Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Surbhi Agarwal v. Logix Infrastructure Pvt.ltd
Complaint No. NCR144/08/0517/2019
Verified by Puneet Jain, Editor
- Decision date
- 2026-07-10
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
- Counsel
- Puneet Jain (for the respondent)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40 /63 सपठित नियम-24 4—Preprat WA—NCRI44/08/057/209 सुरभि अग्रवाल बनाम लॉजिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 40.07.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता अनुपस्थित। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री पुनीत जैन उपस्थित हुए। सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। प्रश्नगत शकायत में माननीय पीठ-0१ए द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 24.09.209 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि शिकायतकर्तागण की सहमति से पूर्व में तय दरों पर समकक्ष इकाई का अपने किसी अन्य परियोजना में वैकल्पिक यूनिट का कब्जा ओ.सी /सी.सी सहित दें अन्यथा पूर्व में आवंटित यूनिट को आवंटन पत्र / अनुबन्ध / ब्रोशर के अनुसार पूर्ण कराकर मार्च 2020 तक ओ. सी/सी.सी सहित कब्जा दें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री कराये। 2. विपक्षी अनुबन्धित अवधि के पश्चात् से दिनांक 30.4.206 तक 5/- रूपये प्रति वर्गफूट प्रतिमाह की दर से व दिनांक 02.05.20:6 से ओ.सी.,//सी.सी. सहित कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि तक की अवधि के लिए शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर MCLRH प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर निमयानुसार वापस की जायेगी। अन्य शिकायतकर्तागण के मामलों में अनुबन्ध के अनुरूप गणना की जायेगी। $
3. यह भी स्पष्ट किया जाता है कि रेरा अधिनियम 20I6 के धारा 2 (zai) के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है कि रेरा लागू होने के बाद यदि कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी adh को दिया जायेगा। ब्याज की दर MCLRH प्रतिशत होनी चाहिए। 4... विपक्षी उपरोक्तानुसार कब्जा ऑफर किये जाने के उपरान्त संशोधित मांग पत्र जारी करना सुनिश्चित करें। 5. इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बंधित पत्रावलियों पर रखी जाये एवं इस ओदश में प्रतिपादित सिद्धान्त के अनुरूप धनराशि व ब्याज की प्रत्येक मामले में गणना की जायेगी। 6. विपक्षी भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 20I6 की धारा-3 के अन्तर्गत यह निर्देश दिये जाते है कि वह धारा-6 @ अन्तर्गत परियोजना के रजिस्ट्रीकरण का विस्तारण हेतु आवेदन करें अन्यथा धारा-8 के अन्तर्गत उचित कार्यवाही कर दी जायेगी | 7. इस आदेश की एक प्रति सचिव, रेरा को परियोजना की अग्रेस्तर कार्यवाही हेतु प्रेषित की जाये। 8... इस आदेश का उल्लघंन उठप्र० भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 24.09.2049 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-04ए द्वारा दिनांक 44.04. 2022 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:-
समस्त तथ्यों एवं वर्णित परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए सचिव को निर्देशित किया जाता है कि यदि विपक्षी द्वारा दिनांक 34.03.2022 तक विलम्बित अवधि के ब्याज को समायोजित /भुगतान करते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा देकर, सूचना कम्पलेन्ट पेज पर अपलोड नहीं की जाती है, तो ऐसी स्थिति में पीठ द्वारा पूर्व में ars के अन्तर्गत पारित आदेश दिनांक 24.09.2049 के अनुसार विलम्बित अवधि के ब्याज की धनराशि का वसूली प्रमाण-पत्र जारी करना सुनिश्चित He | अन्तर्गत धारा-38,40,/63 की निष्पादन की कार्यवाही के दौरान माननीय सम्बन्धित रेरा पीठ द्वारा अपने आदेश का निष्पादन कराते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया जा सका और न ही शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई जा सकी। तदोपरान्त श्रीमान सचिव, रेरा द्वारा पारित कार्यालय आदेश दिनांक 08.04.2026 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई | Ww विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी. / सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को दो माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 42.0.2026 को पेश हो। आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण