Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Sangeeta Kumari v. Logix Infrastructure Pvt.ltd
Complaint No. NCR144/08/1807/2019
- Decision date
- 2026-07-15
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40 /“63 सपठित नियम-24 44-शिकायत संख्या:-.007९44/08/]807/209 संगीता कुमारी बनाम लॉजिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 45.07.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता स्वयं उपस्थित हुए। विपक्षी अनुपस्थित। सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। प्रश्नगत शकायत में माननीय पीठ-0॥ए द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 27.4.20:9 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्तागण की सहमति से पूर्व में तय दरों पर समकक्ष इकाई का अपने किसी अन्य परियोजना में वैकल्पिक यूनिट का कब्जा दिनांक 34.42.2049 तक दें अन्यथा पूर्व में आवंटित यूनिट का कब्जा दिनांक 30.06. 2020 कब्जा दें और देय tera शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री कराये। 2... विपक्षी दिनांक 06.04.2042 से दिनांक 30.4.20i6 तक 5/- रूपये प्रति वर्गफुट प्रतिमाह की दर से व दिनांक ot.0520i6 से ओ.सी/सी.सी अथवा इलैक्ट्रिकल सर्टिफिकेट, फायर सेफ्टी सर्टिफिकंट, waa सर्टिफिकेट, लिफ्ट इन्स्टालेशन सर्टिफिकेट सहित कब्जा ऑफर किये जाने, जो भी बाद में हो तक की अवधि पर MCLRH प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर निमयानुसार वापस की जायेगी। अन्य शिकायतकर्तागण के मामलों में अनुबन्ध के अनुरूप उपरोक्तानुसार गणना की जायेगी।
3. यह भी स्पष्ट किया जाता है कि रेरा अधिनियम 2046 के धारा 2 (७४)() के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है कि रेरा लागू होने के बाद यदि कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट =a किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। ब्याज की दर MCLRH प्रतिशत होनी चाहिए। 4... विपक्षी दिनांक 30.06.2020 तक शिकायतकर्तागण को कब्जा देने में असफल रहता है, तो दिनांक 30.06.2020 के पश्चात् 30 दिनों के अन्दर शिकायतकर्तागण द्वारा जमा धनराशि MCLRH प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर सहित अदा करना सुनिश्चित करें। 5. इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बंधित पत्रावलियों पर रखी जाये एवं इस ओदश में प्रतिपादित सिद्धान्त के अनुरूप धनराशि व ब्याज की प्रत्येक मामले में गणना की जायेगी | 6. इस आदेश का उल्लघंन उठ्प्र०्मू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 20t6 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 27.4.2079 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38/40,/63 के अन्तर्गत उक्त आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-04ए द्वारा दिनांक 02.44. 2024 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है किः- अतः वर्णित परिस्थिति में उचित होगा कि शिकायतकर्ता अपनी अवशेष धनराशि (यदि कोई हो) का भुगतान करते हुए, यूनिट का कब्जा प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें|
जहाँ तक विलम्ब अवधि के ब्याज का प्रश्न है, विपक्षी की ओर से इस विषय में कोई गणना स्पष्ट नहीं की गयी है। अतः सचिव, रेरा को निर्देशित किया जाता है कि वह प्रश्नगत प्रकरण में पीठ द्वारा पूर्व में पारित आदेश दिनांक 27.420I9 के अनुसार विलम्बित अवधि के ब्याज की धनराशि की गणना कराकर तदनुसार वसूली प्रमाण पत्र जारी करना सुनिश्चित करें। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये। अन्तर्गत धारा-38/40,/63 की निष्पादन की कार्यवाही के दौरान माननीय सम्बन्धित रेरा पीठ द्वारा अपने आदेश का निष्पादन कराते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया जा सका और न ही शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई जा सकी। तदोपरान्त श्रीमान सचिव, रेरा द्वारा पारित कार्यालय आदेश दिनांक 08.04.2026 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी. 2सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को दो माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट कीं रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 07.0.2026 को पेश हो। आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण