Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Prem Sachdeva v. ATS Realty Private Limited
Complaint No. NCR144/09/99602/2022
Verified by Puneet Jain, Editor
- Decision date
- 2025-11-11
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
- Counsel
- Puneet Jain (for the respondent)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न््यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40/63 सपठित नियम-24 6-शिकायत PAE—NCR 44/09/99602/2022 प्रेम सचदेवा बनाम एटीएस रियल्टी,प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 44.44.2025 . शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई | पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री मधुर अरोड़ा उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री पुनीत जैन उपस्थित हुए। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा अवगत कराया गया है कि विपक्षी द्वारा अभी तक यूनिट का कब्जा नहीं दिया गया है और न ही हस्तान्तरण विलेख निष्पादित एवं पंजीकृत कराया गया है।
प्रश्नमत शिकायत में माननीय पीठ-02 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 06.2.2023 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- ः 4... विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्तागण को आवंटित यूनिट अनुबन्ध के अनुसार समस्त सुविधाओं को पूर्ण कराकर जनवरी, 2024 तक ओ.सी/सी.सी सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें। 2... विपक्षी, अग्रणी शिकायतकर्ता को दिनांक 04.42.2047 से ओ.सी/सी.सी अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि जो बाद में हो तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि रु0 32,24475 / पर MCLRH प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित P| ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की जाने वाली धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर नियमानुसार शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25. 09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही यदि शिकायतकर्ता का कोई अतिदेय (Over Dues) है. तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा। उक्त तालिका में अंकित क्रम संख्या 2 से 40 तक शिकायतकर्तागण के प्रकरणों में आवंटन पत्र,/अनुबन्ध के अनुरूप तालिका में अंकित कब्जा दिये जाने की तिथि | के उपरांत से प्रत्येक शिकायतकर्ता के सम्मुख अंकित धनराशि पर उपरोक्तानुसार ब्याज की गणना की जायेगी।
3. विपक्षी को यह निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 2046 की धारा 2(za)(i) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट कियै जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी MCLR+ प्रतिशत की व्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा लागू होने के बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गयी है, तो विलम्बित अवधि हेतु व्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी। 4. इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बन्धित पत्रावलियों पर रखी जाये। 5. इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (fafa और विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। 6. विपक्षी द्वारा यदि इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्तागण रेरा प्राधिकरण के माध्यम से आदेश का कियान्वयन करा सकेंगे। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 06.42.2023 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के ' अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-03 द्वारा दिनांक 24.03. 2025 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- उपरोक्त विश्लेषण व तथ्यों से स्पष्ट है कि विपक्षी ने पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 06.42.2023 के क्रम संख्या 4 व 2 का अनुपालन नहीं किया है।
उपरोक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए पत्रावली रेरा नियमावली 20:6 के नियम-24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत आदेश दिनांक 06.42.2023 के क्रम संख्या 4 के अनुसार यूनिट के भौतिक कब्जा व रजिस्ट्री की कार्यवाही हेतु न््यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष सुनवाई हेतु दिनांक 04.06.2025 के लिए संदर्भित की जाती है। | सचिव, ure, दिनांक 06.42.2023 को धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश के क्रम संख्या 2 के अनुसार जमा धनराशि पर विलम्बित अवधि का ब्याज हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि 04.06. 2025 से पूर्व न्यायनिर्णायक अधिकारी को उपंलब्ध कराना सुनिश्चित करें। . यदि न्याय निर्णायक अधिकारी नियम 24 की कार्यवाही के दौरान यह पाते है कि विपक्षी / प्रमोटर द्वारा आदेश अन्तर्गत धारा-34 दिनांक 06.42.2023 का समयबद्ध रूप से अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है तो ऐसी दशा में न्याय निर्णायक अधिकारी प्रकरण में wr अधिनियम की धारा 63 की कार्यवाही किये जाने हेतु पीठ को वापस संदर्भित कर सकते है। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये। तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38 /40/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने के कारण मा. पीठ-03 द्वारा पारित आदेश दिनांक 24.03.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को न. संदर्भित की गई। पत्रावली नियम-24 की सुनवाई हेतु इस पीठ के समक्ष आज प्रथम बार पेश हुई है। ं विपक्षी द्वारा अपना जवाब एवं गणना शीट दाखिल की गई है। शिकायतकर्ता यदि चाहे, तो वह विपक्षी द्वारा दाखिल जवाब .एवं गणना शीट के विरुद्ध अपनी आपत्ति गणना शीट सहित दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक़ 08.04.2026 को
पेश हो। a Re > fig (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण