Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Rudra Deo Mishra v. Capital Infratechomes Private Limited
Complaint No. NCR144/08/80375/2021
- Decision date
- 2026-01-05
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40/63 सपठित नियम--24 5-शिकायत PeM—NCR44/08/80375/202 रूद्र देव मिश्रा बनाम कैपिटल इंफ्राटेकहोम्स प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 05.04.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता we उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री इन्द्रेश विक्रम उपस्थित By | उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का- अवलोकन किया गया। आज सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता द्वारा बताया: गंया>कि*उसे:“विपक्षी से कब्जा दिलाया जाये और रजिस्ट्री कराई जाये, क्योंकि विपक्षी द्वारा:अभी तक शिकाय॑तकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया गया है और आदेश दिनांक 22.07.2022 का अनुपालन भी नहीं किया गया हैं। कक. अप पक." ॥ ॥ प्रस्तुत मामले में विपक्षी द्वारा जो जवाब एवं गणना शीट दाखिल की गई, उस पर शिकायतकर्ता द्वारा भी अपनी आपत्ति दाखिल की गई। उभयपक्षों के मध्य गणना के सम्बन्ध में विवाद होने के कारण पत्रावली दिनांक 46.09.2025 को रेरा अधिकृत सी.ए को भेजी गई। रेरा अधिकृत सी.ए द्वारा दाखिल आख्या दिनांक 24.09.2025 के अनुसार विलम्ब ब्याज के सम्बन्ध में वसूली प्रमाण-पत्र अंकन रु.8,68,830.68 /-की जारी की जा चुकी है तथा यूनिट के सम्बन्ध में शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी को &.27,69,507.35 /-बकाया है, जोकि शिकायतकर्ता, विपक्षी को अदा करेगा।
उक्त रेरा अधिकृत सी.ए की aren पर उभयपक्षों से आपत्ति मांगी गई, जिस पर उभयपक्षों द्वारा आपत्ति दाखिल की गई। दिनांक 23.03.2023 को उभयपक्षों के मध्य समझौतानामा निष्पादित हुआ। उक्त समझौतानामा के अनुसार उभयपक्षों को कार्यवाही करते हुए शिकायतकर्ता को कब्जा उपलब्ध कराना एवं रजिस्ट्री कराना तय हुआ, लेकिन किसी भी पक्ष द्वारा समझौतानामा का अनुपालन नहीं किया गया। आदेश दिनांक 46.09. 2025 में स्पष्ट रूप से यह उल्लेख है कि उभयपक्ष समझौतानामा मानने के लिए तैयार नहीं है और न ही उभयपक्षों द्वारा समझौतानामा के अनुसार कोई कार्यवाही की गई है। कि CG Scanned with OKEN Scanner ततदपश्चात दिनांक 08.44.2025 को शिकायतकर्ता द्वारा प्रार्थना-पत्र इस आशय का दाखिल या गया कि वह समझौतानामा मानने के लिए तैयारं है और उसके द्वारा ऐसा कोई 7 नहीं किया गया कि वह समझौतानामा मानने के लिए तैयार नहीं है। शिकायतकर्ता ग्रार्थना-पत्र पर दिनांक 49.44.2025 को आदेश दिनांक 46.09.2025 को संशोधित करते स्पष्ट आदेश पारित किया गया कि उभयपक्ष समझौतानामा दिनांकित 23.03.2023 के आधार पर अग्निम कार्यवाही करें, लेकिन vad समझौतानामा के आधार पर उभयपफक्षों द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई। इसी बीच शिकायतकर्ता द्वारा माननीय अध्यक्ष महोदय, यूपी. रेरा, लखनऊ को पत्र दिनांकित 20.24.2025 इस आशय का लिखा गया कि नियम-24 की कार्यवाही के निस्तारण में विलम्ब होने के कारण शिकायतकर्ता की शिकायत को इस पीठ से न्यायनिर्णायक अधिकारी, लखनऊ को स्थानांतरित की जाये।
क्योंकि इस पीठ द्वारा मामले में कोई विलम्ब नहीं किया गया है, शिकायतकर्ता के स्वयं के आचरण के कारण प्रकरण में विलम्ब हो रहा है। शिकायतकर्ता या तो समझौतानामा दिनांकित 23.03.2023 के अनुसार कार्यवाही करें अन्यथा रेरा अधिकृत सी.ए की आख्या दिनांकित 24.09.2025 के निस्तारण हेतु दिनांक 02.02.2026 को पेश हो, ताकि उभयपक्षों के मध्य बकाया देयों का निस्तारण कराने के उपरान्त शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराया जा सके और रजिस्ट्री कराई जा सके। इस आदेश की प्रति STM अध्यक्ष महोदय, रेरा को शिकायतकर्ता द्धारा दाखिल. प्रार्थना-पत्र दिनांकित 20.44 2025 के क्रम में इस अनुरोध के साथ fe शिकायतकर्ता के स्वयं के आचरण और विपक्षी को बकाया देय ae के ORT wea Read का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। यदि श्रीमान जी चाहे. तो इस शिकायत को निस्तारण हेतु अन्य पीठ को स्थानांतरित कर सकते हैं। इस सम्बन्ध में मुझे कोई आपत्ति नहीं है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 02.02.2026 को पेश हो। (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण A 4 44 2 scanned with OKEN Scanner |