Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Ravi Chowdhury and Surbhi Chowdhury v. Wave Megacity Centre Pvt. Ltd
Complaint No. NCR144/08/59362/2020
- Decision date
- 2026-06-30
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40 ,/63 सपठित नियम-24 22-शिकायत संख्या:-007२ 44/08/59362/2020 रवि चौधरी एवं सुरभि चौधरी बनाम वेव मेगासिटी सेंटर प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 30.06.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से जूनियर अधिवक्ता सुश्री निकिता सिंह उपस्थित हुई। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता sit afta उपस्थित हुए। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा बताया गया कि विपक्षी द्वारा आज तक यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया गया है और न ही उसके पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई गई है। विपक्षी द्वारा आज सुनवाई के दौरान बताया गया कि मौके पर यूनिट तैयार नहीं है और न ही उसके पास उक्त परियोजना / यूनिट का ओ.सी./सी.सी. प्राप्त है और वर्तमान में शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं करा सकता है। विपक्षी द्वार आज तक माननीय रेरा पीठ-02 द्वारा पारित आदेश 07.04.2024 के अनुपालन में शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री नहीं कराई गई है, जिससे स्पष्ट है कि विपक्षी द्वारा माननीय रेरा प्राधिकरण के आदेशों की अवहेलना की जा रही है और विपक्षी आदेश दिनांकित 07.04.2024 के अनुपालन में कोई रुचि नहीं ले रहा है। अत: इस सम्बन्ध में विपक्षी पर आदेश का अनुपालन न करने के कारण धारा-63 भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम-2046 के अन्तर्गत अर्थदण्ड /पेनल्टी अधिरोपित किया जाना आवश्यक होगा।
माननीय रेरा पीठ-02 द्वारा पारित आदेश दिनांक 07.04.2024 के क्रम में प्रस्तुत पत्रावली पीठ के आदेश के उल्लंघन की बाबत भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम-2046 की धारा-63 के अन्तर्गत अर्थदण्ड अधिरोपित हेतु प्राधिकरण के समक्ष पेश हो। आदेश की एक प्रति श्रीमान सचिव, रेरा को प्रेषित की जाये। a oe विपक्षी को पुनः निर्देशित किया जाता है कि वह 3 माह के अन्दर ओ.सी. / सी.सी. प्राप्त कर, माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी. JOA. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में आवंटित यूनिट की रजिस्ट्री निष्पादित करना सुनिश्चित करें | शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 05.40.2026 को पेश हो। a आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण