Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Rudra Deo Mishra v. Capital Infratechomes Private Limited
Complaint No. NCR144/08/80375/2021
- Decision date
- 2026-02-02
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40 /63 सपठित नियम-24 4-शिकायत GeAT—NCR 44/08/80375/202 wa देव मिश्रा बनाम कैपिटल इंफ्राटेकोम्स प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 02.02.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री गौरव गुप्ता उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री इन्द्रेश विक्रम उपस्थित हुए। उभयपक्षों सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। शिकायतकर्ता के विद्वान अधिवक्ता द्वारा बताया गया कि विपक्षी द्वारा आज तक न तो विलम्ब ब्याज की धनराशि को अदा किया गया है और न ही शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराया गया है, जबकि शिकायतकर्ता यूनिट के सम्बन्ध में समस्त धनराशि विपक्षी को अदा कर चुका है और कोई बकाया शेष नहीं है और विपक्षी द्वारा दिनांक 02.03.2023 को एन. डी.सी. भी जारी किया जा चुका है। एन.डी.सी. दिनांक 02.03.2023 जारी होने के उपरान्त उभयपक्षों के मध्य दिनांक 23.03.2023 को समझौतानामा हो चुका है और उसकी प्रति दाखिल की गई है, लेकिन उसके बावजूद भी विपक्षी द्वारा आज तक शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया गया है और न ही रजिस्ट्री कराई गई है और न ही कोई विलम्ब ब्याज की धनराशि का भुगतान किया गया है। gerd शिकायत में माननीय पीठ-0 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 22.07.2022 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:-
4... विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह आदेश पोर्टल पर अपलोड होने की तिथि से 45 दिनों के भीतर यूनिट संख्या-0«4,/403 के सापेक्ष प्रस्तावित अनुबन्ध में नियम एवं शर्तों का संशोधन करते हुए राज्य सरकार की विज्ञप्ति संख्या-4740 / 8-3-48-65 fafar/ ie दिनांक 47.0.208 के द्वारा मॉडल एग्रीमेन्ट के अनुरूप शिकायतकर्ता को पूर्व में तय दरों पर आवंटन पत्र,/अनुबन्ध निष्पादित करना सुनिश्चित करें। उसके उपरांत विपक्षी आवंटन पत्र/अनुबन्ध के अनुसार समस्त सुविधाओं ््् को पूर्ण कराकर ओ.सी.,/सी.सी. सहित दिनांक 3.40.2022 तक कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री कराएं। 2. विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 04.4.206 से ओ.सी./ सी.सी. प्राप्त होने अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि, जो भी बाद में हो, तक की अवधि पर शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर MCLRH प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से विलम्बित अवधि का व्याज अदा करना सुनिश्चित करें। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब की अवधि एवं विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जाएगी एवं नही शिकायतकर्ता से किसी अतिदेय (overdues) धनराशि के लिए इस अवधि का ब्याज लिया जाएगा। 3. विपक्षी को यह भी निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 20I6 की धारा-2(«७)0) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित अवधि के भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी MCLRH प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा।
4. यदि विपक्षी द्वारा यूनिट संख्या-2»4,/403 के सापेक्ष सुपर एरिया बढ़ाये जाने के मद में शिकायतकर्ता से अतिरिक्त धनराशि प्राप्त की गयी है, तो विपक्षी प्राप्त की गयी अतिरिक्त धनराशि को कब्जा दिये जाने के समय अन्तिम देय धनराशि में समयोजित करना सुनिश्चित करें। 5. यदि विपक्षी द्वारा इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्ता को यह अधिकार होगा कि रेरा प्राधिकरण के माध्यम से अपने आदेश का क्रियान्वयन करा सकेगें। 6. इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 22.07.2022 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38/40,/63 के अन्तर्गत var आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-04 द्वारा दिनांक 26.42. 2022 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- सचिव, रेरा को निर्देशित किया जाता है कि वह प्रश्नगत प्रकरण में धारा-40 के अन्तर्गत पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 22.07.2022 के अनुसार विलम्बित अवधि के ब्याज हेतु वसूली प्रमाण-पत्र जारी करने की कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। यह स्पष्ट है कि विपक्षी द्वारा आदेश का उल्लंघन किया गया है, ऐसी स्थिति में रेरा अधिनियम, 20i6 की धारा-63 के अन्तर्गत शास्ति अधिरोपित करने हेतु सचिव, रेरा, उक्त प्रकरण को प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत करने हेतु आवश्यक कार्यवाही करें। पत्रावली भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण के नियम-24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत यूनिट के कब्जे की कार्यवाही हेतु न््यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष सन्दर्भित की जाए।
तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38/40 /63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने एवं रजिस्ट्री न कराये जाने के कारण मा. पीठ-04 द्वारा पारित आदेश दिनांक 26.2.2022 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई | शिकायतकर्ता द्वारा आज सुनवाई के दौरान बताया गया कि उसे आज तक भी नियम-24 के अन्तर्गत कार्यवाही के दौरान बार-बार निर्देशित किये जाने के बावजूद भी यूनिट का कब्जा नहीं दिया गया और न ही यूनिट की रजिस्ट्री कराई गई है। अत: क्योंकि विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता को एन.डी.सी. दिनांक 02.03.2023 जारी किया जा चुका है और कोई बकाया शेष नहीं है। ऐसी स्थिति में शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा दिलाने एवं यूनिट की रजिस्ट्री कराने हेतु माननीय रेरा पीठ- 07 ert पारित आदेश दिनांक 22.07.2022 का अनुपालन सुनिश्चित किये जाने हेतु आदेश-24 सिविल प्रक्रिया संहिता के प्राविधानों के अन्तर्गत कार्यवाही करते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा दिलाने एवं रजिस्ट्री कराने के अलावा कोई विकल्प शेष नहीं बचता है। अतः ऐसी स्थिति में नियम-24 में दी गई व्यवस्था के अनुसार और नियम-24 की कार्यवाही के अन्तर्गत शिकायतकर्ता को कब्जा उपलब्ध कराये जाने हेतु आदेश-24 सिविल प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत कार्यवाही करते हुए तथा कार्यालय आदेश संख्या-3839 / यू पी. रेरा / प्रशा. / 2025-26 दिनांक 28.08.2025 के अनुसार परियोजना-८फांध Athena (Phase- ) में यूनिट PeN-CA4/03 को इस न्यायालय द्वारा HH किया जाता है तथा कार्यालय आदेश UAT-72482 / यू पी.रेरा / प्रशा. // 2024-25 दिनांक 24.08.2024 के अनुसार श्री रजत शर्मा, अवर अभियन्ता को रिसीवर नियुक्त किया जाता है।
अत: श्री रजत शर्मा, अवर अभियंता को निर्देशित किया जाता है कि वह यूनिट को कुर्क कर न्यायालय के कब्जे में लेकर अपनी आख्या एक माह के अन्दर इस न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करें, ताकि आदेश-24 सिविल प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत कार्यवाही करते हुए स्वयं इस न्यायालय द्वारा शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराया जा सके और आदेश दिनांक 22.07.2022 का अनुपालन कराया जा सके। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 42.03.2026 को पेश हो। (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण