Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Sanjeev Mangotra v. Logix Infrastructure Pvt.ltd
Complaint No. NCR144/10/0175/2019
Verified by Puneet Jain, Editor
- Decision date
- 2026-07-10
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
- Counsel
- Puneet Jain (for the respondent)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40 ,//63 सपठित नियम-24 42-शिकायत PA:—NCR44/0/075/209 संजीव मंगोत्रा बनाम लॉजिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड * आदेश-पत्र दिनांक: 40.07.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश Bel पुकार पर शिकायतकर्ता अनुपस्थित। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री पुनीत जैन उपस्थित हुए। सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। प्रश्नगत शकायत में माननीय Go-ov द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 03.:2.20:9 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्ता के फ्लैट की समस्त सुविधाओं को पूर्ण कराकर दिनांक 34.4220I9 तक कब्जा देना सुनिश्चित करें एवं देय स्टाम्प Yow प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें। > विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 2005.20I6 से ओ.सी/सी.सी प्राप्त होने अथवा इलैक्ट्रिकल सर्टिफिकेट, फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट, स्ट्रक््चरल सर्टिफिकेट, लिफ्ट इन्स्टालेशन सर्टिफिकेट सहित ओ.सी./सी.सी. के लिए आवेदन के बाद कब्जा ऑफर किये जाने, जो भी बाद में हो तक की अवधि पर MCLRH प्रतिशत की दर से ब्याज अदा करना सुनिश्चित करे। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। : 3. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्ता को पूर्णता के सम्बन्ध में उपरोक्त 4 सर्टिफ़िकेट उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें |
4. यह भी स्पष्ट किया जाता है कि रेरा अधिनियम 2046 के धारा 2 (zai) के अन्तर्गत ब्याज को परिभाषित किया गया है कि रेरा लागू होने के बाद यदि कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। ब्याज की दर MCLRH प्रतिशत होनी चाहिए। 5. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्ता से विभिन्न मदों मांगे जाने वाली धनराशि यदि सक्षम प्राधिकरण या विभाग को उक्त के सापेक्ष धनराशि अदा की गयी हो, तो शिकायतकर्ता को साक्ष्यों सहित ser faa उपलब्ध कराकर शिकायतकर्ता का प्रो-रेटा अंश सूचित करें। cera शिकायतकर्ता द्वारा उक्त धनराशि का भुगतान किया जायेगा। 6. विपक्षी उपरोक्तानुसार संशोधित कब्जा पत्र जारी करना सुनिश्चित करें। 7. विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 34.42.2049 तक शिकायतकर्ता को कब्जा देने में असफल रहता है, तो दिनांक 34.42.2049 के पश्चात् 30 दिन के अन्दर शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि 40,06,684 /- रूपये MCLR+H प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर सहित वापस अदा करना सुनिश्चित करें। 8. इस आदेश का उल्लघंन Goro भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 20i6 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 03.42.209 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत उक्त आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-04ए द्वारा दिनांक 02.44. 2024 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:-
अतः सचिव, रेरा को निर्देशित किया जाता है कि वह प्रश्नगत प्रकरण में पीठ द्वारा पूर्व में पारित आदेश दिनांक 034220I9 के अनुसार विलम्बित अवधि के ब्याज की धनराशि की गणना कराकर तदूनुसार वसूली प्रमाण पत्र जारी करना सुनिश्चित करें। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये। अन्तर्गत धारा-38,/40,/63 की निष्पादन की कार्यवाही के दौरान माननीय सम्बन्धित रेरा पीठ द्वारा अपने आदेश का निष्पादन कराते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया जा सका और न ही शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई जा सकी। तदोपरान्त श्रीमान सचिव, रेरा द्वारा पारित कार्यालय आदेश दिनांक 08.04.2026 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की wy | विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ना /सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को दो माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 42.0.2026 को पेश हो। आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण