Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Neeraj kumar srivastava v. Dhanya Promoters Private Limited
Complaint No. NCR144/09/82577/2021
- Decision date
- 2026-08-10
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40/63 सपठित नियम-24 48-शिकायत WM—NCR44/09/82577/202 नीरज कुमार श्रीवास्तव बनाम धन्य प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड (महागुन-मग्रुप) आदेश-पत्र दिनांक: 40.08.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के मांध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री अतुल कुमार उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता सुश्री जिज्ञासा उपस्थित हुई। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा बताया गया कि विपक्षी द्वारा आज तक यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया गया है और न ही यूनिट की रजिस्ट्री कराई गई है। | wed शकायत में माननीय पीठ-0॥ए द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 04.07.2022 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह उपरोक्त सारणी के सभी शिकायतकर्तागण के फ्लैटस् की समस्त सुविधाओं को अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 30.09.2022 तक ओ.सी/सी.सी सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें।
2. विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 08.06.208 से कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि 20.07.202 तक की अवधि पर शिकायतकर्ता द्वारा स्वयं जमा धनराशि पर विलम्ब ब्याज के रूप में MCLRH प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की देय धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही इस अवधि में शिकायतकर्ता द्वारा यदि अनुबन्धानुसार अथवा कोई अतिदेय (Over Dues) है, तो उस पर भी इस अवधि का जि ब्याज देय न होगा। अन्य शिकायतकर्तागण के प्रकरण में आवंटन पत्र / अनुबन्ध के अनुरूप उपरोक्तानुसार विलम्ब ब्याज की गणना की जायेगी। 3. विपक्षी को यह निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 206 की धारा 2(2०)0) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी MCLRH प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि RT लागू होने के बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गयी है, तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी। 4... विपक्षी को यह भी आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्तागण को यूनिटस् का कब्जा देते समय सभी चार्जेज़ अनुबन्ध के अनुरूप प्राप्त करने के अधिकारी होगें।
5. इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बन्धित पत्रावलियों पर रखी जाये एवं इस आदेश में प्रतिपादित सिद्धान्त के अनुरूप धनराशि व ब्याज की प्रत्येक मामले में गणना की जायेगी 6. इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 20:6 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। 7. यदि विपक्षी द्वारा इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्तागण को यह अधिकार होगा कि रेरा प्राधिकरण के माध्यम से अपने आदेश का fear करा सकेगें। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 04.07.2022 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,63 के अन्तर्गत उक्त आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-0॥ (पूर्व में पीठ-00) द्वारा दिनांक 24.06.2026 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है किः- अतः उपर्युक्त वर्णित तथ्यों एवं समस्त परिस्थितियों के दृष्टिगत पत्रावली नियम-24 सपठित सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 2 में निहित शक्तियों के अधीन पीठ द्वारा धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश, दिनांक 04-07-2022 के प्रस्तर-04 के अनुसार ger यूनिट के भौतिक कब्जे तथा रजिस्ट्री की कार्यवाही हेतु मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष सुनवाई के लिए, दिनांक 40-08-2026 को संदर्भित की जाती है। सचिव, उ.प्र. रेरा प्रकरण में आदेश, दिनांक 04--07-2022 के प्रस्तर-02 के अनुसार दिनांक 3i-07-2026 & ud विपक्षी द्वारा देय विलम्बित अवधि के ब्याज की धनराशि की वसूली हेतु, वसूली प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि से पूर्व मा. एक आ को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें |
इसके अतिरिक्त सचिव, उ.प्र. रेरा पीठ द्वारा पारित आदेश, दिनांक 24-04-2026 के अनुपालन में विपक्षी कम्पनी के विरूद्ध अधिरोपित खर्चा (Cost) रु.5,१०0,//- की वसूली हेतु, वसूली प्रमाण-पत्र जारी कराना सुनिश्चित करें। यदि मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी नियम-24 की कार्यवाही के दौरान यह पाते हैं कि विपक्षी £ प्रोमोटर द्वारा आदेश अन्तर्गत धारा-34, दिनांक 04--07-2022 का समयबद्ध रूप से अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है, तो ऐसी दशा में मा. न्यायनिर्णायक अधिकारी प्रकरण को रेरा अधिनियम की धारा 63 की कार्यवाही किये जाने हेतु पीठ को वापस सन्दर्भित कर सकते हैं। अन्तर्गत धारा-38,/40,/63 की निष्पादन की कार्यवाही के दौरान माननीय सम्बन्धित रेरा पीठ द्वारा अपने आदेश का निष्पादन कराते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया जा सका और न ही शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई जा सकी। तदोपरान्त मा. पीठ-04 (पूर्व में पीठ-04ए) द्वारा पारित आदेश दिनांक 24.06.2026 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई।
विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी./सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को 45 दिनों के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में आवंटित यूनिट की रजिस्ट्री निष्पादित करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 04.4.2026 को पेश हो। Se आर. पी. Rig (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण