Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Neety Gill v. Rise Projects Pvt Ltd
Complaint No. NCR144/08/98624/2022
Verified by Puneet Jain, Editor
- Decision date
- 2024-06-13
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Bench 2 Gautam Budh Nagar
- Counsel
- Puneet Jain (for the respondent)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
English translation. Machine translation from the Hindi by AI (Claude Haiku), not reviewed. The original order below is the authoritative text.
[?] Real Estate Regulatory Authority, Regional Office, Gautam Buddh Nagar. Order under [?], Bench-2 (earlier Bench-4) Present: Shri T. Venkatesh, Member Complaint No.: NCR44/08/98624/2022 Neeti Gill Versus M/s Rise Projects Pvt. Ltd. The present complaint petition has been filed by the complainant against the opposite party seeking possession along with interest for the period of delay. Briefly, the complainant's case is that they booked Unit WET—Madison Square UG3 in the opposite party's project: RISE SQUARE - PALM STREET, MADISON SQUARE, BROADWAY STREET. The total price of the unit was Rs. 39,67,740/-, against which the complainant paid Rs. 26,26,745/- to the opposite party from time to time in instalments. The complainant also says that the opposite party has not obtained the O.C./C.C. for [wera] project, and that a demand letter is being sent to the complainant to pay the amount due, and that if it is not paid, the unit in question will be cancelled. Yet even now the opposite party has not obtained all the N.O.C.s for the project in question from the competent authority. In addition, the complainant says that the opposite party is sending unreasonable demand letters. The opposite party gave wrong assurances regarding the transfer of funds against unit numbers FE7 to A63, and at present the opposite party has not executed the agreement for unit number [gan]. Therefore the complainant has requested possession and interest for the period of delay.
In support of the complainant's statement, photocopies of records have been filed, including a copy of the agreement to sell dated 27.40.2020, a copy of the unit cancellation letter, receipts of the deposited amount, and other records. [?] Page 4
a भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण, क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर। आदेश अन्तर्गत ais, पीठ-2 (पूर्व पीठ-4) उपस्थिति — श्री टी० dees, सदस्य शिकायत संख्या :- NCR44/08/98624/2022 नीती गिल बनाम मैसर्स राइज प्रोजेक्ट्स प्रा० लि० प्रस्तुत शिकायत प्रार्थना पत्र शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी के विरुद्ध विलम्बित अवधि के ब्याज सहित कब्जा दिलाये जाने हेतु संस्थित किया गया है।
संक्षेप में शिकायतकर्ता का कथन है कि उनके द्वारा विपक्षी की परियोजना: ~RISE SQUARE - PALM STREET, MADISON SQUARE, BROADWAY STREET में यूनिट WET—Madison Square UG3 बुक करायी गयी थी। यूनिट की कुल कीमत 39,67,740/— रुपये थी, जिसके सापेक्ष उनके द्वारा समय-समय पर किश्तों के आधार पर 26,26,745/— रुपये का भुगतान विपक्षी को किया गया। शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि विपक्षी द्वारा wera परियोजना के सापेक्ष ओ.सी /सी.सी प्राप्त नहीं किया गया है तथा शिकायतकर्ता पर अपनी देय धनराशि का भुगतान किये जाने हेतु मांग पत्र प्रेषित किया जा रहा है एवं भुगतान न किये जाने की स्थिति में उनकी प्रश्नगत यूनिट को निरस्त कर दी जायेगी, परन्तु वर्तमान समय में भी प्रश्नगत परियोजना के सापेक्ष विपक्षी द्वारा सक्षम प्राधिकरण से समस्त एन.