Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
MEGHA GOEL and PUNEET KUMAR v. Laureate Buildwell Private Limited
Complaint No. NCR144/09/113425/2023
- Decision date
- 2026-03-14
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
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Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण, क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर। रेक्टिफिकेशन आदेश पीठ-02 उपस्थिति :-- टी० वेंकटेश, सदस्य शिकायत संख्या :-- Sect-39/I/NCRI44/09/3425/2023 लॉरेट बिल्डवेल प्रा.लि. (प्रमोटर) बनाम मेघा गोयल एवं पुनीत कुमार (आवंटी) प्रस्तुत पत्रावली भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-39 के अन्तर्गत प्रस्तुत की गयी है। शिकायतकर्ता (प्रमोटर) का प्रार्थना पत्र धारा-39 के अन्तर्गत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पुकार पर शिकायतकर्ता (प्रमोटर) की ओर से श्री मकरंद डी. अदकर एवं विपक्षी (आवंटी) की ओर से उनके विद्वान अधिवक्ता श्री अतुल कुमार सिंह उपस्थित हुए। शिकायतकर्ता (प्रमोटर) का प्रार्थना पत्र धारा-39 के अन्तर्गत इस आशय से प्रस्तुत किया गया कि माननीय प्राधिकरण से अत्यंत विनम्रतापूर्वक और सम्मानपूर्वक अनुरोध किया जाता है कि माननीय पीठ द्वारा धारा-34 एवं धारा-63 के अन्तर्गत दिनांक 23.04.2024, 22.04.205 को आदेश पारित किया गया, जिसके कम में दिनांक 48.40.2025 को वसूली प्रमाण पत्र भी जारी किया जा चुका है, जोकि माननीय पीठ के समक्ष धोखाधड़ी करके प्राप्त किए गए हैं, क्योंकि यह कानून की स्थापित स्थिति है कि न्यायालय के साथ धोखाधड़ी करके प्राप्त किया गया कोई भी निर्णय या feat कानून की दृष्टि में शून्य और sme है, जिसे सुधार किये जाने का अनुरोध शिकायतकर्ता (प्रमोटर) द्वारा किया गया है। उभयपक्ष के तर्कों को सुना गया| पत्रावली का अवलोकन किया गया। रेरा अधिनियम, 20i6 की धारा-39 में यह प्राविधान्वित है कि :-
a SEEN आधिकरण अगिलेखों से प्रकट किसी गलती को सुधारने की दृष्टि a इस अधिनियम की अधीन किये गये आदेश की तारीख से दो वर्ष की अवधि के भीतर किसी समय sae द्वारा aka किसी आदेश को ama कर सकेगा और यदि i ie 7 te \S wl क्षेका, गौतमदुद्धनगर a न Ss, पक्षकारों द्वारा उसके ध्यान में गलती लायी जाती है तो ऐसा संशोधन करेया। pe परन्तु ऐसा ols संशोधन किसी आदेश के सम्बंध a जिसके विरुद्ध इस अधिनियम के अधीन अपील reg की ययी है. नहीं किया जायेगा। परन्तु यह कि ग्राविकरण अभिलेख से प्रकट किसी गलती का छुघार करते समय इस अधिनियम के उपबन्ध के अधीन TRI आदेश BARA भाग का संशोधन नहीं BT | पत्रावली पर दाखिल समस्त अभिलेखों एवं प्रपत्रों के अवलोकन से विदित है कि पीठ द्वारा ari—s3i व 63 के अन्तर्गत पारित आदेश गुण-दोष के आधार पर पारित किया गया है। समस्त तथ्यों के अवलोकन से यह स्पष्ट है कि शिकायतकर्ता (प्रमोटर) द्वारा दिया गया संशोधन हेतु प्रार्थना पत्र रेश अधिनियम की धारा-39 की परिधि के अन्तर्गत नहीं आता है। ऐसी दशा में प्रश्नगत प्रकरण में पारित आदेश में कोई संशोधन किया जाना उचित नहीं होगा। अतः शिकायतकर्ता (प्रमोटर) का प्रार्थना पत्र स्वीकार किये जाने योग्य नहीं है। वर्णित तथ्यों के आधार पर शिकायतकर्ता (प्रमोटर) द्वारा दिया गया संशोधन हेतु प्रार्थना पत्र खारिज किया जाता है। तद्नुसार पत्रावली दाखिल दफ्तर हो। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाए। (सदस्य) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण