Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Neeru v. La Residentia Developers Private Limited
Complaint No. NCR144/08/59485/2020
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- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
- Counsel
- Puneet Jain (in this matter)
Source: UP RERA order
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Judgment text
E-Court उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, एच-469, गामा-2, ग्रेटर नोएडा, गौतमबुद्धनगर-204308. सुनवाई पीठ-0 [पूर्व में पीठ--04-ए) श्री संजय आर. भूसरेड्डी, माननीय अध्यक्ष शिकायत संख्या: ॥३८7२।44/08/59485/2020 नीरू बनाम ला रेसीडेन्सिया डेवलपर्स प्रा. लि. निर्णय एवं आदेश अन्तर्गत धारा-38, 40(2) एवं 63 हल का परिवाद अंतिम बहस हेतु वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिनांक 03-04-2024 को प्रस्तुत किया गया। पुकार पर प्रार्थी / शिकायतकर्ता स्वयं उपस्थित | विपक्षी अनुपस्थित | प्रकरण में पत्रावली आदेश हेतु दिनांक 03-04-2024 को | ही सुरक्षित की गयी। भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 20:6 का मुख्य उद्देश्य यह है कि भू-सम्पदा सेक्टर में उपभोक्ताओं के हितों का संरक्षण किया जाए तथा विवादों का शीघ्र निस्तारण किया जाए। इस उददेश्य की पूर्ति हेतु प्राधिकरण को रेरा अधिनियम के अन्तर्गत दायित्व तथा शक्तियाँ प्रदान की गयी हैं। धारा-34(8), भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2046 में प्राधिकरण के कृत्यों का उल्लेख किया गया है। धारा-34(9) में निम्नलिखित प्राविधान है:- "34(g) - to ensure compliance of its regulations or orders or directions made in exercise of its powers under this Act;" धारा-38, भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2046 के प्राविधान के al अनुसार प्राधिकरण को यह अधिकार दिया गया है कि प्रोमोटर द्वारा उस पर डाली गयी बाध्यताओं का उल्लंघन किया जाता है, तो प्राधिकरण इस अधिनियम और उसके अधीन बनाए गए नियमों एवं विनियमों के अधीन dared या ब्याज अधिरोपित कर सकता है। धारा-38, रेरा अधिनियम निम्नवत् है:-
"38. (4) The Authority shall have powers to impose penalty or interest, in regard to any contravention of obligations cast upon the promoters, Page | of 7 eee ह | बड़ e regulations made thereunder. (2) The Authority shall be guided by the principles of natural justice and, subject to the other provisions of this Act and the rules made thereunder, the Authority shall have powers to regulate its own procedure. (3) Where an issue is raised relating to agreement, action, omission, practice or procedure that— (a) has an appreciable prevention, restriction or distortion of competition in connection with the development of a real estate project; or (b) has effect of market power of monopoly situation being abused for affecting interest of allottees adversely, then the Authority, may suo motu, make reference in respect of such issue to the Competition Commission of India." रेरा अधिनियम की धारा-40 निम्नवत् है:- 40. (7) If a promoter or an allottee or a real estate agent, as the case may be, fails to pay any interest or penalty or compensation imposed on him, by the adjudicating officer or the Regulatory Authority or the Appellate Authority, as the case may be, under this Act or the rules and regualtions made thereunder, it shall be recoverable from such promoter or allottee or real estate agent, in such manner as may be prescribed as an arrears of land revenue.
(2) If any adjudicating officer or the Regulatory Authority or the Appellate Tribunal, as the case may be, issues any order or directs any person to do any act, or refrain from doing any act, which it is empowered to do under this Act or the rules or regulations made thereunder, then in case of failure by any person to comply with such order or direction, the same shall be enforced, in such manner as may be prescribed. धारा-63, भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 20:6 4 प्राधिकरण को यह अधिकार दिया गया है कि यदि प्रोमोटर प्राधिकरण के आदेश का अनुपालन करने में असमर्थ रहता है, तो प्राधिकरण प्रोमोटर के विरूद्ध प्रोमोटर की भू-सम्पदा परियोजना की अनुमानित लागत का 05 प्रतिशत तक taredt लगा सकता है। धारा-63 निम्नवत् है:- Page 2 of 7 E-Court = If any promoter, who fails to comply with, or contravenes any of the orders or directions of the Authority, he shall be liable to a penalty for every day during which such default continues, which may cumulatively extend up to five per cent., of the estimated cost of the ” real estate project as determined by the Authority. यहाँ यह उल्लेखनीय है कि धारा-40, भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 20i6 के अध्याय-5 के अन्तर्गत आता है, जो कि भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण से सम्बन्धित है तथा धारा-63, भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, | 206 के अध्याय-8 के अन्तर्गत आता है, जोकि अपराध, शास्तियाँ और न्यायनिर्णयन से को अन्तर्गत है सम्बन्धित है। उपरोक्त प्राविधानों से यह स्पष्ट है कि रेरा अधिनियम के अन्तर्गत प्राधिकरण
करने पर धारा-40 के अन्तर्गत अपने आदेशों का क्रियान्वयन कराए तथा धारा-63 के न्तर्गत प्रोमोटर पर अर्थदण्ड लगाए। प्राधिकरण दोनों कार्यवाही एक साथ कर सकता कराये जाने हेतु आवेदन किया गया, जिस पर प्राधिकरण द्वारा विपक्षी को नोटिस जारी करते हुए, दिनांक 45-2-2022 तक पीठ द्वारा धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश, दिनांक 28-07-202 का अनुपालन कर, अनुपालन आख्या प्रस्तुत करने हेतु निर्देश दिये गये, यह अधिकार दिया गया है कि प्राधिकरण प्रोमोटर द्वारा आदेशों का अनुपालन न प्रश्नगत प्रकरण में शिकायतकर्ता द्वारा रेरा पोर्टल के माध्यम से आदेश क्रियान्वयन परन्तु विपक्षी द्वारा अनुपालन आख्या उपलब्ध नहीं करायी गयी। प्राधिकरण द्वारा कारण दर्शाओ नोटिस, दिनांक 29-42-2022 को जारी करते हुए विपक्षी को निर्देशित किया गया है कि वह दिनांक 20-0:-2023 तक उक्त आदेश का अनुपालन कर, अनुपालन आख्या प्रस्तुत करने हेतु निर्देश दिये गये, परन्तु विपक्षी द्वारा कोई अनुपालन आख्या /जवाब दाखिल नहीं किया गया है। प्राधिकरण द्वारा धारा-38, 40(2) एवं 63 के अन्तर्गत नोटिस जारी की गयी, जिसके क्रम में पीठ द्वारा सुनवाई दिनांक 42-06-2023, दिनांक 06--40-2023, दिनांक 76—02—2024 एवं दिनांक 03--04--2024 को की गयी। विपक्षी द्वारा अपनी लिखित अनुपालन आख्या, दिनांक 20-05-2023 दाखिल 3
करते हुए कहा गया है कि परियोजना के फेज-04 में कुल-48 टॉवर्स (टॉवर-4 से 48 तक) हैं, जिसमें 4,408 यूनिटस् हैं| उक्त cad में से 42 टॉवर्स का ओ.सी. प्राप्त किया जा चुका है और अवशेष टॉवर्स का ओ.सी. प्राप्त किये जाने हेतु ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के समक्ष आवेदन किया जा चुका है। जिन टॉवरों का ओ.सी. प्राप्त किया जा चुका है, उसमें यूनिटों का कब्जा दिया जा रहा है और वर्तमान में 4,260 oe का कब्जा दिया जा चुका है। परियोजना के फेज-02 में Ha- cad (टॉवर-49 से 29 तक) हैं, जिसमें फिनिशिंग कार्य चल रहा है और जून, 2024+06 माह Page 3 of 7 PC E-Court a पीरियड में यूनिट का कब्जा दे दिया जायेगा अर्थात् दिनांक 3:-72-2024 तक। मा. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त कोर्ट रिसीवर की देखरेख में genta परियोजना का निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है और यूनिट का निर्माण कार्य पूर्ण कर जून, 2024 या उससे पूर्व कब्जा प्रदान कर दिया जायेगा। विपक्षी द्वारा प्रार्थी/ शिकायतकर्ता को अपनी अवशेष धनराशि का भुगतान करने हेतु कई बार अनुरोध किया गया, परन्तु प्रार्थी द्वारा अपनी अवशेष धनराशि का भुगतान नहीं किया गया है। विपक्षी द्वारा विभिन्न तथ्यों का उल्लेख करते हुए, शिकायतकर्ता को | अपनी अवशेष धनराशि का भुगतान कर, प्रश्नगत यूनिट का कब्जा प्राप्त करने हेतु निर्देशित किये जाने का अनुरोध किया गया है। विपक्षी द्वारा अपने कथन के समर्थन में सचिव, रेरा द्वारा पारित आदेश, दिनांक t9-0:-2023 की प्रति दाखिल की गयी है।
विपक्षी की उपरोक्त लिखित अनुपालन area पर प्रार्थी / शिकायतकर्ता द्वारा अपना लिखित जवाब, दिनांक os—o6—2023 दाखिल करते हुए, विपक्षी द्वारा अनुपालन आख्या में अंकित किये गये समस्त तथ्यों का खण्डन किया गया है और कहा गया कि विपक्षी द्वारा स्वयं स्वीकार किया गया है कि वह जून, 2024+06 माह ग्रेस पीरियड तक gem यूनिट का कब्जा उपलब्ध करा देगें, परन्तु wera टॉवर संख्या: 24 में कोई निर्माण कार्य नहीं चल रहा है। प्रार्थी द्वारा सिर्फ अंतिम किश्त रू.2,05,248 //- का | भुगतान कब्जा ऑफर के समय किया जाना है। | पीठ द्वारा धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश, दिनांक 28-07-2024 के अनुपालन में विपक्षी द्वारा प्रार्थी से कभी भी कोई सम्पर्क नहीं किया गया और न ही कब्जे हेतु ऑफर किया war) इस प्रकार विपक्षी द्वारा उक्त आदेश, दिनांक 28-07-2024 का कोई अनुपालन नहीं किया गया है। विपक्षी के कथनानुसार वह जनवरी, 2025 से पूर्व कब्जा प्रदान नहीं कर सकता है। प्रार्थी,, शिकायतकर्ता द्वारा अपने कथन के समर्थन में विभिन्न तथ्यों का उल्लेख करते हुए, जमा धनराशि मय ब्याज वापस दिलाये जाने का अनुरोध किया गया है। प्रार्थी द्वारा अपने कथन के समर्थन में पत्र, दिनांक 25-0:-2024 की प्रति, ई-मेल संवाद की प्रति, ऑफर ऑफ पोजेशन-पत्र, दिनांक 49-09-2023 की प्रति, टैक्स इन्वाईस, | पत्र, दिनांक 05-40-2023 की प्रति दाखिल की गयी हैं। | | मैंने उभय पक्षों के विद्वान अधिवक्तागण के cet को विस्तार से सुना तथा अभिलेख पर उपलब्ध समस्त साक्ष्य एवं सामग्री का सम्यूक परिशीलन किया। प्रश्नगत शिकायत के सम्बन्ध में पीठ द्वारा धारा-34 के अन्तर्गत दिनाक | 28-07-2024 को अन्य शिकायतकर्ता के साथ निम्न आदेश पारित किये गये:-
7. (विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह थिकायतकतायण के afer की समस्त सुविधाओं को अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनाक Page 4 of 7 E-Court e तक AMARA Bed कब्जा देना छुनिश्चित करें और देय RTT YOR TT कर नियमानुसार रजिस्ट्री कराना छुनिश्चित करें/ विपक्षी शिकायतकर्ता को दिनांक 24/--05--2077 से ALS सी सी अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि जो भी बाद में Bt तक की अवधि पर शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर विलम्ब ब्याज के रूप में MCLR+I अ्तिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें/ ब्याज की यह धनराशि आंतिम श्ुयतान की देय धनराशि में समायोजित की जायेगी/ ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। फोर्स मैज्योर पीरियड को gerd रखते हुए दिनांक 25-03-2020 से दिनांक 25-09-2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की यणना नहीं की जायेगी/ साथ ही इस अवधि में शिकायतकर्ता द्वारा यदि ale होल्डिंग चार्जेज़ अनुबन्धानुसार देय न होगा तथा यदि कोई आतिदेय (Over Dues) है| तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा/ अन्य शिकायतकर्ता के TPO FAITH के अनुरूप SHIFT TAR गणना की जायेगी। NS विपक्षी को यह निर्देशित +किया जाता है कि रेश अधिनियय 2076 की धारा 2(६०)() के अनुसार यदि रेश लागू होने के बाद He ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से ग्रोमोटर द्वार लिया जाता & तो उसी दर से ब्याज Wee द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर थी आवंटी को fear GRIT) अतः विलस्बित ara पर शिकायतकर्ता द्वारा भी ॥८7..?+/ प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय BMT | यदि इससे अधिक दर से कोर्ड धनराशि रेरा लायू होने के बाद आवंटी से fara eg ली ययी है तो विलमग्बित अवधि हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी / &
इस आदेश की एक-एक ग्रति सम्बन्धित पत्रावलियों पर रखी जाये एवं इस आदेश में ग्रतिपादित सिद्धान्त के अनुरूप धनराशि व ब्याज की प्रत्येक मायले में गणना की जायेगी।.. ” उपरोक्त आदेश से यह स्पष्ट है कि पीठ द्वारा विपक्षी को दिनांक 33-42-2024 तक प्रश्नगत यूनिट की समस्त सुविधाओं को अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर ओ.सी. /सी.सी. सहित कब्जा देते हुए, रजिस्ट्री निष्पादित कराये जाने तथा देय विलम्बित अवधि का ब्याज अदा करने हेतु आदेशित किया गया था, जिस पर विपक्षी द्वारा अपनी लिखित अनुपालन आख्या दाखिल करते हुए कहा गया है कि परियोजना के फेज-02 में Her-04 टॉवर्स (टॉवर-49 से 29 तक) हैं, जिसमें फिनिशिंग कार्य चल रहा है और जून, 2024 + 06 माह ग्रेस पीरियड में यूनिट का कब्जा दे दिया जायेगा अर्थात् दिनांक 33-42-2024 AN तक | Page 5 of 7 Pee G ¢ E-Court a नियुक्त कोर्ट रिसीवर की देखरेख में प्रश्नगत परियोजना का निर्माण कार्य तीव्र गति से | चल रहा है और यूनिट का निर्माण कार्य पूर्ण कर जून, 2024 या उससे पूर्व कब्जा प्रदान | कर दिया जायेगा, जिस पर प्रार्थ /शिकायतकर्ता द्वारा कहा गया है कि पीठ द्वारा विपक्षी द्वारा अपने कथन में यह भी कहा गया है कि मा. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश, दिनांक 28-07-2024 के अनुपालन में विपक्षी द्वारा प्रार्थी से कभी भी कोई सम्पर्क नहीं किया गया और न ही कब्जे हेतु ऑफर किया गया इस प्रकार विपक्षी द्वारा vad आदेश, दिनांक 28-07-202 का कोई अनुपालन नहीं किया गया है। विपक्षी के कथनानुसार वह जनवरी, 2025 से पूर्व कब्जा प्रदान नहीं कर सकता है। इसलिए प्रार्थी,/ शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि मय ब्याज वापस दिलाये जाने का अनुरोध किया गया है।
चूंकि प्रार्थी / शिकायतकर्ता को आवंटित यूनिट संख्या: 703, टॉवर-24 से सम्बन्धित है, जिसके सम्बन्ध में विपक्षी द्वारा कहा गया है कि परियोजना के फेज़-02 में कुल-4 टॉवर्स (टॉवर-49 से 29 तक) हैं, जिसमें फिनिशिंग कार्य चल रहा है और जून, 2024+06 माह ग्रेस पीरियड में यूनिट का कब्जा दे दिया जायेगा अर्थात् दिनांक | 34-42-2024 Te | इसके अतिरिक्त प्रश्नगत प्रकरण में विपक्षी द्वारा पत्रावली पर उक्त परियोजना "La Residentia", जिसका पंजीकरण संख्या: UPRERAPRJ9357 में सचिव, रेरा द्वारा अधिनियम की धारा-06 सपठित धारा-08, धारा-07 तथा उ.प्र. रेरा नियमावली के नियम-07 के अन्तर्गत पारित आदेश, दिनांक 49-04-2023 की प्रतिलिपि दाखिल की गयी है, जिसके पृष्ठ संख्या: 04 पर निम्नवत् उल्लिखित है :- “SOAR द्वारा समस्त सुसंयत अमिलेखों एवं प्रोमोटर के मौखिक अभिकथनों पर मा उच्चतम न्यायालय के निर्णय दिनांक 20-05-2022, oer अधिनियम तथा उम्र रेर नियमावली के ग्राविधानों तथा प्राधिकरण स्तर पर परियोजनाओं के पंजीकरण विस्तार हेतु निर्धारित व्यवस्थाओं के आलोक में सम्युक विचार किया यया तथा आवंटियों के हितों का संरक्षण सुनिश्चित करने एवं रेर अधिनियम के उद्देश्यों की यूर्ति हेतु अधिनियम की धारा-06 सपठित ध्षार--08 तथा 37 एवं उग्र रेश नियमावली के नियम-७7 में प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए परियोजना का पंजीकरण ।निम्नवत् विस्तारित करने का निर्णय लिया यया:-
(7 आरषिकरण द्वारा परियोजना का पंजीकरण fara दिनांक 30-06-2025 तक सैद्धांतिक रूप से HPT किया यया परन्तु यह अ्रतिबन्ध लगाया यया कि ग्रारम्भ में परियोजना का विस्तार उ्रगाण-पत्र ATA 06 गाह अर्थात दिनांक 30-06-2023 के लिए निर्यत किया जाएगा और परियोजना में निर्माण तथा विकास कार्य संतोषजनक होने पर अग्रतर Page 6 of 7 E-Court = पंजीकरण (RA FAT पत्र 06-06 We के अन्तान पर जारी किए जाएंगे /.. उपरोक्त आदेश के अनुसार प्रश्नगत परियोजना का पंजीकरण विस्तार, दिनांक 30-06-2025 तक सैद्धांतिक रूप से अनुमन्य किया गया है। दूसरी ओर से विपक्षी द्वारा | अपनी लिखित अनुपालन आख्या में कहा गया है कि जून, 2024406 माह ग्रेस पीरियड में यूनिट का कब्जा दे दिया जायेगा अर्थात् दिनांक 33-42-2024 तक, किन्तु प्रार्थी / शिकायतकर्ता द्वारा अपनी जमा धनराशि मय ब्याज वापस दिलाये जाने का अनुरोध किया गया है, परन्तु भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-38, 40(2) एवं 63 के अन्तर्गत की जा रही कार्यवाई में पूर्व में पारित आदेश अन्तर्गत धारा-3 के विपरीत कोई आदेश पारित कर, प्रार्थी / शिकायतकर्ता को जमा धनराशि मय ब्याज वापस दिलाया जाना नियमानुसार न्यायसंगत न होगा। अतः उपरोक्त समस्त तथ्यों से यह स्पष्ट है कि विपक्षी द्वारा अभी तक पीठ द्वारा पारित आदेश, दिनांक 28-07-2024 का पूर्ण रूप से अनुपालन नहीं किया गया है।
वर्णित तथ्यों एवं समस्त परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए विपक्षी द्वारा दिनांक | 3-2-2024 तक प्रश्नगत यूनिट की समस्त सुविधाओं को अनुबन्धानुसार पूर्ण कर, ' यूनिट का भौतिक कब्जा दिये जाने की सूचना, आदेश, दिनांक 28-07-2024 के अनुसार | अंतिम अकाउन्टस् सैटेल कर ea पोर्टल” पर अपलोड नहीं की जाती है, तो दिनांक 34-2-2024 & बाद प्रार्थ / शिकायतकर्ता द्वारा रू40/- के नॉन जुडिशियल स्टाम्प पेपर पर नोटरी (Notarised) शपथ-पत्र के माध्यम से सचिव, Rr को विपक्षी द्वारा यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध न कराने की जानकारी दी जायेगी, तदोपरान्त सचिव, रेरा पीठ द्वारा धारा-34 के अर्न्तगत पारित आदेश, दिनांक 28-07-2024 के प्रस्तर-02 के | अनुसार विपक्षी द्वारा देय विलम्बित अवधि के ब्याज की धनराशि हेतु, वसूली प्रमाण-पत्र एक माह में जारी करायें, जिसके उपरान्त यह पत्रावली भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण | के नियम-24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत यूनिट के भौतिक कब्जे की कार्यवाही हेतु, मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष संदर्भित की जाये।मा मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी के द्वारा कार्यवाही सम्पन्न करने के उपरान्त पत्रावली | रेरा अधिनियम, 20:6 की धारा-63 के अन्तर्गत विपक्षी के विरूद्ध यथोचित अर्थदण्ड | अधिरोपित किये जाने हेतु प्राधिकरण के समक्ष पेश की जायेगी। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये। दिनांक: 45--05-2024. AE . मु अध्यक्ष, रेरा। Page 7 of 7