ओ.सी को प्राप्त नहीं किया गया है। इसके अतिरिक्त शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि विपक्षी. द्वारा अनुचित मांग पत्र प्रेषित किये जा रहे हैं। विपक्षी द्वारा यूनिट संख्या- FE7 से ए63 के सापेक्ष wos स्थानांतरित किये जाने के सम्बन्ध में गलत आश्वासन दिये गये तथा वर्तमान समय में विपक्षी द्वारा यूनिट संख्या- गण के सापेक्ष अनुबन्ध पत्र का निष्पादन नहीं किया गया। अतः शिकायतकर्ता द्वारा कब्जा एवं विलम्बित अवधि का ब्याज दिलाये जाने का अनुरोध किया गया है। शिकायतकर्ता द्वारा अपने कथन के समर्थन में एग्रीमेंट टू सेल दिनांक 27.40.2020 की प्रति, यूनिट निरस्तीकरण पत्र की प्रति, जमा धनराशि की रसीदें आदि अभिलेखों की छायाप्रतियां दाखिल की गयी हैं। oe 4
विपक्षी द्वारा अपने कथन के समर्थन में प्रतिवाद पत्र दाखिल करते हुए कथन किया गया है कि शिकायतकर्ता द्वारा vera परियोजना में 02 यूनिट जिनकी यूनिट संख्या- 77 एवं ए63 विपक्षी की परियोजना RISE SQUARE - MADISON STREET में बुक करायी गयी थी, जिसके कम में शिकायतकर्ता द्वारा दोनों यूनिट के सापेक्ष आवंटन पत्र का निष्पादन किया गया था तथा यूनिट संख्या- ए6703 के सापेक्ष अनुबन्ध पत्र का निष्पादन किया गया है एवं यूनिट संख्या- wer सापेक्ष आवंटन पत्र का निष्पादन किया गया है तथा शिकायतकर्ता को अनुबन्ध पत्र प्रेषित किया जा चुका है, परन्तु शिकायतकर्ता द्वारा स्वयं हस्ताक्षरित नहीं किया गया है, जिससे स्पष्ट है कि विपक्षी द्वारा रेरा अधिनियम की ais का उल्लंघन नहीं किया है। जिसमें प्रश्नगत यूनिट के सापेक्ष भुगतान योजना ease: अंकित की गयी है। विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता और ter क्लीनिक के मध्य हुए अनुबन्ध का विपक्षी कम्पनी से कोई सम्बन्ध नहीं है, जबकि शिकायतकर्ता का प्रस्तुत शिकायत Aer क्लीनिक के सापेक्ष ही है। gemma यूनिट के सापेक्ष शिकायतकर्ता द्वारा अपनी भुगतान योजना के अनुसार अपनी देय धनराशि का भुगतान समय से नहीं किया गया तथा शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी से यूनिट संख्या- ए6703 में बने रहने तथा यूनिट m7 को निरस्त करने तथा यूनिट संख्या- | के सापेक्ष जमा धनराशि को यूनिट संख्या- vers में स्थानांतरित किये जाने का अनुरोध किया गया है, जिसे उनके द्वारा स्वीकार करते हुए बिना किसी कटौती करते हुए यूनिट संख्या- verse उनकी जमा धनराशि को स्थानातंरित कर दी गयी है। विपक्षी द्वारा यह स्वीकार किया जा रहा है त्रूटिवश 3,9,605//-रूपये की धनराशि का चैक के माध्यम से यूनिट संख्या-एढ703 के सापेक्ष दिया गया तथा 4,93,893 /-रूपये की धनराशि यूनिट संख्या- FFT के सापेक्ष दिया गया, वह aan विपक्षी द्वारा जारी किसी अन्य परियोजना में स्थानांतरित कर दिया गया था, जिसे सुधार करते हुए यूनिट संख्या- vcr में स्थानांतरित करते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में रसीद we030 तथा 0434 जारी करते हुए शिकायतकर्ता की शिकायत का समाधान कर दिया गया था। यूनिट संख्या-ए6703 जिसकी कुल कीमत 47,53,565/-wW थी, जिसके सापेक्ष शिकायतकर्ता द्वारा 37,33,582 /-रूपये की धनराशि का भुगतान किया गया है। उपरोक्त कथन के आधार शिकायतकर्ता की प्रश्नगत शिकायत खारिज किये जाने का अनुरोध किया गया है।
उभयपक्ष के dat को सुना गया व पत्रावली का अवलोकन किया गया, जिसके आधार पर निम्न बिन्दु विचरित किये जाते हैं :- aa शिकायतकर्ता को कब्जा एवं विलम्बित अवधि का ब्याज दिलाया जाये? यदि हाँ तो ब्याज की क्या दर होगी ? 2 CL निस्तारण faq संख्या-4 बिन्दु संख्या-। इस आशय का विचरित किया गया है कि क्या शिकायतकर्ता को कब्जा एवं विलम्बित अवधि का ब्याज दिलाया जाये? यदि हाँ तो ब्याज की क्या दर होगी? शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि विपक्षी द्वारा प्रश्नगत परियोजना के सापेक्ष ओ.सी /सी.सी प्राप्त नहीं किया गया है तथा शिकायतकर्ता पर अपनी देय धनराशि का भुगतान किये जाने हेतु मांग पत्र प्रेषित किया जा रहा है एवं भुगतान न किये जाने की स्थिति में saat vera यूनिट को निरस्त कर दी जायेगी, परन्तु वर्तमान समय में भी प्रश्नगत परियोजना के सापेक्ष विपक्षी द्वारा सक्षम प्राधिकरण से समस्त एन.ओ.सी को प्राप्त नहीं किया गया है। इसके अतिरिक्त शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि विपक्षी द्वारा अनुचित मांग पत्र प्रेषित किये जा रहे हैं। विपक्षी द्वारा यूनिट संख्या- ॥7 से ए63 के सापेक्ष फण्ड स्थानांतरित किये जाने के सम्बन्ध में गलत आश्वासन दिये गये तथा वर्तमान समय में विपक्षी द्वारा यूनिट संख्या- we7 के सापेक्ष अनुबन्ध पत्र का निष्पादन नहीं किया गया। अतः शिकायतकर्ता द्वारा कब्जा एवं विलम्बित अवधि का ब्याज दिलाये जाने का अनुरोध किया गया है। अतः शिकायतकर्ता द्वारा कब्जा एवं विलम्बित अवधि का ब्याज दिलाये जाने का अनुरोध किया गया है।
पत्रावली पर शिकायतकर्ता द्वारा दाखिल wite टू सेल दिनांक 27.0.2020 की छायाप्रति दाखिल की गयी है, जिसके पृष्ठ संख्या-43 के TRR-7..4 के अनुसार विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता को दिनांक 34.07.2022 तक - कब्जा उपलब्ध कराया जाना था, परन्तु विपक्षी द्वारा vad निर्धारित अवधि में प्रश्नगत यूनिट का कब्जा नहीं दिया गया है। जहाँ तक किस अवधि तक का ब्याज दिलाये जाने का प्रश्न है। इस सम्बन्ध में सिविल अपील Ho ee4o-50/20i8 "सुपरटेक लिमिटेड बनाम रजनी गोयल"में माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा अभिनिर्धारित किया गया है कि:- "the period of Interest should close on April 206 when the Full Occupancy Certificate was obtained as per the admission of the Respondent — Purchaser herself in Para 40) of the Consumer Complaint, wherein she has admitted that the Appellant —Builder had obtained the Completion Certificate as late as April 20l6. The Respondent — Purchaser could not have any further grievance after April 20l6 with respect to delay in handing over possession. 3 The Respondent - Purchaser ought not to be allowed to reap the benefits of her own delay in taking possession. " उपरोक्त विधि व्यवस्था के अनुसार ओ.सी. / सी.सी. अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि, जो भी बाद में हो तक शिकायतकर्ता विलम्ब ब्याज पाने का अधिकारी होगा। ऐसी दशा में शिकायतकर्ता को दिनांक 07.08.2022 से ओ.सी /सी.सी अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि, जो भी बाद में हो तक विलम्बित अवधि का ब्याज प्राप्त करने का अधिकारी है।
जहाँ तक ब्याज देयता का प्रश्न है, माननीय बॉम्बे उच्च न्यायालय द्वारा “नीलकमल रियलटर्स सबअर्बन wife. आदि बनाम यूनियन ऑफ इंडिया”के वाद में अभिनिर्धारित किया गया है कि :- "Section 8(l)(b) lays down that if the promoter fails to complete or is unable to give possession of an aprtment due to discontinuance of his business as a developer on account of suspension or revocation of the registration under the Act or for any other reason, he is liable on demand to the allottees, in case the allottee wishes to withdraw from the project, without prejudice in this behalf including compensation. If the allottee does not intent to withdraw from the project he shall be paid by the promoter interest for every month's delay till handing over of the possession,. The requirement to pay interest is not a penalty as the payment of interest is compensatory in nature in the light of the delay suffered by the allottee who has paid for his apartment but has not received possession of it. The obligation imposed on the promoter to pay interest till such time as the apartment is handed over to him is not unreasonable. " अतः उपरोक्त निर्णय के आलोक में यह स्पष्ट है कि उ0प्र0 रेरा के प्राविधानों के अन्तर्गत प्रमोटर व Sar के बीच किये गये अनुबंध के अनुरूप विलम्ब तथा मूल धनराशि पर ब्याज देय होगा, क्योंकि प्रमोटर्स द्वारा उक्त धनराशि का उपभोग किया गया है।
जहाँ तक देय ब्याज दर का प्रश्न है, तो राज्य सरकार द्वारा भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम 20r6 के अधीन दिनांक 77.40.20:8 को भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) (विकय,पटटा के लिए करार) नियमावली 28 अधिसूचित की गयी हैं। इसमें tome के रूप में दिये गये 4 Oy & विलेख के प्रारूप के प्रस्तर 9 में प्रमोटर्स के डिफाल्ट प्रकरण (Events of default) परिभाषित है, जिसमें प्रस्तर o.2Gi) में प्रमोटर के डिफाल्टर होने की स्थिति में आवंटी हेतु प्राविधानित है कि:- "The Allottee shall have the option of terminating the Agreement in which case the Promoter shall be liable to refund the entire money paid by the Allottee under any head whatsoever towards the purchase of the apartment, along with interest at the rate equal to MCLR (Marginal Cost of Lending Rate) on home loan of State Bank of India +I% unless provided otherwise under the Rules. within forty-five days of receiving the termination notice:" यही दर आवंटियों के द्वारा डिफॉल्ट की स्थिति में भी प्रस्तर 9.30) में निर्धारित है। sar mers को cert रखते हुए आवंठी को MCLRt प्रतिशत की ब्याज दर पर विलम्बित अवधि का ब्याज दिलाया जाना न्यायोचित प्रतीत होता है। यह भी स्पष्ट किया जाता है कि यदि शिकायतकर्ता की कोई धनराशि अतिदेय है, तो उस ux विपक्षी भी ॥/०,४+ प्रतिशत की दर से ही ब्याज प्राप्त कर सकता है। रेरा की धारा-2(28)0) में भी यही ब्याज की परिभाषा दी गयी है। तद्नुसार बिन्दु ve Prana किया जाता है। उपरोक्त बिन्दु का निस्तारण करते हुए निम्न आदेश पारित किये जाते a आदेश
\. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्ता की यूनिट को अनुबन्ध पत्र के अनुसार पूर्ण कराकर आदेश अपलोड किये जाने की तिथि से 45 दिनों में ओ.सी /सी.सी सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें। 2. विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 04.08.2022 से ओ.सी/सी.सी अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि तक शिकायतकर्ता द्वारा स्वयं जमा धनराशि पर MCLR+ प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें| ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 के बीच यदि शिकायतकर्ता का कोई 5 Ch खिला अतिदेय (Over Dues) है, तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा। विपक्षी को यह निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 20:6 की धारा 2(2०)0) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी धरटा॥?+ प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा लागू होने के बाद आंवंटी से ers हेतु ली गयी है, तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी। इस आदेश का versa भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 20i6 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये।
यदि विपक्षी द्वारा इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्ता को यह अधिकार होगा कि रेरा प्राधिकरण के माध्यम से अपने आदेश का कियान्वयन करा सकेगें। ) or ब्रा yr ॥ | bo” टी० वेंकटेश (सदस्य) उ0प्र0 भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण