Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Amita v. ATS Realty Private Limited
Complaint No. NCR144/08/98731/2022
- Decision date
- 2026-02-11
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
- Counsel
- Puneet Jain (in this matter)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40 //63 सपठित नियम-24 2-शिकायत PA:—NCR44/08/9873 /2022 अमिता बनाम एटीएस रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 44.02.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री देवेश उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता सुश्री मालिनी उपस्थित gE | उभयपक्षों को सुना गया एवं उभयपक्षों द्वारा दाखिल जवाब एवं गणना शीट का अवलोकन किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा धारा-34 के अन्तर्गत अपनी शिकायत योजित की गई। प्रश्नगत शिकायत में माननीय पीठ-2, द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 06.42.2023 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- ॥ विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्तागण को आवंटित यूनिट अनुबन्ध के अनुसार समस्त सुविधाओं को पूर्ण कराकर जनवरी 2024 तक ail. सी /सी.सी सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें।
विपक्षी, अग्रणी शिकायतकर्ता को दिनांक 04.42.2047 से ओ.सी /सी.सी अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि जो बाद में हो तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि रु. 32,24,475,// पर MCLR+I प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की जाने वाली धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर नियमानुसार शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी । साथ ही यदि शिकायतकर्ता का कोई अतिदेय (Over Dues) है, तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा। उक्त तालिका में अंकित क्रम संख्या 2 से t0 तक शिकायतकर्तागण के प्रकरणों में आवंटन पत्र/अनुबन्ध के अनुरूप तालिका में अंकित कब्जा दिये जाने की तिथि के उपरांत से प्रत्येक शिकायतकर्ता के सम्मुख अंकित धनराशि पर उपरोक्तानुसार ब्याज की गणना की जायेगी। विपक्षी को यह निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 2046 की धारा ANS अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी MCLR+ प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा लागू होने के बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गयी है, तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी। 4. इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बन्धित पत्रावलियों पर रखी जाये। Lo
5. इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 20:6 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। 6. विपक्षी द्वारा यदि इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्तागण रेरा प्राधिकरण के माध्यम से आदेश का कियान्वयन करा सकेगें। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये। विपक्षी द्वारा उक्त आदेश का अनुपालन न करने के कारण शिकायतकर्ता द्वारा उक्त आदेश के निष्पादन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। तदोपरान्त शिकायत में मा. पीठ-3 द्वारा दिनांक 07.04.2025 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- उपरोक्त विश्लेषण व तथ्यों से स्पष्ट है कि विपक्षी ने पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 06.42.2023 के क्रम संख्या “४ व 2” का अनुपालन नहीं किया है। उपरोक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए पत्रावली रेरा नियमावली 2046 के नियम-24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत आदेश दिनांक 06.42.2023 के क्रम संख्या 4 के अनुसार यूनिट के भौतिक कब्जा व रजिस्ट्री की कार्यवाही हेतु न््यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष सुनवाई हेतु दिनांक 47.03.2025 के लिए संदर्भित की जाती है। सचिव, उ..प्र.रेरा, दिनांक 06.42.2023 को धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश के क्रम संख्या “2” के अनुसार जमा धनराशि पर विलम्बित अवधि का ब्याज हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि 7. 03.2025 से पूर्व न्यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित Hy |
यदि न्याय निर्णायक अधिकारी नियम 24 की कार्यवाही के दौरान यह पाते है कि विपक्षी / प्रमोटर द्वारा आदेश अन्तर्गत धारा-34 दिनांक 06.42.2023 का समयबद्ध रूप से अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है तो ऐसी दशा में न्याय निर्णायक अधिकारी प्रकरण Ht अधिनियम की धारा 63 की कार्यवाही किये जाने हेतु पीठ को वापस संदर्भित कर सकते है। गा हि > तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38 /40,/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराने व यूनिट की रजिस्ट्री निष्पादित न कराये जाने के कारण माननीय पीठ-3, द्वारा पारित आदेश दिनांक 07.04.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को भेजी गयी। विपक्षी द्वारा अपनी गणना शीट में शिकायतकर्ता की ओर धनराशि रु. 8.78,447 /-दशाई गई है, जिसमें होल्डिंग चार्ज, विलम्ब ब्याज भी दर्शाई गई है। जहाँ तक होल्डिंग चार्ज का प्रश्न है, तो माननीय रेरा पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांकित 06.42.2023 एवं 07.04.2025 में होल्डिंग चार्ज का उल्लेख नहीं है। शिकायतकर्ता बकाया धनराशि तथा विलम्ब ब्याज की धनराशि एवं कब्जे के समय दिये जाने वाले anit का एक माह के अन्दर भुगतान विपक्षी को करना सुनिश्चित करें। तद्पश्चात विपक्षी, शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। विपक्षी द्वारा यदि आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो ऐसी स्थिति में आदेश-24 सिविल प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत कार्यवाही करते हुए इस न्यायालय द्वारा स्वयं शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा दिलाया जायेगा और शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई जायेगी। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु नियत तिथि 24.04.2026 को पेश हो।
(न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण