Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Vineet Upadhyay v. Elegant Infracon Pvt Ltd
Complaint No. NCR144/08/57658/2020
- Decision date
- 2026-08-18
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40/63 सपठित नियम-24 2-शिकायत PA—NCR44/08/57658/2020 विनीत उपाध्याय बनाम एलिगेंट इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 48.08.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता स्वयं उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री ज्योतिष राज उपस्थित हुए। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा आदेश-24 सिविल प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया है, जिस पर विपक्षी द्वारा आपत्ति दाखिल करने हेतु समय चाहां गया। विपक्षी की ओर से यह कहा गया कि उसके द्वारा बार-बार शिकायतकर्ता को डिमाण्ड भेजी गई है, लेकिन शिकायतकर्ता द्वारा आवंटित यूनिट के मद में बकाया धनराशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि आवंटित यूनिट के मद में बकाया धनराशि को विलम्ब ब्याज की धनराशि में समायोजित कर दिया जाये। प्रश्नगत प्रकरण में धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश का अनुपालन कराने हेतु शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38 / 40/63 के अन्तर्गत निष्पादन की कार्यवाही हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। सम्बन्धित पीठ द्वारा निष्पादन की कार्यवाही के दौरान समायोजन की कार्यवाही नहीं कराई गई और न ही इस सम्बन्ध में विपक्षी को कोई निर्देश दिया गया, केवल वसूली प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु श्रीमान सचिव, उ.प्र. wr को लिखा गया और नियम-24 के अन्तर्गत कब्जे एवं रजिस्ट्री की कार्यवाही हेतु पत्रावली इस पीठ को संदर्भित की गई।
प्रश्नगत प्रकरण में जब तक शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी को आवंटित यूनिट के मद में बकाया धनराशि का भुगतान नहीं किया जाता है या विलम्ब ब्याज की धनराशि को आवंटित यूनिट के मद में बकाया धनराशि को समायोजित नहीं किया जाता है, तो ऐसी दशा में शिकायतकर्ता को कब्जा दिलाया जाना एवं रजिस्ट्री कराया जाना उचित नहीं होगा। a, अत: शिकायतकर्ता को निर्देशित किया जाता है कि वह आवंटित यूनिट के मद में बकाया धनराशि को एक माह के अन्दर विपक्षी को भुगतान करना सुनिश्चित करें। यदि शिकायतकर्ता आवंटित यूनिट के मद में बकाया धनराशि को विलम्ब ब्याज की धनराशि में समायोजित कराना चाहता है, तो वह इस सम्बन्ध में श्रीमान सचिव, उ.प्र. रेरा के समक्ष अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकता है। विपक्षी यदि चाहे, तो शिकायतकर्ता द्वारा आदेश-24 सिविल प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत दाखिल प्रार्थना-पत्र के विरुद्ध अपनी आपत्ति एक माह के अन्दर रेरा पोर्टल पर अपलोड एवं भौतिक रूप से रेरा कार्यालय में दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक i2.:7.2026 को पेश हो। SZ छुए- ७५ आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) - उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण