Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Pramod Kumar Agarwal v. Sikka Infrastructure Pvt Ltd
Complaint No. NCR144/09/1317/2019
- Decision date
- 2026-06-09
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /“40 ,//63 सपठित नियम-24 25-शिकायत BEA:—NCR44/09/37/209 प्रमोद कुमार अग्रवाल बनाम सिक्का इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 09.06.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन््फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता स्वयं उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता सुश्री निहारिका शुक्ला उपस्थित हुई | उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गय। प्रश्नगत शिकायत में माननीय पीठ-02 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 42.42.209 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. .. प्रतिवादी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्ता को समस्त निर्माण कार्य पूर्ण करते हुए यूनिट संख्या-4403 पर Occupation Certificate (0-2) सहित वैधानिक कब्जा मार्च 2020 तक प्राप्त कराना सुनिश्चित करें|
2. साथ ही शिकायतकर्ता व प्रमोटर के बीच हुये हस्ताक्षरित Builders Buyers Agreement (BBA) के अनुसार विलम्बित अवधि के सम्बंध में दिनांक 30.04.2046 तक ठठ। में उल्लिखित दण्ड / penalty के अनुसार तथा दिनांक 04.05.20i6 (Real Estate Regulation & Development] Act 20i6 के लागू होने की तिथि) से स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया द्वारा निर्धारित MCLR+H% की दर से प्रमोटर द्वारा SMT occupation certificate प्राप्त होने की तिथि अथवा कब्जा ऑफर दिये जाने की तिथि, जो भी बाद में हो, वहाँ तक प्रमोटर द्वारा दण्ड ब्याज अदा किया जाएगा। ब्याज की इस धनराशि को कब्जा दिये जाने के समय अंतिम देय धनराशि में समायोजित की जाएगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर नियमानुसार वापस जायेगी 3. यह भी स्पष्ट किया जाता है कि रेरा अधिनियम 2046 के धारा 2(७७)6) के अन्तर्गत ब्याज को परिभाषित किया गया है कि यदि कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रमोटर द्वारा डिफाल्ट किये जाने पर भी शा आवंटी को दिया जायेगा और यदि शिकायतकर्ता द्वारा कोई धनराशि का भुगतान करना शेष है तो उस विलम्बित अवधि का व्याज प्रतिवादी प्राप्त करने का अधिकारी है, परन्तु ब्याज MCLRH% की दर से अधिक देय नहीं होगा। 4. प्रतिपूर्ति (compensation) दिलाये जाने के सम्बंध में यह उल्लेखनीय है कि प्रतिपूर्ति (compensation) न््यायनिर्णायक अधिकारी (Adjudicating Officer) क्षेत्राधिकार में है। अतः वादी प्रतिपूर्ति प्राप्ति हेतु न््यायनिर्णायक अधिकारी (Adjudicating Officer) के समक्ष वाद दायर कर सकता है।
प्रतिवादी प्रमोटर द्वारा आदेश का अनुपालन न किये जाने पर शिकायतकर्ता ,/ आवंटी को यह अधिकार होगा कि उ०.प्र०. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण के माध्यम से आदेश का कियान्वयन करा Us| इस आदेश का Geos उठ्प्र०्भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 42.42.2049 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया var) उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-02 द्वारा दिनांक 45.44. 202 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है किः- 4. विपक्षी को निर्देशित किया जाता है वह जून 2022 तक शिकायतकर्ता की यूनिट का कब्जा दें एवं आदेश दिनांक 42.42.209 के अनुसार शिकायतकर्ता को विलम्ब हेतु ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें| शिकायतकर्ता अपनी यूनिट का कब्जा प्राप्त करें 2. विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 42.42.2049 का उल्लंघन किया गया है। ऐसे में इस पत्रावली को धारा-63 के अन्तर्गत दण्ड निर्धारण हेतु प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत की जाये। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये। अन्तर्गत धारा-38,/40,/63 की निष्पादन की कार्यवाही के दौरान माननीय सम्बन्धित रेरा पीठ द्वारा अपने आदेश का निष्पादन कराते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का वैधानिक कब्जा उपलब्ध नहीं कराया जा सका। तदोपरान्त श्रीमान सचिव, रेरा द्वारा पारित कार्याला आदेश दिनांक 08.44.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। पत्रावली आज नियम-24 की सुनवाई हेतु इस पीठ के समक्ष प्रथम बार पेश हुई।
विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी. / सी.सी. सहित बकाया eat की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को एक माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें| शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का वैधानिक कब्जा उपलब्ध कराना सुनिश्चित ax | पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 08.09.2026 को पेश हो। “an rhe + सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण