Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Kunal Arora v. K2N Infra India Private Limited
Complaint No. NCR144/10/0703/2019
Verified by Puneet Jain, Editor
- Decision date
- Not recorded
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
- Counsel
- Puneet Jain (in this matter)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
English translation. Machine translation from the Hindi by AI (Claude Haiku), not reviewed. The original order below is the authoritative text.
U.P. Real Estate Regulatory Authority, Regional Office, Gautam Buddh Nagar. Bench 2 Present: Shri [?], Member Complaint No.: 8 Serial No. / Complainant | Unit No. | Amount Rs./- I. | NCR44/0/0703/20 9, V Kunal Arora | FE/FS-24 | 5,38,94/- [?]44/0/0704/209 | Kunal [?] | [?]/[?]8-44 | 5,38,94/- versus K.T.N.[?] Infra India Pvt. Ltd. The complainant Kunal Arora, along with 4 other complaints, has filed suits against the opposite party. The facts of these two complaints are the same and the evidence is the same. These two complaints relate to the EMBARK PLAZA project. Accordingly, they are being disposed of by a single decision. Complaint [?] [?]44/0/0703/209 Kunal Arora shall remain the lead case. The present complaint application has been instituted by the complainant against the opposite party seeking possession and interest for the delayed period. In brief, the complainant's statement is that the complainant booked unit No. 77/74-24 in the opposite party's project EMBARK PLAZA, for which the complainant paid Rs. 5,38,974/- from time to time in instalments. The opposite party was to complete the project and hand over possession of the unit to the complainant by 07.09.[?]. Possession has not been given and there is delay in the project.
The complainant also says that the complainant had booked two shops, in which the unit numbers are 7/78-24 and [?]/88-44. Rs. 30,73,827/- of the amount for these two units was adjusted by way of transfer, and the balance Rs. 45,09,73/- was to be paid during the possession of the shop. However, the builder made unreasonable demands and cancelled the shop, although more than 60 percent of the amount has been paid to the opposite party. Accordingly, the complainant has requested against the opposite party for possession and interest for the delayed period. In support of the statement, the complainant has filed photocopies of the builder-buyer [?], letter dated 48.09.2048, application, application form, notice dated [?] 07.2049, etc. The opposite party, in its written reply, has said that the complainant had applied for two shops in its project EMBARK PLAZA, the unit numbers of which are 7F/78-24 and TF/BB-44. Pursuant to this, on 30.05.208 a builder-buyer [?] was executed in respect of shop numbers F/7$-24 and TF/BB-44. Even after the opposite party sent several reminders to the complainant and made requests, the complainant did not pay the amount against the unit. After adequate opportunity was given, the booking was cancelled by the cancellation letter dated 44.07.2049. In support of its statement, the opposite party has filed photocopies of the letter dated 44.07.2049, the notice dated 05.07.2049, and the letter dated 03.07.20:9.
