Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
nidhi mehta and rohit kainth v. Saya Cementation Limited
Complaint No. NCR144/08/111929/2023
- Decision date
- 2026-05-08
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Bench 2 Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण, क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर। रेक्टिफिकेशन आदेश पीठ-02 पीठासीन अधिकारी :- टी० dees, सदस्य शिकायत संख्या :-- Sect-39/I/NCR44/08/I929/2023 निधि मेहता एवं रोहित कैंथ बनाम साया सीमेंटेशन लिमिटेड प्रस्तुत पत्रावली भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-39 के अन्तर्गत प्रस्तुत की गयी है। शिकायतकर्ता का प्रार्थना पत्र धारा-39 के अन्तर्गत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से आदित्य यादव एवं विपक्षी की ओर से उनकी अधिवक्ता सुश्री सोनी यादव उपस्थित हुईं, जिसमें उभयपक्ष यदि चाहे तो अपनी-अपनी लिखित बहस 02 सप्ताह के अन्दर प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं। शिकायतकर्ता द्वारा संशोधन हेतु प्रार्थना पत्र इस आशय से प्रस्तुत किया गया है कि माननीय पीठ द्वारा धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश दिनांकित 24.44.2024 में शिकायतकर्ता द्वारा यूनिट संख्या- 77-95& के सापेक्ष विपक्षी को भुगतान की गयी धनराशि 33,58,309/— रूपये मूल शिकायत दर्ज करते हुए अंकित हो गयी है, जबकि उनके द्वारा विपक्षी को भुगतान गयी कुल धनराशि 39,24,427//- रुपये है, जिसे सुधार किये जाने का अनुरोध माननीय पीठ से किया गया हैं। उभयपक्षों के तर्कों को सुना गया व पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों एवं विधि व्यवस्था का अवलोकन किया। रेरा अधिनियम, 20i6 की धारा-39 में यह प्राविधान्वित है कि :- wie, अभिलेखों से प्रकट किसी गलती को छुघारने की दृष्टि से इस अधिनियम की अधीन किये यये आदेश की तारीख से दो वर्ष की अवधि के भीतर
किसी समय उसके द्वारा पारित किसी आदेश को सग्ोधित कर सकेगा और यदि THER द्वार उसके ध्यान में गलती लायी जाती है तो ऐसा संशोधन करेया। परन्तु ऐसा als संशोधन किसी आदेश को सम्बंध में जिसको विरुद्ध इस अधिनियम के अधीन अपील ग्रखुत की ययी है| नहीं क्रिया जायेया। wy यह कि प्राधिकरण अभिलेख से प्रकट किसी गलती का छुघार करते समय इस अधिनियम को TET के अधीन प्रारित आदेश के WRIT AT का संशोधन नहीं करेया। पत्रावली के अवलोकन से विदित है कि शिकायतकर्ता द्वारा रेरा प्राधिकरण के समक्ष योजित की गयी मूल शिकायत में शिकायतकर्ता द्वारा यूनिट संख्या- FF-95A के सापेक्ष जमा की गयी धनराशि 33,58,309,/- रूपये अंकित हो गयी है, जबकि उनके द्वारा यूनिट संख्या- FF-95A के सापेक्ष 39,24,427/— रूपये की धनराशि का भुगतान विपक्षी को किया गया है, जिसके सम्बन्ध में उनके द्वारा प्रश्नगत यूनिट के सापेक्ष भुगतान की गयी जमा धनराशि की रसीदों की छायाप्रतियाँ दाखिल की गयी है। अतः भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम की धारा-39 के प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए शिकायत GeT-NCRI44/08/I929/2023 4 धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश दिनांकित 24.4.2024 में शिकायतकर्ता की यूनिट संख्या- FF-95A के सापेक्ष विपक्षी को भुगतान की गयी 33,58,309,//- रूपये की धनराशि के स्थान पर विपक्षी को भुगतान की गयी धनराशि 39,24,427/- रूपये पढ़ा जाए। शेष आदेश यथावत् रहेगा। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाए। Oe, Jos}24 टी० वेंकटेश (सदस्य) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण