Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Santosh Kumar Verma v. Sikka Infrastructure Pvt Ltd
Complaint No. NCR144/08/0464/2019
Verified by Puneet Jain, Editor
- Decision date
- 2025-10-17
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
- Counsel
- Puneet Jain (for the respondent)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40 “63 सपठित नियम-24 47—Preprert WIT—NCR44/08/0464/209 संतोष कुमार वर्मा बनाम सिक्का इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड आवदेश-पत्र दिनांक: 47.40.2025 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश ge] पुकार पर शिकायतकर्ता अनुपस्थित। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री पुनीत जैन उपस्थित हुए। , सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा अवगत कराया गया है कि विपक्षी द्वारा अभी तक यूनिट का कब्जा नहीं दिया गया है और न ही हस्तान्तरण विलेख निष्पादित एवं पंजीकृत कराया गया है। प्रश्नणत शिकायत में माननीय पीठ-2 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 34.04.2020 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- . विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्तागण की यूनिद्स के समस्त सुविधाओं को आवंटन पत्र/अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 34.07.2020 तक ओ.सी,/ सी.सी. सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें। a]
2... विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 04.07.2046 से ओ.सी»सी.सी प्राप्त होने अथवा कब्जा ऑफर किये जाने, जो भी बाद में हो, की तिथि तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर MCLR+H प्रतिशत की दर से विलम्बित अवधि का व्याज अदा करना सुनिश्चित करे। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाता है कि ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी और यदि ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक है, तो नियमानुसार शिकायतकर्ता को वापस की जाये। अन्य शिकायतकर्तागण के प्रकरण में अनुबन्ध आवंटन के अनुरूप उपरोक्तानुसार गणना की जायेगी। 3 यह भी स्पष्ट किया जाता है कि रेरा अधिनियम 20t6 के धारा 2 wa) के अन्तर्गत ब्याज को परिभाषित किया गया है-कि रेश लागू होने के बाद यदि कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से व्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। 4... विपक्षी उपरोक्तानुसार कब्जा ऑफर पत्र ओ.सी. मिलने के उपरान्त जारी करना सुनिश्चित करे। इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बंधित पत्रावलियों पर रखी जाये एवं इस ओदश में प्रतिपादित Rai के अनुरूप धनराशि व ब्याज की प्रत्येक मामले में गणना की जायेगी। * | ‘ इस आदेश का उल्लघंन उत्प्रग्भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, ooie की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्रावधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 32.04.2020 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38/40/63 के अन्तर्गत उक्त आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-02 [पूर्व पीठ-0॥) द्वारा दिनांक 9.06.2024 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:-
समस्त वर्णित परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए सचिव, रेरा को निर्देशित किया जाता है कि वह प्रश्नगत प्रकरण में धारा-3 के अन्तर्गत पारित आदेश दिनांकित 3.04. 2020 के .प्रस्तर-2 के अनुसार विलम्बित अवधि के ब्याज हेतु वसूलीः प्रमाण पत्र जारी करना सुनिश्चित करें। " तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38 / 40 /63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने एवं रजिस्ट्री न कराये जाने के श्रीमान सचिव, रेरा पारित आदेश दिनांक 08.07.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। पत्नावली आज नियम-24 की सुनवाई हेतु इस पीठ को प्रथम बार पेश हुई। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओी./ सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता 5 दिनों के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बक़ाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हों, तो वह अपनी आपत्ति गणना शीट सहित दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 49.4.2025 को पेश हो | आए पी Re (७०८7 (न्यायनिर्णायक अधिकारी) ५ उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण