Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Vivek Kapoor v. Capital Infratechomes Private Limited
Complaint No. NCR144/09/112636/2023
- Decision date
- 2026-08-04
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40/63 सपठित नियम-24 23-शिकायत WLIT—NCR44/09/I2636/2023 विवेक कपूर बनाम कैपिटल इंफ्राटेकोम्स प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 04.08.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन््फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री असित कुमार उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री इन्द्रेश सिंह उपस्थित हुए एवं विपक्षी / कम्पनी के डायरेक्टर श्री नवीन कुमार उपस्थित हुए उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया wer) उभयपक्षों द्वारा अपनी अपनी आपत्ति दाखिल की गई हैं और विपक्षी द्वारा यह कहा गया है कि यदि शिकायतकर्ता द्वारा बकाया धनराशि का भुगतान कर दिया जाता है, तो वह शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री करा देंगे। उभयपक्षों द्वारा अपनी-अपनी गणना शीट दाखिल की जा चुकी हैं, जिससे स्पष्ट है कि उभयपक्षों के मध्य बकाया देयों के सम्बन्ध में विवाद है। उभयपक्षों द्वारा सुनवाई के दौरान रेरा अधिकृत सी.ए द्वारा बकाया देयों की गणना कराने हेतु अनुरोध किया गया है, लेकिन उ.प्र भू-सम्पदा विनियामक कार्यालय आदेश दिनांकित 25.07.2026 जारी किया गया है, जिसके अनुसार इस पीठ को निर्देशित किया गया है कि सी.ए के माध्यम से बकाया देयों की गणना यदि किसी मामले में गणना अनिवार्य है, तो माननीय अध्यक्ष महोदय अनुमोदन के उपरान्त ही सी.ए को पत्रावली संदर्भित की जाये। क प्राधिकरण द्वारा न कराई जाये और , उ.प्र. रेरा के £ दोनों पक्षों की गणना शीट के अवलोकन से स्पष्ट है कि होल्डिंग
ब्याज एवं फार्मर कम्पनसेशन के सम्बन्ध में उभयपक्षों क्योंकि माननीय रेरा पीठ-02 (gd पीठ-04) द्वारा पारित आदेश दिनांकित 24.04.2025 का ost चार्ज, के मध्य विवाद है। विपक्षी विलम्ब द्वारा अनुपालन नहीं किया गया है, ऐसी स्थिति में उ.प्र. भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) (विक्रय / पट्टा के लिए करार) नियमावली-2048 के नियम-9.2 के अनुसार शिकायतकर्ता विपक्षी को कोई होल्डिंग चार्ज अदा करने के लिए बाध्य नहीं है। ae जहाँ तक विलम्ब ब्याज का प्रश्न है, तो यदि शिकायतकर्ता द्वारा किश्तों में विलम्ब किया गया है, तो वह माननीय रेरा पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 24.07.2025 के अनुसार विपक्षी को विलम्ब ब्याज की धनराशि अदा करने के लिए उत्तरदायी होगा। जहाँ तक ork कम्पनसेशन का प्रश्न है, तो माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्णय के अनुसार फार्मर कम्पनसेशन की बढ़ी हुई धनराशि भी शिकायतकर्ता, विपक्षी को अदा करने के लिए उत्तरदायी होगा। अतः ऐसी स्थिति में उभयपक्षों की गणना शीट का इस आदेश के परिपेक्ष्य में किसी लेखा अधिकारी / लेखा विशेषज्ञ से गणना कराकर यह स्पष्ट करना आवश्यक होगा कि कितनी धनराशि शिकायतकर्ता की ओर बकाया है, जो विपक्षी को अदा करनी है, लेकिन न्यायनिर्णायक अधिकारी की पीठ में कोई लेखा अधिकारी / लेखा विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं है। अतः उ.प्र भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण द्वारा कार्यालय आदेश दिनांकित 25.07. 2026 के अनुसार पत्रावली इस पीठ द्वारा सी.ए को नहीं भेजी जा रही है। इस आदेश की प्रति माननीय अध्यक्ष महोदय, उ.प्र. रेश को इस आशय से भेजी जाये कि वह या तो गणना का कार्य करने हेतु सी.ए को संदर्भित करने का आदेश कर सकते हैं या किसी लेखा अधिकारी / लेखा विशेषज्ञ से गणना करा सकते हैं।
यह स्पष्ट किया जाता है कि प्रस्तुत मामले में माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा Re संख्या-44283 / 2026 में पारित आदेश दिनांकित 6.04.2026 के अनुसार 4 माह के अन्दर निस्तारण किया जाना है। अतः प्राथमिकता के आधार पर 3 दिनों के अन्दर गणना का कार्य कराना उचित होगा। इस आदेश की प्रति अविलम्ब माननीय अध्यक्ष महोदय, उ.प्र. रेश को आवश्यक कार्यवाही हेतु भेजी जाये। पत्रावली अग्निम सुनवाई हेतु दिनांक 40.08.2026 को पेश हो। eens आर. पी. Rig MES (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण २६६१४-१।॥४/३/202 6-FIN-UPRERA /70043/20¢ उत्तर प्रदेश भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, H-69, गामा-2, ग्रेटर नोएडा, गौतम बुद्ध FMR-207308 कार्यालय आदेश ह Tagan सूचित किया जाता है कि भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण के साथ आबद्ध सीए फर्म Gad प्रवीण के. श्रीवास्तव एंड कंपनी, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स) को केवल निम्नलिखित निर्दिष्ट सैवाओं के संपादन हेतु मा. अध्यक्ष के अनुमोदनोपरांत अधिकृत किया गया है: 4. लेखांकन (Accounting), कराधान (Taxation) एवं बैंक समाधान (Bank Reconciliation) संबंधी मामलों में पर्यवेक्षण (Supervision) एवं सहायता। 2. माननीय thal द्वारा पारित eer—3i सपठित धारा-38-40-63 आदेशों के अनुपालन में वसूली प्रमाण- पत्र निर्गमन हेतु गणना। 3 क्षेत्रीय कार्यालय, ग्रेटर नोएडा में सुलह (Conciliation) Hat में सहायता। उक्त स्वीकृत/अनुबंधित सेवाओं के अतिरिक्त सीए फर्म को कोई अन्य कार्य CR जटिल न्यायिक/अर्ध-न्यायिक व्याख्या, विवादित अनुबंधों के मूल्यांकन संबंधी कार्य अथवा समायोजन संबंधी कार्य जो धारा-3।/धारा-38/40/63 के आदेश के क्रम में अपेक्षित न हों) प्रेषित नहीं किया जाएगा।
यदि किसी विशेष परिस्थिति में अनुबंधित दायरा (Scope of Work) के अतिरिक्त कोई अन्य कार्य कराया जाना अपरिहार्य हो, तो ऐसे मामले अनिवार्य रूप से अधोहस्ताक्षरी के माध्यम से मा. अध्यक्ष महोदय के अनुमोदनोंपरांत ही अग्रेषित/प्रेषित किए जाएंगे। पूर्वानुमोदन के बिना सी.ए. फर्म को सीधे संदर्भित किए गए अन्य प्रकरणों पर भी कार्यवाही नहीं की जाएगी। यह आदेश मा. अध्यक्ष महोदय के अनुमोदनोपरांत निर्गत किया जा रहा है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। सीए फर्म के स्तर पर पूर्व से लंबित प्रकरणों में भी यही आदेश प्रभावी होंगे। Digitally signed by MAHENDRA VERMA Date: 25-07-2026 7:5 3388 वर्मी सचिव प्रतिलिपि: निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित: . समस्त माननीय पीठ, यूपी रेरा (लखनऊ एवं ग्रेटर नोएडा)। 4. समस्त माननीय न्यायनिर्णायक अधिकारी पीठ व कंसिलिएशन फोरम, यूपी रेरा (लखनऊ एवं ग्रेटर नोएडा)। संयुक्त सचिव/उप सचिव, यूपी रेरा। राजस्व (रिकवरी) अधिकारी, यूपी रेरा (लखनऊ एवं ग्रेटर नोएडा)। मैसर्स प्रवीण के. श्रीवास्तव एंड कंपनी, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स। समस्त कार्मिक, क्रियान्वयन शाखा, यूपी रेरा, (लखनऊ एवं ग्रेटर नोएडा)। . गार्ड फाइल। " - NOM Sw