उ0प्र0 भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण, क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | = | पीठ-2 \ उपस्थितिः- श्री Re, सदस्य शिकायत संख्या" ८ क्रम /शिकायतकर्ता | यूनिट सं० | धनराशि रु. /- . / सं0 / / I. | NCR44/0/0703/20 9, V कुनाल अरोड़ा FE/FS-24 5,38,94/- पटारा44/0/0704/209 कुनाल ae पए/छ8-44 | 5,38,94/- बनाम के.टू एन. इंफ्रा इंडिया प्रा० लि0(2४ Infra India Pvt. Ltd.) शिकायतकर्ता कुनाल अरोड़ा के साथ 4 अन्य शिकायत उनके द्वारा विपक्षी के विरूद्ध वाद योजित किया गया है। इन दोनों शिकायतों के तथ्य समान हैं और एक समान साक्ष्य हैं। यह दोनों शिकायतें EMBARK PLAZA परियोजना से सम्बन्धित है। अतः एक ही निर्णय से इनका निस्तारण किया जा रहा है। शिकायत to टार44/0/0703/209 कुनाल अरोड़ा अग्रणी वाद रहेगा। प्रस्तुत शिकायत प्रार्थना पत्र शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी के विरूद्द कब्जा एवं विलम्बित अवधि का ब्याज दिलाये जाने हेतु संस्थित किया गया है। संक्षेप में शिकायतकर्ता का कथन है कि उनके द्वारा विपक्षी की परियोजना EMBARK PLAZA में यूनिट सं०-77/7४-24 बुक किया गया था, जिसके लिए उनके द्वारा समय-समय पर किश्तों के आधार पर 5,38,974 /— रूपये का भुगतान किया गया। विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता को दिनांक 07.09. पा eee तक परियोजना पूर्ण कर यूनिट का कब्जा दिया जाना था, eK ee ee ae ae (7 Page 4
& कब्जा नहीं दिया गया और परियोजना में विलम्ब है। शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि उनके द्वारा दो दुकानें बुक की गयीं थी, जिसमें यूनिट संख्या-7/78-24 और पए/88-44 है। उक्त दोनों यूनिटों की 30,73,827 /— रुपये की धनराशि हस्तांतरित करते हुए समायोजित की गयी थी और शेष 45,09,73 /- रुपये की धनराशि को दुकान के कब्जे के दौरान दिया जाना था, परन्तु बिल्डर द्वारा अनुचित मांगे की गयीं और दुकान का निरस्तीकरण कर दिया गया, जबकि 60 प्रतिशत से अधिक की धनराशि विपक्षी को अदा की जा = है। अतः शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी के विरूद्द कब्जा एवं विलम्बित अवधि का ब्याज दिलाये जाने का अनुरोध किया गया है। शिकायतकर्ता की ओर से अपने कथन के समर्थन में बिल्डर बायर wide, पत्र दिनांक 48.09.2048, प्रार्थना पत्र, आवेदन फॉर्म, नोटिस दिनांक os. 07.2049 आदि की छायाप्रतियां दाखिल की गयी हैं। विपक्षी की ओर से प्रतिवाद पत्र दाखिल करते हुए कहा गया है कि शिकायतकर्ता द्वारा उनकी परियोजना EMBARK PLAZA में दो दुकानें, जिसकी यूनिट संख्या-7फ/78-24 और TF/BB-44 हैं, हेतु आवेदन किया था। जिसके क्रम में दिनांक 30.05.208 को उक्त दुकान संख्या- एफ/7$-24 और TF/BB-44 के सापेक्ष बिल्डर बायर Witte निष्पादित किया गया। उनके द्वारा शिकायतकर्ता को कई अनुस्मारक भेजे जाने एवं अनुरोध के बाद भी शिकायकर्ता द्वारा यूनिट के सापेक्ष धनराशि अदा नहीं की गयी। पर्याप्त अवसर दिये जाने के बाद निरस्तीकरण पत्र दिनांक 44.07.2049 के जरिए बुकिंग को को निरस्त कर दिया गया। विपक्षी द्वारा अपने कथन के समर्थन में पत्र दिनांक 44.07.2049, नोटिस दिनांक 05.07.2049, पत्र दिनांक 03.07.20:9 की छायाप्रतियां दाखिल की गयी हैं। quan Page 2
उभयपक्ष को सुना व पत्रावली का अवलोकन किया। पक्षकारों के अभिवचनों के आधार पर निम्नलिखित वाद बिन्दु विचारणीय किये गये :- 4 क्या शिकायतकर्ता कब्जा एवं विलम्बित अवधि का ब्याज पाने का अधिकारी है? निस्तारण बिन्दु संख्या- शिकायतकर्ता का कहना है कि विपक्षी द्वारा दिनांक ot.0920I9 तक [ पूर्ण कर कब्जा दिया जाना on, परन्तु विपक्षी द्वारा अभी तक कब्जा नहीं दिया गया है और बिल्डर द्वारा यूनिट का निरस्तीकरण कर दिया गया है, जिस पर विपक्षी का कहना है कि शिकायतकर्ता द्वारा बुक की गयी यूनिट के सापेक्ष कोई धनराशि अदा नहीं की गयी है और उन्हें पर्याप्त अवसर दिये जाने के बाद यूनिट का निरस्तीकरण कर दिया है। पत्रावली पर साक्ष्य के रूप में आवेदन फॉर्म, बिल्डर बायर एग्रीमेंट, पत्र दिनांक 48.09.2048 की छायाप्रति दाखिल की गयी है।
प्रथम स्वरूप शिकायतकर्ता द्वारा दाखिल किये गये आवेदन फॉर्म से यह विदित है कि उनके द्वारा आवेदन फॉर्म को भरते हुए विपक्षी को फॉर्म जमा की गयी, जिसे विपक्षी द्वारा स्वीकारा गया है। इसके अतिरिक्त साक्ष्य के रूप में पत्र दिनांक 48.09.2048 की प्रति दाखिल की गयी है, जिसमें विपक्षी को A Task के माध्यम से 30,73,827 /- रुपये की धनराशि उक्त दोनों दुकानों के सापेक्ष प्राप्त की गयी है और शेष 45,09,473,/- रुपये शिकायतकर्ता द्वारा अलग से व्यक्तिगत रूप से जमा की जानी थी। इस धनराशि को विपक्षी द्वारा हस्ताक्षर करते हुए Wer गया है। इन दोनों दुकानों का बिल्डर बायर णग्रीमेंट / अनुबन्ध भी दिनांक 30.05.2048 को निष्पादित किया गया है, जोकि उभयपक्षों द्वारा हस्ताक्षरित करते हुए vat अनुबन्ध में उललेखित शर्तों को स्वीकार किया गया है। इससे यह अवधारित किया जा सकता है कि 'रेरा अधिनियम की धारा-43 की औपचारिकताएं पूर्ण की गयी हैं, जिसके पश्चात् अनुबन्ध को हस्ताक्षर कराया गया है। बिल्डर बायर एग्रीमेंट के कब्जे वाले प्रस्तर-9.2 के अवलोकन से विदित है कि विपक्षी द्वारा 'रेरा' में पंजीकरण के दौरान दी गयी तिथि के अनुसार कब्जा दिया जाएगा। Ve पोर्टल पर जांच के उपरांत यह पाया गया कि परियोजना की पूर्णता तिथि 34.03.2020 दी गयी है। ऐसे में यह “yer Page 3 = की तिथि 34.03.2020 होती है। वर्तमान में यह परियोजना विलम्ब की श्रेणी में नहीं है।
जहां तक विपक्षी द्वारा दुकानों के किये गये निरस्तीकरण का प्रश्न है, तो ऐसे में विपक्षी द्वारा किये गये निरस्तीकरण की कार्यवाही पूर्ण नहीं मानी जा सकती, क्योंकि विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता से हस्तांतरण के रूप में A Task के माध्यम से धनराशि प्राप्त की गयी है और यह धनराशि शिकायतकर्ता को वापस लौटायी नहीं गयी है। ऐसे में विपक्षी का तर्क निराधार है कि वह दुकानों का निरस्तीकरण कर चुके हैं | | के गठन के मूल उद्देश्यों को देखते हुए यह उचित होगा कि विपक्षी, शिकायतकर्ता की यूनिट दुकानों को पुर्नस्थापित करते हुए उन्हें कब्जा दें और शिकायतकर्ता अपनी देय धनराशि का भुगतान अनुबन्धानुसार करना सुनिश्चित करें। तद्नुसार बिन्दु संख्या-4 faa किया जाता है। उपरोक्त बिन्दुओं का निस्तारण करते हुए निम्न आदेश पारित किये जाते है। आदेश 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्ता की यूनिट्स / दुकानों को पुर्नस्थापित करते हुए एवं उनकी समस्त सुविधाओं को आवंटन-पत्र / अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 34.03.2020 तक ओ.सी. / सी.सी. सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें।
2. शिकायतकर्ता अपनी देय धनराशि का भुगतान अनुबन्धानुसार करना सुनिश्चित करें। 3. विपक्षी, CRITTER कब्जा ऑफर पत्र ओ.सी./सी.सी. मिलने के उपरांत जारी करना सुनिश्चित करें | 4... विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम 2046 के धारा 2 (zai) के अन्तर्गत यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित ब्याज दर MCLR+I प्रतिशत है quae है Page 4 See आदेश का उल्लघंन उ0प्र/भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) | अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्रावधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये। cee, ( कुमार) मम उ0प्र0 भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण दिनांक:-28 / 02 / 2020 Page 5