Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Mr Ashfaq Beg v. ATS Realty Private Limited
Complaint No. NCR144/08/98191/2022
Verified by Puneet Jain, Editor
- Decision date
- 2025-06-05
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Bench 3 Gautam Budh Nagar
- Counsel
- Puneet Jain (for the respondent)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण, क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर। पीठ-3 रेक्टिफिकेशन आदेश अन्तर्गत धारा-39 शिकायत संख्या — Sect-39/I/NCR44/08/989/2022 अशफाक बेग बनाम एटीएस रियलटी प्रा.लि. वर्तमान प्रकरण में शिकायतकर्ता द्वारा धारा-39 के अन्तर्गत संशोधन प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया है। शिकायतकर्ता द्वारा प्रार्थना पत्र में यह उल्लिखित किया गया है कि उनके द्वारा विपक्षी को यूनिट के सापेक्ष सम्पूर्ण धनराशि Go 29,83,434 ,// का भुगतान किया गया है जिसके सापेक्ष उनके द्वारा विपक्षी द्वारा जारी स्टेटमेंट ऑफ एकाउंट की प्रति दाखिल की गयी है। अतः शिकायतकर्ता द्वारा प्रकरण में पारित मूल आदेश में उल्लिखित विपक्षी को भुगतान की गयी धनराशि संशोधित करते हुए स्टेटमेंट ऑफ एकाउंट के अनुसार vo 29,83,434 / अंकित किये जाने का अनुरोध किया गया है। विपक्षी की ओर से आपत्ति दाखिल की गयी जिसमें यह उल्लिखित किया गया है कि शिकायतकर्ता द्वारा कम्पलेंट पेज पर यूनिट के सापेक्ष धनराशि Go 29,43,434 / का भुगतान किया जाना अंकित किया गया है जो पीठ द्वारा दिनांक 06.42.2023 को पारित आदेश में अंकित है। पीठ द्वारा पारित आदेश में कोई त्रुटि नहीं है। अतः विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता प्रस्तुत संशोधन प्रार्थना पत्र को निरस्त किये जाने का अनुरोध किया गया है।
शिकायतकर्ता की ओर से विपक्षी की लिखित आपत्ति पर प्रतिउत्तर दाखिल करते हुए यह उल्लिखित किया गया है कि रेरा अधिनियम की धारा 34 के अन्तर्गत संस्थित शिकायत फार्म-एम में त्रुटिवश विपक्षी को भुगतान की गयी धनराशि bo 29,43,434 / अंकित हो गयी है जबकि विपक्षी को कुल धनराशि bo 29,83,434 / का भुगतान किया गया है। अतः शिकायतकर्ता ने पीठ द्वारा दिनांक 06.42.2023 को पारित आदेश में अंकित धनराशि रु0 29,43,434 /“ के स्थान पर रु0 29,83,434 / संशोधन किये जाने का अनुरोध किया गया है। शिकायतकर्ता की ओर से संशोधन प्रार्थना पत्र रेश अधिनियम की धारा-39 के अन्तर्गत दिनांक 03.05.2024 को योजित किया गया है। जबकि पीठ द्वारा धारा-34 के अन्तर्गत आदेश —— दिनांक 06.42.2023 को पारित किया गया है। इस प्रकार शिकायतकर्ता की ओर से पस्तुत संशोधन प्रार्थना पत्र रेश अधिनियम की धारा-39 में प्राविधानित 2 वर्ष की अवधि के भीतर है। न्यायालय द्वारा पारित अंतिम आदेश में त्रुटि परिशोधन संशोधन हेतु भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम 2046 की धारा-39 में निम्नवत् प्रावधान किया गया है :- प्राधिकरण, अभिलेखों से प्रकट किसी गलती को सुधारने की दृष्टि से, इस अधिनियम की अधीन किये गये आदेश की तारीख से दो वर्ष की अवधि के भीतर किसी समय, उसके द्वारा पारित किसी आदेश को संशोधित कर सकेगा और यदि worl द्वारा उसके ध्यान में गलती लायी जाती है तो ऐसा संशोधन करेगा। परन्तु ऐसा कोई संशोधन किसी आदेश के सम्बंध में, जिसके विरूद्र इस अधिनियम के अधीन अपील प्रस्तुत की गयी है, नहीं किया जायेगा। परन्तु यह कि प्राधिकरण अभिलेख से प्रकट किसी गलती का सुधार करते समय, इस अधिनियम के उपबन्ध के अधीन पारित उसके आदेश के सारवान् भाग का संशोधन नहीं करेगा।
पत्रावली पर उपलब्ध प्रपत्रों का अवलोकन किया गया जिससे यह विदित है कि शिकायतकर्ता द्वारा दर्ज करायी गयी ऑनलाइन शिकायत में विपक्षी को धनराशि wo 29,43,434 / अंकित है परन्तु शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी को भुगतान की गयी धनराशि के बावत स्टेटमेंट ऑफ एकाउंट की छायाप्रति दाखिल की गयी है जिससे विदित है कि शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी को कुल धनराशि vo 29,83,483 ,/“ का भुगतान किया गया है। ऐसे में पीठ द्वारा शिकायत संख्या waite ,/ 08 // 98494 // 2022 में रेरा अधिनियम की धारा 34 के अन्तर्गत दिनांक 06.42.2023 को पारित आदेश में जमा धनराशि bo 29,43,434 / के स्थान पर रु0 29,83,483 / संशोधन किया जाना न्यायोचित होगा | इस प्रकार शिकायतकर्ता द्वारा चाहा गया संशोधन रेरा अधिनियम की धारा-39 की परिधि में है क्योंकि रेश अधिनियम की धारा 39 में स्पष्टतः उल्लिखित किया गया है कि प्राधिकरण, अभिलेखों से प्रकट किसी गलती को सुधारने की दृष्टि से, इस अधिनियम की अधीन किये गये आदेश की तारीख से दो वर्ष की अवधि के भीतर किसी समय, उसके द्वारा पारित किसी आदेश को संशोधित कर सकेगा। अतः प्रार्थी शिकायतकर्ता का रेक्टिफिकेशन प्रार्थना पत्र धारा-39 के अन्तर्गत स्वीकार करते हुए निम्न आदेश पांरित किया जाता है :- 4. पीठ द्वारा दिनांक 06.42.2023 को पारित आदेश के पृष्ठ-4 व 3 में वर्णित धनराशि wo 29,43,434/ के स्थान पर धनराशि GO 29,83,483/ पढ़ा जाए। शेष आदेश यथावत् रहेगा। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये। पत्रावली दाखिल दफ्तर हों। _ (25२०० sa eG 202s (Slo दीपक स्वरूप सक्सेना) सदस्य उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण गौतमबुद्धनगर