Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Yash and Nisha Dua v. Floral Realcon Pvt Ltd
Complaint No. NCR144/09/1447/2019
- Decision date
- 2026-06-05
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40 //“63 सपठित नियम-24 46-शिकायत संख्या:-7९ RI44/09/447/209 यश और निशा दुआ बनाम फ्लोरल रियलकॉन प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 05.06.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर उभयपक्ष अनुपस्थित | gerd शकायत में माननीय treo. द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 7.02.2020 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. प्रतिवादी को आदेशित किया जाता है कि परियोजना में निर्माण कार्य पूर्ण करते हुए सम्बन्धित प्राधिकरण से occupation certificate WA करके शिकायतकर्तागण को आदेश पोर्टल पर अपलोड होने की तिथि से 45 दिन के अंत तक बुक की गई यूनिट का कब्जा (physical possession) देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प Yow प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री कराये।
2. प्रतिवादी को यह भी आदेशित किया जाता है कि शिकायतकर्ता व प्रमोटर के बीच हुये हस्ताक्षरित अनुबन्ध पत्र / Builders Buyers Agreement (BBA) के अनुसार विलम्बित अवधि / delayed period के सम्बंध में (क) ओ.सी / सी.सी प्राप्त होने अथवा इलैक्ट्रिकल सर्टिफिकेट, फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट, स्ट्रक्चरल सर्टिफिकेट, लिफ्ट इन्स्टालेशन सर्टिफिकेट सहित ओ.सी.,/सी.सी. के लिए आवेदन दिये जाने के तिथि के 8 दिन बाद, अथवा (ख) कब्जा ऑफर किये जाने, जो भी बाद में हो तक की अवधि पर धटा॥रका प्रतिशत की दर से ब्याज अदा करना सुनिश्चित करे। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। साथ ही जिस अवधि में शिकायतकर्ता द्वारा यूनिट पर कब्जा ग्रहण किया गया है, उस अवधि में ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। + 3. यह भी स्पष्ट किया जाता है कि रेरा अधिनियम 2046 की धारा 2 (zai) के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है कि यदि कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। 4... प्रमोटर / प्रतिवादी के पास प्रश्नगत परियोजना के सम्बंध में Electrical Safety Certificate] Fire Certificate] Lift Installation Certificate & Structural Engineer Certificate उपलब्ध है, तो ऐसी दशा में यूनिट के सम्बंध में शिकायतकर्ता के पक्ष में रजिस्ट्र्ड सेल डीड,/लीज Ss / सब cho Ss का क्रियांवयन आदेश पोर्टल पर अपलोड होने की तिथि से 45 दिन के अंत तक कराया जाना सुनिश्चित करे |
5. इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बंधित पत्रावलियों पर रखी जाये एवं इस ओदश में प्रतिपादित rari के अनुरूप धनराशि व ब्याज की प्रत्येक मामले में गणना की जायेगी। प्रतिवादी प्रमोटर द्वारा आदेश का अनुपालन न किये जाने पर शिकायतकर्ता / आवंटी को यह अधिकार होगा कि उ०.प्र०. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण के माध्यम से आदेश का कियान्वयन करा सके। इस आदेश का Goods Goto भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 47.02.2020 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38/40,/63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-04 द्वारा दिनांक 20.05. 2022 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- अतः समस्त वर्णित तथ्यों एवं परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए धारा 34 के अर्न्तगत पारित आदेश दिनांक 47.02.2020 के अनुसार यदि विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता को देय ब्याज की धनराशि का भुगतान / समायोजित करते हुए अकाउंद्स की प्रतिलिपि दिनांक 34.07.2022 तक रेरा प्राधिकरण के क्रियान्वयन प्रकोष्ठ में दाखिल नहीं की जाती है, तो ऐसी स्थिति में सचिव, रेरा प्रश्नगत प्रकरण में धारा-40 के अन्तर्गत पीठ द्वारा पूर्व में पारित आदेश दिनांक 47.02.2020 के अनुसार अगस्त, 2022 में परियोजना के अंतिम इलेक्ट्रिक्ल सेफ्टी सर्टिफिकेट दिनांक 22.04.20i9 तक विलम्बित अवधि के ब्याज हेतु वसूली प्रमाण-पत्र जारी करने की कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।
वसूली प्रमाण-पत्र में पारित आदेश पर जिलाधिकारी कार्यालय से आख्था प्राप्त होने के पश्चात् धारा-63 के अन्तर्गत अग्रिम कार्यवाही की जाएगी, तब तक के लिए पत्रावली स्थगन (पद) पर रखी जाती है। छा अन्तर्गत धारा-38,/40,/63 की निष्पादन की कार्यवाही के दौरान माननीय रेरा सम्बन्धित पीठ द्वारा अपने आदेश का निष्पादन कराते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया जा सका और न ही शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई जा सकी। तदोपरान्त श्रीमान सचिव, रेरा द्वारा पारित कार्यालय आदेश दिनांक 49.:22005 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। पत्रावली आज नियम-24 की सुनवाई हेतु इस पीठ के समक्ष प्रथम बार पेश हुई। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी./ सी.सी. सहित बकाया cat की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को एक माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में आवंटित यूनिट की रजिस्ट्री निष्पादित करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 09.09.2026 को पेश हो। आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण