Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Niharika Rai v. Capital Infratechomes Private Limited
Complaint No. NCR144/09/113268/2023
- Decision date
- 2026-08-24
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40/63 सपठित नियम-24 29-शिकायत AA—NCR44/09/3268/2023 निहारिका राय बनाम कैपिटल इंफ्राटेकहोम्स प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 24.08.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यंम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री असित कुमार उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री राज सिंह उपस्थित हुए। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। प्रश्नगत प्रकरण में आज सुनवाई के दौरान श्री इन्द्रेश विक्रम सिंह विद्वान अधिवक्ता उपस्थित हुए, जबकि विपक्षी के विद्वान अधिवक्ता श्री राज सिंह द्वारा प्रश्नगत प्रकरण में अपना वकालतनामा दाखिल किया गया है। श्री इन्द्रेश विक्रम विद्वान अधिवक्ता द्वारा यह कहा गया कि वह इस प्रकरण में आज से उपस्थित नहीं हो रहे हैं और उन्होंने कोई एन.ओ.सी. जारी नहीं की है। अत: यदि एन.ओ.सी. जारी करने की व्यवस्था रेरा प्राधिकरण में है, तो इस सम्बन्ध में श्री इन्द्रेश विक्रम सिंह अधिवक्ता नियमानुसार कार्यवाही करें। यदि कोई बात कहनी है, तो वह लिखित में अपना प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करें | प्रश्नगत प्रकरण में विपक्षी द्वारा अपने विद्वान अधिवक्ता श्री राज सिंह को नियुक्त किया गया है और उनके द्वारा अपना वकालतनामा भी दाखिल किया गया है और आज से श्री राज सिंह विद्वान अधिवक्ता उपस्थित होंगे। gerd शिकायत में माननीय पीठ-02 (पूर्व पीठ-04) द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 24.04.2025 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:-
4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह आदेश पोर्टल पर अपलोड होने की तिथि से 45 दिनों के अन्दर शिकायतकर्तागण की gee को फ्लैट क्रेता अनुबन्ध के seat अनुसार समस्त सुविधाओं को पूर्ण कराकर ओ.सी.//सी.सी. सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री कराएं। 2. विपक्षी, शिकायतकर्ता (निहारिका राय) को दिनांक 6.04.2048 से ओ.सी./ सी.सी. प्राप्त किये जाने की तिथि अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि, जो भी बाद में हो, तक की अवधि पर शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर MCLR+ प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से विलम्बित अवधि का ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09. 2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब की अवधि एवं विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जाएगी एवं न ही शिकायतकर्ता से किसी अतिदेय (overdues) धनराशि के लिए इस अवधि का ब्याज लिया जाएगा। अन्य शिकायतकर्तागण के प्रकरण में आवंटन पत्र,/फ्लैट क्रेता अनुबन्ध के अनुरूप उपरोक्तानुसार विलम्ब ब्याज की गणना की जायेगी। ॥
3. विपक्षी को यह भी निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 20I6 की aR 2Aza)(i) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किरो जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित अवधि के भुगतान पर शिकायतकर्तागण द्वारा भी MCLRH प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। 4. इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बन्धित पत्रावलियों पर रखी जाए एवं इस आदेश में प्रतिपादित सिद्धान्तों के अनुरूप धनराशि व ब्याज की प्रत्येक मामले में गणना की जाएगी। 5. इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 20:6 की धारा-38, 40(2) एवं 63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। 6. शिकायतकर्तागण को यह निर्देशित किया जाता है कि यदि विपक्षी द्वारा 45 दिनों के अन्दर उपर्युक्त आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्तागण wer पोर्टल के माध्यम से आदेश के क्रियान्वयन हेतु अनुरोध अपलोड कर, उसकी भौतिक प्रति रेरा क्षेत्रीय कार्यालय, ग्रेटर नोएडा में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 24.04.2025 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38/40,/63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया var) उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-02 (पूर्व पीठ-04) द्वारा दिनांक 46.06.2026 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:-
अतः उपयुक्त वर्णित तथ्यों एवं समस्त परिस्थितियों के दृष्टिगत् पत्रावली नियम 24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत यूनिट के भौतिक कब्जे की कार्यवाही हेतु मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष सुनवाई हेतु, दिनांक 34.07.2026 को संदर्भित की जाती है। i सचिव, उ.प्र. रेरा प्रकरण में आदेश, दिनांक 24.0.2025 के प्रस्तर-02 के अनुसार दिनांक 45.07.2026 से पूर्व विपक्षी द्वारा देय विलम्बित अवधि के ब्याज की धनराशि हेतु वसूली प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि से पूर्व मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। यदि मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी नियम-24 की कार्यवाही के दौरान यह पाते हैं कि विपक्षी / प्रोमोटर द्वारा आदेश अन्तर्गत धारा-34, दिनांक 24.0:.20i5 का समयबद्ध रूप से अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है, तो ऐसी दशा में मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी प्रकरण को रेरा अधिनियम की धारा-63 की कार्यवाही किये जाने हेतु पीठ को वापस सन्दर्भित कर सकते हैं। अन्तर्गत धारा-38/40,63 की निष्पादन की कार्यवाही के दौरान माननीय सम्बन्धित रेरा पीठ द्वारा अपने आदेश का निष्पादन कराते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया जा सका और न ही शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई जा सकी। तदोपरान्त मा. पीठ-02 (पूर्व पीठ-04) द्वारा पारित आदेश दिनांक t6.00.2026 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। पत्रावली आज नियम-24 की सुनवाई हेतु इस पीठ के समक्ष प्रथम बार पेश हुई।
शिकायतकर्ता द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद में Re संख्या-44283 / 2026 प्रस्तुत की गई, जिसमें माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के आदेश दिनांक 46.04.2026 ERT प्राधिकरण को निर्देशित किया गया कि मामले का निस्तारण 4 माह के अन्दर किया जाये। विपक्षी द्वारा कब्जा प्रस्ताव-पत्र प्रेषित किया गया है, जिसके साथ में अपनी गणना शीट भी दाखिल की गई है। शिकायतकर्ता विपक्षी द्वारा दाखिल गणना शीट के अनुसार विपक्षी को आवंटित यूनिट के मद में बकाया धनराशि का भुगतान करें। यदि शिकायतकर्ता को कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति एक सप्ताह के अन्दर रेरा पोर्टल पर अपलोड एवं भौतिक रूप से रेरा कार्यालय में दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 44.09.2026 को पेश हो। आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण