Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Reena Aggarwal v. Logix Infrastructure Pvt.ltd
Complaint No. NCR144/08/58779/2020
- Decision date
- 2026-07-17
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40 ,//63 सपठित नियम-24 47-शिकायत WAT—-NCR44/08/58779/2020 रीना अग्रवाल बनाम लॉजिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 7.07.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री नितेन्द्र शर्मा उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री पुनीत मलिक उपस्थित हुए। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। प्रश्नगत शकायत में माननीय teow द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 5.02.2024 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4... विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह उपरोक्त सारणी में अंकित क्रमांक get से 4 तक के शिकायतकर्तागण के पलैद्स की समस्त सुविधाओं को अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 37.05.202 तक एवं कंमाक संख्या-5 से 7 तक के शिकायतकर्तागण के फ्लैट्स की समस्त सुविधाओं को अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 30.06.202 तक ओ.सी /सी.सी सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें।
2... विपक्षी, शिकायतकर्ता को 47.4.209 से ओ.सी. / सी.सी. अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि, जो भी बाद में हो, तक की अवधि पर शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर विलम्ब ब्याज के रूप में MCLRH प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की देय धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही यदि शिकायतकर्ता का कोई अतिदेय (Over Dues) है, तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न am अन्य शिकायतकर्तागण के प्रकरण में अनुबन्ध/एन्डोर्समेन्ट पत्र के अनुरूप उपरोक्तानुसार गणना की जायेगी। 3. विपक्षी को यह निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 206 की धारा 2(20)0) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी ada को दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी MCLR+ प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह अनुबन्ध के समय सुपर एरिया के विभिन्न मदों का विवरण वर्तमान में उन्हीं मदों में परियोजना के परिवर्तित क्षेत्रफल व उस परिवर्तन का कारण बताते हुए एवं दोनों स्थितियों में शिकायतकर्तागण के क्षेत्रफल की गणना का आधार आर्किटेक्ट से प्रमाणित कराकर शिकायतकर्तागण को स्पष्ट कराने एवं वेबसाईट पर डालने के बाद ही अतिरिक्त क्षेत्रफल की धनराशि प्राप्त करेगें |
5... इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बन्धित पत्रावलियों पर रखी जाये एवं इस आदेश में प्रतिपादित सिद्धान्त के अनुरूप धनराशि व ब्याज की प्रत्येक मामले में गणना की जायेगी। 6. इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 20:6 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। 7. यदि विपक्षी द्वारा इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्तागण को यह अधिकार होगा कि रेरा प्राधिकरण के माध्यम से अपने आदेश का कियान्वयन करा सकेगें | विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 45.02.2024 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38/40,/63 के अन्तर्गत var आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया war) उपरोक्त शिकायत में मा. We—o7v द्वारा दिनांक 37.07. 2022 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- समस्त तथ्यों एवं वर्णित परिस्थिति में यदि विपक्षी द्वारा दिनांक 34.03.2022 तक कब्जा दिये जाने की सूचना, आदेश दिनांक 45.02.2024 के अनुसार अकाउन्टस् सैटल कर कम्पलेन्ट do पर अपलोड नहीं की जाती है, तो दिनांक 34.03.2022 के बाद सचिव, रेरा प्रकरण में आदेश दिनांक 45.02.2024 के अनुसार विलम्बित अवधि के ब्याज की धनराशि का वसूली प्रमाण पत्र जारी करायें एवं विपक्षी / प्रोमोटर के विरूद्ध रेरा अधिनियम, 2046 की धारा-63 के अन्तर्गत यथोचित अर्थदण्ड अधिरोपित किये जाने हेतु पत्रावली प्राधिकरण के समक्ष पेश की जाये। अन्तर्गत धारा-38,/40,/63 की निष्पादन की कार्यवाही के दौरान माननीय सम्बन्धित रेरा पीठ द्वारा अपने आदेश का निष्पादन कराते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का b iw
कब्जा उपलब्ध नहीं कराया जा सका और न ही शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई जा सकी। तदोपरान्त श्रीमान सचिव, रेरा द्वारा पारित कार्यालय आदेश दिनांक 08.04.2026 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी. JA. सहित बकाया eal की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को दो माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता। पत्रावली अग्निम सुनवाई हेतु दिनांक 220.2026 को पेश हो। — कक MD + \ agit \ ie ८ > TONS आर. पी. सिंह की पल (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण