Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Amrendra Singh v. Capital Infratechomes Private Limited
Complaint No. NCR144/09/113127/2023
- Decision date
- 2026-08-04
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40/63 सपठित नियम-24 25-शिकायत GM—NCR44/09/327/2023 ores सिंह बनाम कैपिटल इंफ्राटेकोम्स प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 04.08.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन््फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश sgl पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री असित कुमार उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री इन्द्रेश सिंह उपस्थित हुए एवं विपक्षी / कम्पनी के डायरेक्टर श्री नवीन कुमार उपस्थित हुए। रेरा अधिकृत सी.ए की आख्या के विरुद्ध उभयपक्षों द्वारा अपनी अपनी आपत्ति दाखिल की गई हैं। रेरा अधिकृत सी.ए द्वारा दाखिल आख्या पर उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। रेरा अधिकृत सी.ए द्वारा बकाया देयों के सम्बन्ध में अपनी आख्या दिनांकित 44.07.2026 दाखिल की गई है, जिसके अनुसार 44,38,858 /— शिकायतकर्ता की ओर बकाया दर्शाये गये हैं, जो शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी को अदा करने रेरा अधिकृत सी.ए की उक्त आख्या के विरुद्ध विपक्षी द्वारा मुख्यतः आपत्ति की गई कि रेरा अधिकृत सी.ए द्वारा होल्डिंग चार्ज के सम्बन्ध में गणना नहीं की गई है। शिकायतकर्ता की ओर से मुख्यतः आपत्ति की गई कि वह विलम्ब ब्याज की धनराशि और फार्मर कम्पनसेशन की धनराशि अदा करने के लिए उत्तरदायी नहीं है। फार्मर कम्पनसेशन के सम्बन्ध में विपक्षी प्रमाण दाखिल करें।
जहाँ तक होल्डिंग चार्ज का प्रश्न है, तो विपक्षी द्वारा क्योंकि माननीय रेरा पीठ-02 (पूर्व पीठ-04) द्वारा पारित आदेश दिनांकित 23.42.2024 का अनुपालन नहीं किया गया है और न ही शिकायतकर्ता को समय से यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराया गया है और न ही यूनिट की रजिस्ट्री कराई गई है, ऐसी स्थिति में उ.प्र. भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) (विक्रय / पट्टा के लिए करार) नियमावली-2048 के नियम-9.2 के अनुसार शिकायतकर्ता, विपक्षी को कोई होल्डिंग चार्ज अदा करने के लिए बाध्य नहीं है। —<, _— mM, जहाँ तक विलम्ब ब्याज का प्रश्न है, तो यदि शिकायतकर्ता द्वारा किश्तों में विलम्ब किया गया है, तो वह माननीय रेरा पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 23.2.2024 के अनुसार विपक्षी को विलम्ब ब्याज की धनराशि अदा करने के लिए उत्तरदायी होगा। जहाँ तक फार्मर कम्पनसेशन का प्रश्न है, तो विपक्षी फार्मर कम्पनसेशन के सम्बन्ध में प्रमाण 2 दिनों के अन्दर प्रमाण दाखिल करें। माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्णय के अनुसार फार्मर कम्पनसेशन की बढ़ी हुई धनराशि भी शिकायतकर्ता, विपक्षी को अदा करने के लिए उत्तरदायी होगा। अतः शिकायतकर्ता इस आदेश के परिपेक्ष्य में आवंटित यूनिट के मद में बकाया धनराशि का भुगतान विपक्षी को एक सप्ताह के अन्दर करना सुनिश्चित करें। तद्पश्चात विपक्षी, शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें।
यह स्पष्ट किया जाता है कि प्रस्तुत मामले में माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा रिट संख्या-44283 /2026 में पारित आदेश दिनांकित 6.04.2026 के अनुसार 4 माह के अन्दर निस्तारण किया जाना है। यदि शिकायतकर्ता समय से आवंटित यूनिट के मद में बकाया धनराशि. का भुगतान विपक्षी को नहीं किया जाता है, तो ऐसी स्थिति में शिकायतकर्ता स्वयं उत्तरदायी होगा। यदि शिकायतकर्ता द्वारा बकाया धनराशि का भुगतान कर दिये जाने पर विपक्षी, शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराते हुए रजिस्ट्री नहीं कराई जाती है, तो ऐसी स्थिति में विपक्षी के विरुद्ध आदेश-24 सिविल प्रक्रिया संहिता के प्रावधानों के अन्तर्गत कार्यवाही की जायेगी। पत्रावली अग्निम सुनवाई हेतु दिनांक 24.08.2026 को पेश हो। eat आर. पी. सिंह Ne \26 (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण