Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Veena Sharma and Ram Kishan Sharma v. PATEL ADVANCE JV Registered Office
Complaint No. NCR144/08/97977/2022
- Decision date
- 2026-07-16
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar Status-Disposed
- Counsel
- Puneet Jain (in this matter)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-नन््यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 ,/“40 ,/“63 सपठित नियम-24 44-Rrpread WA—NCR 44/08/97977/2022 वीणा शर्मा एवं राम किशन शर्मा बनाम पटेल एडवांस जेवी आदेश-पत्र दिनांक: 43.07.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश Bel पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री मनु उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री मनेन्द्र कुमार उपस्थित हुए | उभयपक्षों को सुना गया#ऋषत्नावली का“अँवलोकन, किया गया। विपक्षी द्वारा अपना जवाब दिनांकित 49.05.2026 यह कहते..हुए. प्रस्तुत किया गया fe शिक्वायतकर्ता की आवंटित यूनिट संख्या-जी3-4206, को निरस्त कर दिया गया है और आवंटित यूनिट संख्या-जी3-4206, का कब्जा तृतीय पक्ष को दे दिया गया. है और तृतीय पक्ष के हित में रजिस्ट्री भी करा दी गयी है। ऐसी स्थिति में कब्जा दिलाना एवं..रजिस्ट्री.कराना..संग्भव..नहीं...है.॥. gerd शिकायत में माननीय पीठ-03 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 23.04.2024 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्ता को आवंटित यूनिट को Genta करते हुए, शिकायतकर्ता से अवशेष धनराशि प्राप्त कर अनुबन्ध के अनुसार समस्त सुविधाओं को पूर्ण कराकर 30 जून 2024 तक ओ.सी /सी. सी सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें।
2... विपक्षी शिकायतकर्ता को दिनांक 04.06.2048 से ओ.सी / MA अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि जो भी बाद में हो तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि रू. 34,00,060,/ पर MCLRH प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की जाने वाली धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर नियमानुसार शिकायतकर्ता को वापस की wal किड़े जायेगी । फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25 99.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही aie विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्ता को आवंटित यूनिट को great करते हुए, शिकायतकर्ता से अवशेष धनराशि प्राप्त कर अनुबन्ध के अनुसार समस्त सुविधाओं को पूर्ण कराकर 30 जून 2024 तक ओ.सी,/सी. सी सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें। 3 विपक्षी शिकायतकर्ता को दिनांक 04.06.2048 से AA, GA अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि जो भी बाद में हो तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि रु. 37,00,060/4X MCLR+I प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की जाने वाली धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर नियमानुसार शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25. 09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब शिकायतकर्ता का कोई अतिदेय (Over Dues) है, तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा |
3. विपक्षी को यह निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 2046 की धारा 2(za)(i) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी McLRv प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा | यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा लागू होने के बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गयी है, तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी | 4. इस आदेश का उल्लपघंन्न भू-सम्पदा .(विनियमन"और विकास) अधिनियम, 2046 की धारा--63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों-के अन्तर्गत दंडनीय होगा I 5. विपक्षी द्वारा यदि इस ander का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्ता रेरा प्राधिकरण के माध्यम से आदेश का कियान्वयन करा सकेगें। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक-23:04:202वं-का अनुपालन" नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,40,/63 के अन्तर्गत उक्त आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-03 द्वारा दिनांक 49.44. 2025 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- उपरोक्त विश्लेषण व तथ्यों से स्पष्ट है कि विपक्षी ने पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 23.04.2024 के क्रम संख्या a 2 का अनुपालन नहीं किया है।
उपरोक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए पत्रावली रेरा नियमावली 2046 के नियम-24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत आदेश दिनांक 23.04.2024 के क्रम संख्या 4 के अनुसार यूनिट के भौतिक कब्जे व रजिस्ट्री की कार्यवाही हेतु न््यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष सुनवाई हेतु दिनांक 25.02.2026 के लिए संदर्भित की जाती है। Wied, SAT, को निर्देशित किया जाता है कि पीठ द्वारा दिनांक 23.04.2024 को धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश के क्रम संख्या 2 के अनुसार शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि %.3,00,000/ पर विलम्बित अवधि का ब्याज हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करने <a> 83 नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि 25.02.2026 से पूर्व “ss eration अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित wy | : A == विपक्षी द्वारा आदेश का अनुपालन न किये जाने के कारण भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2046 की धारा 63 के अन्तर्गत यथोचित अर्थदण्ड अधिरोपित किये जाने हेतु पत्रावली प्राधिकरण के समक्ष पेश की जाए। तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38,/40,/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने एवं यूनिट की रजिस्ट्री न कराये जाने के कारण मा. पीठ-03 द्वारा दिनांक 49.4.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की ag | पत्रावली नियम-24 की सुनवाई हेतु इस पीठ के समक्ष पेश हुई |
विपक्षी द्वारा अपने जवाब दिनांकित 49.05.2026 के अनुसार यह कथन किया गया कि विपक्षी द्वारा बार-बार मांग पत्र भेजे जाने के बावजूद शिकायतकर्ता द्वारा भुगतान नहीं किया गया और इस कारण विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता की आवंटित यूनिट को निरस्त कर दिया गया तथा तृतीय पक्ष श्री अनुजा सक्सेना एवं नवनीत कुमार सक्सेना को आवंटित यूनिट का कब्जा देते हुए रजिस्ट्री दिनांकित 04.07.2025 को करा दी गयी तथा वह निवास कर रहे है। इस प्रकार मा. पीठ--3 के आदेश दिनाकित, 49.44.2025 से पूर्व ही दिनांक 25.0. 2023 को यूनिट निरस्त करते, हुए श्री अनुज़ा*सक्सेनॉ*एवं नवनीत कुमार सक्सेना, तृतीय पक्ष को आवंटित कर दिया wer Swe स्थिति में aioe कब्जा दिलाया जाना एवं रजिस्ट्री कराना संम्भव नहीं है। | ( माननीय उत्तर प्रदेश रियल, एस्टेट अपीलीय अधिकरण ने अतुल कुमार सिंह बनाम Tera रियलटेक प्रा.लि. में>पारित-निर्णय-दिनांकित--08:04.2026 के अनुसार जहाँ पर तृतीय पक्ष को आवंटित यूनिट का कब्जा एवं रजिस्ट्री करा दी गयी हो, तो ऐसी स्थिति में शिकायतकर्ता को कब्जा दिलाया जाना एवं रजिस्ट्री कराया जाना उचित नहीं होगा। अतः ऐसी स्थिति में प्रस्तुत मामलें में पत्रावली इस पीठ के समक्ष आने के पूर्व ही आवंटित यूनिट का Tyee | Storer तृतीय पक्ष को दिया जा चुका है। अतः इस पीठ द्वारा कब्जा एवं रजिस्ट्री संम्भव नहीं है। पत्रावली नियमानुसार सम्बन्धित पीठ को वापस की जाये। आदेश रेरा पोर्टल पर किया जायें। Spied आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण