Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Kandarp Kant v. Green Bay Infrastructure Private Limited
Complaint No. NCR144/08/59387/2020
- Decision date
- 2026-03-18
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40/63 सपठित नियम-24 सपठित नियम-24 4-शिकायत PIT—NCR44/08/59387/2020 कंदर्प कांत बनाम ग्रीन बे इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 48.03.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री कैलाश पाण्डेय उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री राज सिंह उपस्थित हुए। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा मुख्यतः यह आपत्ति की गई है कि विपक्षी द्वारा माननीय रेरा पीठ द्वारा पारित आदेश का अनुपालन समय से नहीं किया गया है, जिस कारण वह होल्डिंग चार्ज अदा करने के लिए उत्तरदायी नहीं है। विपक्षी द्वारा समय से कब्जा न देने के कारण शिकायतकर्ता ने माननीय रेरा We-0iy में ana के अन्तर्गत अपनी शिकायत दर्ज कराई, जिसमें माननीय रेरा पीठ-07ए द्वारा दिनांक 24.06.202 को आदेश पारित किया गया कि ओ-सी JOM. सहित शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें और शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराये, जिसके अनुपालन में विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता को आज तक यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया गया और न ही शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई गई है। अतः ऐसी स्थिति में उ.प्र. भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) (विक्रय /पद्टा के लिए करार) नियमावली-2048 के नियम-9.2 के अनुसार शिकायतकर्ता, विपक्षी को कोई होल्डिंग चार्ज अदा करने के लिए बाध्य नहीं है।
क्योंकि शिकायतकर्ता को अभी तक यूनिट का कब्जा श्राप्त नहीं हुआ है, इसलिए शिकायतकर्ता पिछला कोई मेन््टेनेन्स विपक्षी को अदा करने के लिए बाध्य नहीं है। जहाँ तक विलम्ब ब्याज का प्रश्न है, तो माननीय रेरा पीठ-04ए द्वारा पारित आदेश दिनांक 24.06.2024 के अनुसार यदि शिकायतकर्ता द्वारा धनराशि अदा करने में = विलम्ब किया गया है, तो ऐसी स्थिति में शिकायतकर्ता, विपक्षी को विलम्ब ब्याज अदा करने के लिए उत्तरदायी होगा। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह उपरोकतानुसार नया मांग-पत्र बनाकर शिकायतकर्ता को is दिनों के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें। तद्पश्चात शिकायतकर्ता एक माह के अन्दर बकाया धनराशि विपक्षी को अदा करना सुनिश्चित करें। तदनुसार विपक्षी, शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। यदि विपक्षी द्वारा आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो ऐसी स्थिति में आदेश-24 सिविल प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत कार्यवाही करते हुए स्वयं इस न्यायालय द्वारा शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा दिलाया जायेगा और शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई जायेगी। विपक्षी द्वारा आज सुनवाई के दौरान यह बताया गया कि शिकायतकर्ता की आवंटित यूनिट को निरस्त कर दिया गया है। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह दिनांक 04.06.2026 तक शिकायतकर्ता की आवंटित यूनिट के सम्बन्ध में यथास्थिति बनाये रखेंगे और शिकायतकर्ता की आवंटित यूनिट किसी अन्य व्यक्ति को हस्तांतरित/आवंटित नहीं करेंगे और न ही किसी तृतीय पक्ष का हित सर्जित करेंगे। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 04.06.2026 को पेश हो।
SS 7 (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण