Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Rajendra Pal Singh v. Capital Infratechomes Private Limited
Complaint No. NCR144/10/114013/2023
- Decision date
- 2026-05-29
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40 / 63 सपठित नियम-24 23-शिकायत BAM—NCR I44/0/403/2023 राजेंद्र पाल सिंह बनाम कैपिटल इंफ्राटेकोम्स प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 29.05.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता स्वयं एवं उनके विद्वान अधिवक्ता श्री यशस्वी अग्रवाल उपस्थित हुए एवं विपक्षी अनुपस्थित। ws शिकायतकर्ता को Yar एवुं,“पँत्रावलीह क़ा*अआवलोकन किया गया। प्रश्नगत शिकायत में माननीय पीठ-0श(पूर्वकपील-ब)ुछारा EFTTA सुनवाई के उपरान्त दिनांक 24.04.2025 को निम्नवत आदेशह्ुघ्ारि गये हैं:- ‘ 4. विपक्षी को आदेशित कियौ्जाता है*कि वह आदेश पोर्टल पर अपलोड होने की तिथि 45 दिनों के अन्दर शिकायतकर्तागण की यूनिट्स को फ्लैट केता अनुबन्ध के अनुसार समस्त सुविधाओं को पूर्ण कराकर ओ.सी/सी.सी सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें।
2. विपक्षी, शिकायतकर्ता (निहारिका राय) को दिनांक 6.04.2048 से ओ.सी. / सी.सी. प्राप्त किये जाने की तिथि अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि, जो भी बाद में हो, तक की अवधि पर शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर MCLRH प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से विलम्बित अवधि का ब्याज अदा करना सुनिश्चित करे। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब की अवधि एवं विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जाएगी एवं न ही शिकायतकर्ता से किसी अतिदेय (overdues) धनराशि के लिए इस अवधि का ब्याज लिया जाएगा। अन्य शिकायतकर्तागण के प्रकरण में आवंटन पत्र,/फ्लैट केता अनुबन्ध के अनुरूप उपरोक्तानुसार विलम्ब ब्याज की गणना की जायेगी। 3. विपक्षी को यह भी निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम 206 के धारा 2 Gay) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद यदि कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से जज प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बि अवधि के भुगतान पर शिकायतकर्तागण द्वारा भी MCLR+ प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। 4. इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बन्धित पत्रावलियों पर रखी जाए एवं इस आदेश में प्रतिपादित सिद्धान्तों के अनुरूप धनराशि व ब्याज की प्रत्येक मामलें में गणना की जाएगी। 5. इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 20:6 की धारा-38, 40(2) एवं 63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा।
6. शिकायतकर्तागण को यह भी निर्देशित किया जाता है कि यदि विपक्षी द्वारा 45 दिनों के अन्दर उपर्युक्त आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्तागण “रेरा पोर्टल” के माध्यम से आदेश का क्रियान्वयन हेतु अनुरोध अपलोड कर उसकी भौतिक प्रति रेरा क्षेत्रीय कार्यालय, ग्रेटर नोएडा में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 24.04.2025 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा ART-38/40/63 के अन्तर्गत var आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया | उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-02 (पूर्व पीठ-4) द्वारा दिनांक 02.04.2026 को धारा-63, के अन्तर्गत॒“निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- में निहित शक्तियों के अन्तर्गत BRE के_भ्ौतिक कब्जे की कार्यवाही हेतु मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष सुनवाई हेतु, दिनांक 20052096 को संदर्भित की जाती है। सचिव, उ.प्र. रेरा प्रकरण में आदेश दिनाक 24.0.2025 के प्रस्तर-02 के अनुसार दिनांक 40.05.2026 से पूर्व विपक्षी द्वारा देय विलम्बित अवधि के ब्याज की धनराशि हेतु वसूली प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि से पूर्व मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। यदि मा. न्यायनिर्णायक अधिकारी नियम-24 की कार्यवाही के दौरान यह पाते हैं कि विपक्षी प्रोमोटर द्वारा आदेश अन्तर्गत aerst » दिनांक 24.04.2025 का समयबद्ध रूप
तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38,/40,/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने एवं यूनिट की रजिस्ट्री न कराये जाने के कारण, मा. पीठ-02 (पूर्व पीठ-4) पारित आदेश दिनांक 02.04.2026 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई | पत्रावली आज नियम-24 की सुनवाई हेतु इस पीठ के समक्ष प्रथम बार पेश हुई। i. विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में 02 माह के अन्दर शिकायतकर्ता को यूनिट कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें तथा कब्जा-पत्र एवं रजिस्ट्री की प्रति रेरा पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें। विपक्षी द्वारा आदेश का अनुपालन न किये जाने की स्थिति में शिकायतकर्ता आदेश-24 सिविल प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत प्रार्थना-पत्र दाखिल करें कि वह किस Mode से माननीय रेरा पीठ द्वारा पारित आदेश का निष्पादन कराना चाहता है, ताकि आदेश-24 सिविल प्रक्रिया संहिता के प्रावधानों के अन्तर्गत अग्रिम कार्यवाही की जा सके। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 26.08.2026 को पेश हो। ee न आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण