Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Sushant Srivastava v. Capital Infratechomes Private Limited
Complaint No. NCR144/08/112682/2023
- Decision date
- 2026-08-14
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40 ,// 63 सपठित नियम-24 22-शिकायत WAT—NCR44/08/]2682/2023 सुशांत श्रीवास्तव बनाम कैपिटल इंफ्राटेकोम्स प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 44.08.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन््फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई | पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री असित कुमार उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री इन्द्रेश सिंह उपस्थित हुए। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। शिकाय॑तकर्ता द्वारा बताया गया कि विपक्षी द्वारा आज तक यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया गया है और न ही यूनिट की रजिस्ट्री कराई गई है। प्रश्नगत शकायत में माननीय पीठ-02 (पूर्व पीठ-04) द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 03.03.2025 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह आदेश पोर्टल पर अपलोड होने की तिथि से 45 दिनों के अन्दर शिकायतकर्तागण की aca को फ्लैट केता अनुबन्ध के अनुसार समस्त सुविधाओं को पूर्ण कराकर ओ.सी.,/सी.सी. सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री कराएं।
2... विपक्षी, शिकायतकर्ता (रजनी राय) को दिनांक 76.04.20i8 से ओ.सी. / सी.सी. प्राप्त किये जाने की तिथि अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि, जो भी बाद में हो, तक की अवधि पर शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर MCLR+ प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से विलम्बित अवधि का ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब की अवधि एवं विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जाएगी एवं न ही शिकायतकर्ता से किसी अतिदेय (overdues) धनराशि के लिए इस अवधि का ब्याज लिया =< जाएगा। अन्य शिकायतकर्तागण के प्रकरण में आवंटन पत्र, फ्लैट क्रेता अनुबन्ध के अनुरूप उपरोक्तानुसार विलम्ब ब्याज की गणना की जायेगी। 3. विपक्षी को यह भी निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 206 की धारा-2(»9)6) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित अवधि के भुगतान पर शिकायतकर्तागण द्वारा भी MCLRH प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। 4. इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बन्धित पत्रावलियों पर रखी जाए एवं इस आदेश में प्रतिपादित सिद्धान्तों के अनुरूप धनराशि व ब्याज की प्रत्येक मामले में गणना की जाएगी | 5. इस आदेश का उल्लंघन भू-सम्पदा (विनियमन cen विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-38, 40 (2) एवं 63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा।
6. शिकायतकर्तागण को यह निर्देशित किया जाता है कि यदि विपक्षी द्वारा 45 दिनों के अन्दर उपर्युक्त आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्तागण रेरा पोर्टल के माध्यम से आदेश के क्रियान्वयन हेतु अनुरोध अपलोड कर, उसकी भौतिक प्रति रेरा क्षेत्रीय कार्यालय, ग्रेटर नोएडा में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 03.03.2025 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत vad आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-02 (पूर्व पीठ-0॥) द्वारा दिनांक 25.06.2026 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- अत: उपर्युक्त वर्णित तथ्यों एवं समस्त परिस्थितियों के दृष्टिगत पत्रावली नियम-24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत यूनिट के भौतिक कब्जे की कार्यवाही हेतु मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष सुनवाई हेतु, दिनांक 44.08.2026 को संदर्भित की जाती है। सचिव, उ.प्र. रेरा प्रकरण में आदेश, दिनांक 03.03.2025 के प्रस्तर-02 के अनुसार दिनांक 34.07.2026 से पूर्व विपक्षी द्वारा देय विलम्बित अवधि के ब्याज की धनराशि हेतु वसूली प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि से पूर्व मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी को. उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें|
यदि मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी नियम-24 की कार्यवाही के दौरान यह पाते हैं कि विपक्षी £ प्रोमोटर द्वारा आदेश अन्तर्गत धारा-34, दिनांक 03.03.2025 का समयबद्ध रूप से अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है, तो ऐसी दशा में मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी प्रकरण को रेरा अधिनियम की धारा-63 की कार्यवाही किये जाने हेतु पीठ को वापस सन्दर्भित कर सकते हैं। Ve अन्तर्गत धारा-38,/40,/63 की निष्पादन की कार्यवाही के दौरान माननीय सम्बन्धित रेरा पीठ द्वारा अपने आदेश का निष्पादन कराते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया जा सका और न ही शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई जा सकी। धारा-63 के अन्तर्गत निष्पादन की कार्यवाही के दौरान माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा दिनांक 46.04.2026 को माननीय प्राधिकरण को निर्देशित किया गया था कि निष्पादन की कार्यवाही 4 माह के अन्दर की जाये। दिनांक 25.06.2026 को सम्बन्धित पीठ द्वारा निष्पादन की कार्यवाही के दौरान विलम्ब ब्याज की धनराशि की वसूली प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु श्रीमान सचिव, उ.प्र. रेरा को निर्देशित किया गया और प्रश्नगत पत्रावली मा. पीठ-02 (पूर्व पीठ-04) द्वारा पारित आदेश दिनांक 25.06.2026 के अनुसार नियम-24 के अन्तर्गत कब्जे एवं रजिस्ट्री हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। सम्बन्धित पीठ द्वारा अपने धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश के अनुसार बकाया धनराशि का समायोजन नहीं कराया गया और न ही विपक्षी से अकाउण्ट सेटल कराने की कार्यवाही की गई। नियम-24 के अन्तर्गत इस पीठ के समक्ष आज प्रथम बार प्रश्नगत पत्रावली पेश हुई। विपक्षी के विद्वान अधिवक्ता द्वारा अपना जवाब दाखिल करने हेतु समय चाहा गया।
विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 03.03.2025 के अनुसार यूनिट का कब्जा शिकायतकर्ता को “उपलब्ध कराने हेतु कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी. / सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को 45 दिनों के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में आवंटित यूनिट की रजिस्ट्री निष्पादित करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 24.08.2026 को पेश हो। Se आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण