Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Puneet Pratap Singh and Suman patel v. Logix Infrastructure Pvt.ltd
Complaint No. NCR144/09/2253/2019
- Decision date
- 2026-07-15
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40/63 सपठित नियम-24 7-शिकायत PT—NCR 44/09/2253/209 पुनीत प्रताप सिंह एवं सुमन पटेल बनाम लॉजिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 45.07.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई | पुकार पर उभयपक्ष अनुपस्थित | आज सुनवाई के दौरान उभयपक्ष अनुपस्थित हैं। प्रश्नगत शकायत में माननीय पीठ-04ए द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 08.04.2020 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि शिकायतकर्ता के फ्लैट को आवंटन पत्र /अनुबन्ध के अनुसार समस्त सुविधाओं को पूर्ण कराते हुए दिनांक 34.03.2020 तक ओ.सी /सी.सी सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय wry शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री कराये। 2... विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 08.42.2042 से दिनांक 30.4.20:6 तक 5/- रूपये प्रति वर्गफुट प्रतिमाह की दर से व दिनांक 04.05.2046 से ओ.सी. / सी.सी. अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि, जो भी बाद में हो तक की अवधि के लिए शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर MCLR+ प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर वापस की जायेगी। 3. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि अनुबन्ध के समय सुपर एरिया के विभिन्न Hal का विवरण वर्तमान में उन्हीं मदों में परियोजना के परिवर्तित क्षेत्रफल व उस परिवर्तन का कारण बताते हुए एवं दोनों स्थितियों में शिकायतकर्ता के क्षेत्रफल की गणना का —
आधार शिकायतकर्ता को स्पष्ट करना सुनिश्चित करें। geod शिकायतकर्ता द्वारा भुगतान किया जायेगा। 4. विपक्षी उपरोक्तानुसार ओ.सी. मिलने के उपरान्त संशोधित कब्जा ऑफर पत्र जारी करना सुनिश्चित करें। 5. यह भी स्पष्ट किया जाता है कि रेरा अधिनियम 20I6 के धारा 2 (ali) के अन्तर्गत ब्याज को परिभाषित किया गया है कि यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। ब्याज की दर टा॥रका प्रतिशत होनी चाहिए। 6. इस आदेश का उल्लघंन Goo भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 20i6 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 08.04.2020 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-0ए द्वारा दिनांक 20.04. 2022 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- समस्त तथ्यों एवं वर्णित परिस्थिति में यदि विपक्षी द्वारा दिनांक 45.06.2022 तक कब्जा दिये जाने की सूचना, आदेश दिनांक 08.04.2020 के अनुसार अकाउन्टस् सैटल कर कम्पलेन्ट dot पर अपलोड नहीं की जाती है, तो दिनांक 45.06.2022 के बाद सचिव, रेरा प्रकरण में आदेश दिनांक 08.04.2020 के अनुसार विलम्बित अवधि के ब्याज की धनराशि का वसूली प्रमाण पत्र जारी करायें एवं विपक्षी / प्रोमोटर के विरूद्ध रेरा अधिनियम, 2046 * की धारा-63 के अन्तर्गत यथोचित अर्थदण्ड अधिरोपित किये जाने हेतु पत्रावली प्राधिकरण के समक्ष पेश की जाये।
अन्तर्गत :धारा-38 /40/63 की निष्पादन की कार्यवाही के दौरान माननीय सम्बन्धित रेरा पीठ द्वारा अपने आदेश का निष्पादन कराते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया जा सका और न ही शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई जा wat) तदोपरान्त श्रीमान सचिव, रेरा द्वारा पारित कार्यालय आदेश दिनांक .08.04.2026 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई | विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी./सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को दो माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा < रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 06.40.2026 को पेश हो। {wy आर. पी. a (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण