Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Pankaj Kumar v. Yamuna Expressway Industrial devlopment Authority
Complaint No. NCR144/08/98293/2022
- Decision date
- 2026-03-12
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar Status-Disposed
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40 //63 सपठित नियम-24 24-शिकायत PWAM—NCR44/08/98293/2022 पंकज कुमार बनाम यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण आदेश-पत्र दिनांक: 42.03.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता स्वयं उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता सुश्री निधि कुमार उपस्थित हुई | उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा अवगत कराया गया है कि विपक्षी द्वारा अभी तक हस्तान्तरण विलेख निष्पादित एवं पंजीकृत नहीं कराया गया है। शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी की परियोजना में बुक की गई यूनिट का कब्जा प्राप्त न होने तथा यूनिट की रजिस्ट्री न कराये जाने के कारण शिकायतकर्ता द्वारा कब्जे एवं रजिस्ट्री हेतु अपनी शिकायत योजित की गई, vera शिकायत में माननीय पीठ-04ए तह नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 7.07.2023 को निम्नवत आदेश पारित किये पक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्तागण के प्लॉटस् की समस्त siete को आवंटन पत्र/ब्रोशर के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 34.03.2023 तक ओ. सी / सी.सी. सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें। > विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह रेरा अधिनियम की a7 के अधीन बिना ओ.सी./ सी.सी. प्राप्त किये किसी भी शिकायतकर्तागण को प्लॉट की रजिस्ट्री कराये जाने हेतु बाध्य नहीं करेंगे और ओ.सी./सी.सी. प्राप्त कर चेक लिस्ट जारी करते हुए दिनांक 34.03.2023 तक शिकायतकर्तागण के पक्ष में रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। — aig
3... विपक्षी, शिकायतकर्ता (अरविन्द कुमार गुप्ता) को दिनांक 24.04.2044 से दिनांक 30. 04.2047 तक 4 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज की दर से व दिनांक 04.05.2047 से ओ. सी /सी.सी. प्राप्त किये जाने की तिथि अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि, जो भी बाद में हो तक की अवधि पर विलम्ब ब्याज के रूप में धटा॥२+ प्रतिशत की दर से ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही यदि शिकायतकर्ता का कोई अतिदेय (व्अमत eA) है. तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा। अन्य शिकायतकर्तागण के प्रकरणों में आवंटन पत्र /ब्रोशर के अनुरूप विलम्ब ब्याज की उपरोक्तानुसार गणना की जायेगी। 4... विपक्षी को यह निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 206 की धारा 2(2४)0) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्तागण द्वारा भी MCLRH प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा लागू होने के बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गयी है, तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी। 5, विपक्षी को यह भी आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्ता (विकास गोयल) से पी.एल.सी. लगाने का कारण व आधार स्पष्ट करने के बाद ही यह धनराशि ले।
6. शिकायतकर्तागण के प्रकरणों में किसान प्रतिकर के सम्बन्ध में देयता माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित आदेश के अधीन देय होगी। 7. इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बन्धित पत्रावलियों पर रखी जाये एवं इस आदेश में प्रतिपादित सिद्धान्त के अनुरूप धनराशि व विलम्ब ब्याज की प्रत्येक मामले में गणना की जायेगी | 8. इस आदेश का उल्लंघन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। 9. यदि विपक्षी द्वारा इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो ज्िक्लायतकर्तागण को यह अधिकार होगा fe Rr प्राधिकरण के माध्यम से अपने आदेश का ४ करा सकेगें। क्षी द्वारा आदेश दिनांक 47.07.2023 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शक द्वारा धारा-38 /40,/63 के अन्तर्गत Sat आदेश का अनुपालन» निष्पदान ( प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-04 (पूर्व में पीठ-0ए) द्वारा दिनांक 29.0.2025 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है किः- अतः उपर्युक्त वर्णित तथ्यों एवं समस्त परिस्थितियों के दृष्टिगत पत्रावली नियम-24 में निहित शक्तियों के अधीन पीठ द्वारा धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश, दिनांक 47-04-2023 के प्रस्तर-04 एवं 02 के अनुसार प्रश्नगत प्लॉट के भौतिक कब्जे एवं रजिस्ट्री की कार्यवाही हेतु मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष सुनवाई के लिए, दिनाक 23-2-2025 को संदर्भित की जाती है।
सचिव, उ.प्र. रेरा प्रकरण में आदेश, दिनांक 47-04-2023 के प्रस्तर-03 के अनुसार दिनांक 40-42-2025 से पूर्व विपक्षी द्वारा देय विलम्बित अवधि के ब्याज की धनराशि हेतु वसूली प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि से पूर्व मा. न्यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। यदि मा. न्यायनिर्णायक अधिकारी नियम-24 की कार्यवाही के दौरान यह पाते हैं कि विपक्षी / प्रोमोटर द्वारा आदेश अन्तर्गत ai—3i, दिनांक 47-04-2023 का समयबद्ध रूप से अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है, तो ऐसी दशा में मा न्यायनिर्णायक अधिकारी प्रकरण को रेरा अधिनियम की धारा-63 की कार्यवाही किये जाने हेतु पीठ को वापस सन्दर्भित कर सकते हैं। aera अन्तर्गत धारा-38 /40,63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने एवं रजिस्ट्री न कराये जाने के कारण मा. पीठ-04 (पूर्व में पीठ--0ए) द्वारा पारित आदेश दिनांक 29.0.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई | ऊँ इस पीठ द्वारा विपक्षी को दिनांक 40.2.2025 को आदेशित किये जाने के बावजूद भी विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री नहीं कराई गई है और न ही यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराया गया है और न ही विपक्षी द्वारा नियम-24 की कार्यवाही के दौरान आज तक अपना जवाब दाखिल किया गया है और न ही रेरा पोर्टल पर अपलोड किया गया है। अतः ऐसी स्थिति में माननीय रेरा He—o7y द्वारा दिनांक 47.07.2023 का अनुपालन न होने के कारण विपक्षी के विरुद्ध धारा-63 के अन्तर्गत अर्थदण्ड / पेनल्टी अधिरोपित किया जाना आवश्यक होगा।
माननीय रेरा मा. पीठ-0॥ (पूर्व में पीठ--04ए) द्वारा पारित आदेश दिनांक 29.40. 2025 में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि:- Brey वापस सन्दर्भित कर सकते हैं अतः माननीय रेरा पीठ-04 (पूर्व में पीठ-04ए) द्वारा पारित आदेश दिनांक 29.0. 2025 के अनुसार प्रश्नगत पत्रावली धारा-63 के अन्तर्गत विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 47. 07.2023 का अनुपालन न करने के कारण विपक्षी के विरुद्ध धारा-63 के अन्तर्गत wed /अर्थदण्ड अधिरोपित करने हेतु वापस की जाती है। सम्बन्धित पीठ विपक्षी के विरुद्ध धारा-63 के अन्तर्गत पेनल्टी /अर्थदण्ड अधिरोपित करने के उपरान्त यदि सम्बन्धित eal मीकैपज्रावली इस पीठ को पुनः संदर्भित करती है, तो इस पीठ द्वारा शिकायतकर्ता के पक्ष में ed of रजिस्ट्री कराये जाने एवं कब्जा उपलब्ध कराये जाने तथा आदेश दिनांक 7, Psy का अनुपालन कराये जाने हेतु अग्रिम कार्यवाही की जायेगी। आदेश रेरा पोर्टल पर अपलोड किया जाये। अतः प्रश्नगत पत्रावली सम्बन्धित पीठ को पीठ के आदेश के निर्देशानुसार वापस की जाये। आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण