-7.4.॥ के अनुसार परियोजना का निर्माण कार्य पूर्ण कर दिसम्बर, 2024 तक कब्जा प्रदान किये जाने का आश्वासन दिया गया था। हालांकि काफी समय बीत जाने के उपरान्त भी परियोजना स्थल का निर्माण कार्य अभी भी अधूरा है एवं विला की सरंचना भी पूर्ण नहीं की गयी है, जिससे यह स्पष्ट है कि विपक्षी निर्धारित समयाविध के भीतर कब्जा प्रदान करने में सक्षम नहीं होगा। इसके अतिरिक्त विपक्षी द्वारा मौखिक रूप से शिकायतकर्ता से var विला को किसी अन्य खरीदार को a हस्तांतरित करने की स्थिति में 500 प्रति वर्गफुट हस्तांतरण शुल्क के रूप में क्र
अवैध मांग की जा रही है। शिकायतकर्ता को आशंका है कि विपक्षी द्वारा परियोजना का निर्माण कार्य पूर्ण करने एवं फिटआउट प्रस्ताव के लिए उठायी जा रही मांगों का भुगतान न करने के आधार पर शिकायतकर्ता के आवंटन को निरस्त किया जा सकता है, जबकि विपक्षी की परियोजना का निर्माण कार्य अपूर्ण है तथा शिकायतकर्ता किसी भी अतिरिक्त भुगतान या विलम्ब ब्याज का भुगतान करने के लिए इच्छुक नहीं है, जब तक कि विपक्षी फ्लैट क्रेता अनुबन्ध एवं रेरा अधिनियम के तहत अपने दायित्वों को पूरा नहीं कर देता है। शिकायतकर्ता वर्तमान शिकायत के लम्बित रहने के दौरान विपक्षी द्वारा किसी भी प्रकार के दण्डात्मक ब्याज व अन्य You! की मांग से शुल्क चाहता है तथा अंतरिम राहत के तौर पर वह भुगतान मांगों, ब्याज संचय या अनुबन्ध निरस्त करने की धमकियों आदि पर तत्काल रोक लागाने की मांग है। इसके अतिरिक्त सभी बकाया भुगतानों को तब तक स्थगित किये जाने का अनुरोध किया जा रहा है, जब तक बिल्डर सक्षम विकास प्राधिकरण से ओ.सी /सी.सी प्राप्त कर रेरा प्राधिकरण के समक्ष ved परियोजना को पंजीकरण नहीं करा लेता तथा उक्त यूनिट के यथास्थिति बनाये रखने के लिए अनुरोध किया गया है, जिस . कारण शिकायतकर्ता द्वारा भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण के समक्ष IRI-34 के अन्तर्गत कब्जा एवं विलम्बित अवधि का ब्याज दिलाये जाने का अनुरोध किया गया है।
दूसरी ओर विपक्षी द्वारा लिखित बहस दिनांकित 26.05.2026 दाखिल करते हुए अंकित किया गया है कि शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी की परियोजना Rise Resort Residences Phase-I में यूनिट / fren संख्या- Villa 9, Street 8 बुक किया गया था, जिसकी कुल कीमत 4,97,62,000,/- रुपये थी। उभयपक्ष के मध्य फ्लैट क्रेता अनुबन्ध के we 7. के अनुसार यूनिट,/विला का कब्जा प्रदान किये जाने की नियत तिथि 34.06.2027 थी। इसके उपरान्त उभयपक्षों के मध्य दिनांक 48.04.2022 पूरक समझौता निष्पादित किया गया है, जिसके अनुसार कब्जा प्रदान किये जाने की संशोधित समय अवधि दिनांक 34. . 42.2028 कर दी गयी। शिकायतकर्ता द्वारा माननीय पीठ को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है, जोकि प्रश्नगत शिकायत समय से पूर्व योजित की गयी है, जिस कारण रेरा अधिनियम की apis के अर्न्तगत नहीं आती है तथा प्रारंभिक चरण में खारिज किये जाने योग्य है। विपक्षी द्वारा किसी भी कारण से सम्बंधित यूनिट,/विला का कब्जा प्रदान किये जाने में न तो कोई चूक की है और न ही भविष्य में विफल होने की संभावना है। इसके अतिरिक्त यह भी कहा गया है कि शिकायतकर्ता द्वारा प्रश्नगत यूनिट के सापेक्ष भुगतान की गयी धनराशि 2,07,7,750/- रूपये की धनराशि auf गयी है, जबकि Page 4 oy शिकायतकर्ता द्वारा vat भुगतान की कोई रसीद प्रस्तुत नहीं की गयी है। उपरोक्त कथन के आधार पर वर्तमान प्रश्नगत शिकायत प्रारंभिक चरण में ही खारिज किये जाने योग्य है एवं रेरा अधिनियम की धारा-48 के अन्तर्गत वर्तमान समय में कोई अनुतोष प्रदान नहीं किया जा सकता है, क्योंकि कब्जा प्रदान किये जाने की संविदात्मक नियत तिथि अभी तक समाप्त नहीं हुईं है। रेरा एक्ट की धारा ia (4) ¥ प्राविधान है कि :-
Section 8 (l) “If the promoter fails to complete or is unable to give possession of an apartment, plot or building,- (a) in accordance with the terms of the agreement for sale or, as the case may be, -duly completed by the date specified therein; or (b) due to discontinuance of his business as a developer on account of suspension or revocation of the registration under this Act or for any other reason, he shall be liable on demand to the allottees, in case the allottee wishes to withdraw from the project, without prejudice to any other remedy available, to return the amount received by him in respect of that apartment, plot, building, as the case may be, with interest at such rate as may be prescribed in this behalf including compensation in the manner as provided under this Act: Provided that where an allottee does not intend to withdraw from the project, he shall be paid, by the promoter, interest for every month of delay, till the handing over of the possession, at such rate as may be prescribed. इस प्रकार क्रेता को यह अधिकार है कि यदि उन्हें एग्रीमेंट के अनुरूप कब्जा नहीं मिलता है तो वह अपनी जमा धनराशि को ब्याज सहित वापस माँग सकते हैं अथवा प्रत्येक माह के विलम्ब हेतु ब्याज प्राप्त करते हुए परियोजना में बने रहें, परन्तु प्रश्नगत प्रकरण में शिकायतकर्ता द्वारा प्रश्नगत यूनिट /विला का कब्जा एवं विलम्बित अवधि का ब्याज दिलाये जाने का अनुरोध किया गया है।
| झा बा पर शिकायतकर्ता द्वारा दाखिल आवंटन / अनुबन्ध पत्र दिनांकित 45.04.2024 की छायाप्रति दाखिल की गयी है, जो उभयपक्षों द्वारा हस्ताक्षरित है, जिसके पृष्ठ Weei7 के WR 7. के अनुसार प्रश्नगत यूनिट,/विला का कब्जा दिनांक 34.42.2026 दिया जाना था। ऐसे में उपरोक्तानुसार शिकायतकर्ता को दिनांक 04.04.2027 तक यूनिट/विला का कब्जा पाने का अधिकारी है। इसके अतिरिक्त उभयपक्षों के मध्य दिनांक 48.05.2024 को Supplementary Agreement हस्ताक्षरेत किया गया, जिसके अवलोकन से विदित है कि उभयपक्षों के आपसी सहमति से यूनिट /विला की कब्जा प्रदान किये जाने की तिथि 34.42.2026 से संशोधित करते हुए दिनांक 34.42.2028 कर दी गयी है, जोकि अग्रिम तिथि है, जिससे यह स्पष्ट है कि शिकायतकर्ता द्वारा हस्ताक्षरित Supplementary Agreement दिनांकित 48.05.2024 के अनुसार कब्जा प्रदान किये जाने की तिथि से पूर्व ही शिकायतकर्ता द्वारा वर्तमान शिकायत माननीय प्राधिकरण के समक्ष योजित की गयी है। ऐसी स्थिति में विपक्षी की परियोजना को विलम्ब की श्रेणी में नहीं माना जा सकता है। CRIA यह भी स्पष्ट है कि वर्तमान शिकायत प्री-मैच्योर है। ऐसी दशा में शिकायतकर्ता का वाद पोषणीय नहीं है। अतः शिकायतकर्ता की वर्तमान - शिकायत खारिज किये जाने योग्य है। तद्नुसार बिन्दु संख्या-04 निस्तारित किया जाता है। आदेश शिकायतकर्ता की प्रश्नगत शिकायत उपरोक्तानुसार खारिज की जाती है। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाए। तदनुसार पत्रावली दाखिल दफ्तर हो। टी. वेंकटेश (सदस्य) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण Page 6