Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Vishweshwar Prasad Sharma v. Jkg Construction Pvt Ltd
Complaint No. NCR144/09/1536/2019
- Decision date
- 2026-03-16
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-नन््यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40/63 सपठित नियम-24 7-शिकायत संख्या:-"000२44/09/] 536/20]9 विश्वेश्वर प्रसाद शर्मा बनाम जेकेजी GERM प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 46.03.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री प्रवीण कुमार उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता सुश्री ज्योति शर्मा उपस्थित हुई। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा अवगत कराया गया है कि विपक्षी द्वारा अभी तक यूनिट का कब्जा नहीं दिया गया है और न ही हस्तान्तरण विलेख निष्पादित एवं पंजीकृत कराया गया है। शिकायतकर्ता द्वारा प्रार्थना-पत्र दिनांकित 23.42.2025 दाखिल किया गया है, जिस पर विपक्षी द्वारा अपना जवाब दाखिल करने हेतु समय चाहा गया। प्रश्गगत शिकायत में माननीय पीठ-03 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 08.09.2020 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- क) प्रतिवादी प्रत्येक वादी को नवम्बर, 2020 तक ओ.सी.//सी.सी के साथ यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। (ख) प्रतिवादी दिनांक t5.08.20i7 से ओ.सी/सी.सी प्राप्त होने की तिथि या ऑफर ऑफ ude जो बाद में हो, तक MCLRH% वार्षिक ब्याज दर से वादी को ब्याज / penalty भुगतान करेगा। यह ब्याज धनराशि अंतिम देय धनराशि में समायोजित की जायेगी तथा अवशेष बची धनराशि वादी को भुगतान की जाएगी।
(ग) वादी द्वारा यदि कोई धनराशि का भुगतान करना शेष है तो वादी बकाया धनराशि प्रतिवादी को भुगतान करें। वादी द्वारा जो धनराशि विलम्ब से भुगतान की गयी है तो उस स्थिति में रेरा अधिनियम की धारा 2 ()6) के अधीन प्रतिवादी विलम्बित अवधि का ब्याज / penalty Wt करने का अधिकारी है परन्तु वादी द्वारा ब्याज MCLR+H% की दर से अधिक देय नहीं होगा। oe घ) कोविड-49 की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु देश में हुये लॉकडाउन को दृष्टिगत रखते हुये दिनांक 24.03.2020 से दिनांक 30.09.2020 तक वादी की ओर से समय से भुगतान न किये जाने तथा प्रतिवादी द्वारा परियोजना पूर्ण करने में किये गये विलम्ब के सम्बंध में विलम्ब ब्याज की गणना उक्त अवधि में नहीं की जाएगी। इस आदेश का उल्लंघन उ.प्र. भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 20i6 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 08.09.2020 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-03 द्वारा दिनांक 43.42. 2024 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है fe 4. प्रतिवादी को यह आदेशित किया जाता है कि फरवरी, 2022 तक परिवादी को मूल इकाई का अधिपत्य अनुबंध में निहित मूलभूत सुविधाओं के साथ उपलब्ध कराना सुनिश्ति करें। 2. प्रतिवादी किसान प्रतिकर, जीएसटी व बिजली कनेक्शन धनराशि सम्बन्धित विभाग को भुगतान किये जाने का रसीद परिवादी को साक्ष्य / प्रमाण के साथ उपलब्ध कराकर ही समानुपातिक रूप से धनराशि प्राप्त कर सकता है परन्तु रख-रखाव शुल्क इकाई का अधिपत्य दिये जाने की तिथि लागू होगा।
3. परिवादी प्रतिवादी को विलम्ब से धनराशि भुगतान किये जाने की स्थिति में आदेश के प्रस्तर संख्या ग के अनुसार परिवादी से धनराशि मय ब्याज प्राप्त करेगा। सचिव, रेरा को निर्देशित किया जाता है कि उक्त बिन्दुओं को दृष्टिगत रखते हुये परिवादी शिकायत के सम्बन्ध में विलम्बित अवधि का ब्याज आदेश के प्रस्तर ख के अनुसार धनराशि वसूली हेतु वसूली प्रमाण-पत्र जारी करना सुनिश्चित करें। चूंकि प्रतिवादी द्वारा आदेश का अनुपालन नहीं किया गया है, ऐसी स्थिति में पत्रावली को धारा 63 की अग्रिम कार्यवाही हेतु प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38,40,/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने के कारण श्रीमान सचिव, रेरा द्वारा पारित कार्यालय आदेश दिनांक 08.07.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। पत्रावली नियम-24 की सुनवाई हेतु इस पीठ के समक्ष आज प्रथम बार पेश हुई। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी.,/सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को 2 माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए कब्जा-पत्र बसपा की प्रति रेरा पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति । हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 08.06.2026 को पेश हो।
++5*#>2 ०.७ आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण