Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Arpit Agarwal v. Project Category-Un-Register LOGIX INFRASTRUCTURE PVT.LTD
Complaint No. NCR144/08/0383/2019
Verified by Puneet Jain, Editor
- Decision date
- Not recorded
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
- Counsel
- Puneet Jain (in this matter)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
English translation. Machine translation from the Hindi by AI (Claude Haiku), not reviewed. The original order below is the authoritative text.
U.P. Real Estate Regulatory Authority, Regional Office, Gautam Buddh Nagar. Hearing Bench- [?] Order under Section 63 Shri Rajeev Kumar, Hon'ble Chairman Complaint No.: [?]44/08/0383/209 Arpit Agarwal Versus Logix Infrastructure Pvt. Ltd. In this case the case file was reserved for orders on 34.2.2024, and both parties were directed to file their respective written arguments by 45.04.2024, but neither party has filed any written arguments. The arguments of both parties were heard and the case file perused. The case file shows that the opposite party has not complied with the earlier order dated 28.09.2020. In the present case, the complainant applied through the RERA portal for enforcement of that order. On this, the Authority issued notice to the opposite party and directed it to comply with the said order and submit a compliance report by 04.03.2024, but the opposite party did not provide a compliance report. The Authority issued a show-cause notice dated 44.06.2024, directing the opposite party to comply with the order by 30.06.20204 and submit a compliance report, but the opposite party did not provide a compliance report. The Authority issued notices and held hearings under Section 63 on 40.08.2024, 45.09.2024, 06.40.2024, 44.44.2024, and 34.42.202, but the opposite party did not provide any compliance report. It is thus clear that, despite being given adequate opportunity, the opposite party has not complied with the order.
The Bench had earlier passed the following orders under Section 34 on 28.09.2020: "(The opposite party is directed to ensure that, after completing all facilities of the complainant's flat as per the agreement, it hands over possession with [?] by 3077.2020, and, on receipt of the payable stamp duty, gets the registry done as per the rules.) The opposite party shall pay the complainant, from 76.08.2072 to 30.064.2076, at the rate of Rs.5,[?]- per month, and from 07.05.20I6 up to the date of receipt of O.C./C.C. or the date of offer of possession, whichever is later, interest at the rate of MCLR+I percent on the amount deposited by the complainant. This interest amount shall be adjusted against the final payable amount, and if the interest amount exceeds the payable amount, it shall be returned to the complainant. In view of the force majeure period, interest shall not be calculated for the delay in the project from 25.03.2020 to 25.09.2020. Further, if the complainant has any overdues (Over Dues), interest for this period shall also not be payable on them.
उ0 प्र0 भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण, क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर। सुनवाई पीठ- ov आदेश अन्तर्गत धारा- 63 श्री राजीव कुमार, माननीय अध्यक्ष शिकायत संख्या:-न९टार44/08/0383/209 अर्पित अग्रवाल बनाम - लॉजिक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर wo feo प्रश्नगत प्रकरण में दिनांक 34.2.2024 को पत्रावली आदेश हेतु सुरक्षित करते हुए उभयपक्ष को दिनांक 45.04.2024 तक अपनी-अपनी लिखित बहस दाखिल करने हेतु निर्देश दिये गये थे, परन्तु उभय पक्ष द्वारा कोई लिखित बहस दाखिल नहीं की गयी है। उभय पक्ष के तर्कों को सुना गया व पत्रावली का अवलोकन किया गया। पत्रावली के अवलोकन से विदित है कि विपक्षी द्वारा पूर्व में पारित आदेश दिनांक 28.09.2020 का अनुपालन नहीं किया गया है। प्रश्नगत प्रकरण में शिकायतकर्ता द्वारा रेरा पोर्टल के माध्यम से आदेश कियान्वयन कराये जाने हेतु आवदेन किया गया, जिस पर प्राधिकरण द्वारा विपक्षी को नोटिस जारी करते हुए दिनांक 04.03.2024 तक उक्त आदेश का अनुपालन कर, अनुपालन SEN प्रस्तुत करने हेतु निर्देश दिये गये, परन्तु विपक्षी द्वारा अनुपालन आख्या उपलब्ध नहीं करायी गयी। प्राधिकरण द्वारा कारण दर्शाओ नोटिस दिनांक 44.06.2024 को जारी करते हुए विपक्षी को निर्देशित किया गया है कि वह दिनांक 30.06.20204 तक vad आदेश का अनुपालन कर, अनुपालन आख्या प्रस्तुत करने हेतु निर्देश दिये गये, परन्तु विपक्षी द्वारा अनुपालन आख्या उपलब्ध नहीं करायी गयी।
प्राधिकरण द्वारा नोटिस जारी करते हुए धारा-63 के अन्तर्गत सुनवाई दिनांक 40.08.2024, दिनांक 45.09.2024, दिनांक 06.40.2024, दिनांक 44.44.2024, दिनांक 34. 42.202 को की गयी, परन्तु विपक्षी द्वारा कोई अनुपालन आख्या उपलब्ध नहीं करायी गयी, जिससे यह विदित है कि समुचित अवसर देने बावजूद भी विपक्षी द्वारा आदेश का pr अनुपालन नहीं किया गया है। पीठ द्वारा पूर्व में धारा-34 के अन्तर्गत दिनांक 28.09.2020 को निम्न आदेश पारित किये गये :- (विपक्षी को आदेशित किया जाता है fe वह शिकायतकर्ता के फ्लैट की समस्त छुविधाओं को अनुबन्ध को अचुसार पूर्ण कराकर दिनांक 3077.2020 तक a/R सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय kIT Yow ग्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें/ विपक्षी शिकायतकर्ता को दिनांक 76.08.2072 से दिनांक 30. 064.2076 तक 5,“- रुपये ग्रति hee प्रतिगाह की दर से व दिनांक 07.05.20I6 से ओसी सी सी अथवा ऑफर किये जाने की तिथि जो भी बाद में हो तक शिकायतकर्ता द्वारा जया धनराशि पर ery ब्याज को BT में MCLR+I प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें/ ब्याज की यह धनराशि srr थुयवान की धनयाशि में समायोजित की जायेगी / ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर थिकायतकर्ता को are की जायेगी। फोर्स मैज्योर पीरियड को GReTd रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09. 2020 तक परियोजना में हुए era हेतु ब्याज की यणना नहीं की जायेगी/ wer ही ate शिकायतकर्ता का alse अतिदेय (Over Dues) & तो उस पर थी इस अवधि का ब्याज देय न BIT!
विपक्षी को यह भी निर्देशित किया जाता & कि er अधिनियम 206 की धारा 26०)6) के अनुसार यदि er लागू होने के ae oe ब्याज दर odd को डिफॉल्ट से SHER द्वारा लिया जाता & तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया arb] अतः विलग्बित yrart पर शिकायतकर्ता द्वारा भी #टाए+ा प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा/ are इससे अधिक दर से BS धनराशि RT लागू होने के ब्राद आवंटी से ore eg ली TH & तो era अवधि eg ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से Tera की oe] भरे विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्ता के 937.5 Tf कुट क्षेत्रफल के निजी लॉन को उपलब्ध कराना छुनिश्वित करें एवं देय RIT छुल्क ma कर नियमानुसार पंजीकरण ETS) यदि fave द्वारा निजी ara उपलब्ध नहीं कराया जाता & तो शिकायवकर्ता से निजी लॉन को मद में ली ययी धनराशि MCLR+ प्रतिशत ब्याज साहितु आदेश पोर्टल पर अपलोड होने की तिथि से 45 दिनों में थिकायतकर्ता को वापस करना छुनिश्वित करें। विपक्षी करो आदेशित किया जाता है कि वह अनुबन्ध के समय ya एरिया के विभिन्न wel का विवरण वर्तमान में उन्हीं यदों में परियोजना को परिवर्तित aso व उस परिवर्तन का कारण बताते हुए एवं दोनों स्थितियों में शिकायतकर्ता के क्षेत्रक्त की गणना का आधार “आकिटिक्ट” से प्रमाणित कराकर शिकायतकर्ता को स्पष्ट कराने एवं वेबसाईट पर डालने के बाद ही अतिरिक्त क्षेत्रफल की धनराशि WT BE |
यदि विपक्षी शिक्रायतकर्ता को दिनांक 3077.2020 तक कब्जा देने में असफल रहता है. तो दिनांक 3077.2020 के पश्चात् 45 दिनों के अन्दर शिकायतकर्ता द्वारा समस्त जया धनराशि पर TIM TT करने की तिथि से धनराशि शुयतान करने की तिथि तक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ब्याज दर ॥/८77+7 ग्रतिशत वार्षिक ब्याज दर सहित वापस अदा करना सुनिश्चित Fe |” विपक्षी द्वारा पत्रावली पर प्रश्नगत परियोजना के टॉवर-# से सम्बन्धित ओ.सी. दिनांक 29.05.20i5 की प्रति दाखिल की गयी है, जिससे यह स्पष्ट है कि प्रश्नगत परियोजना का उक्त टावर पूर्ण है। वर्णित स्थिति में उक्त आदेश के बिन्दु संख्या-04 के अनुसार विपक्षी, शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा देते हुए नियमानुसार रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें और बिन्दु संख्या-04 के अनुसार शिकायतकर्ता को 937.5 वर्ग फुट क्षेत्रफल के निजी लॉन उपलब्ध कराते हुए देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार पंजीकरण कराना सुनिश्चित करें अथवा लॉन की धनराशि MCLRH% ब्याज सहित भ्
कोविड-49 (Corona Virus Disease) की प्रथम वेव के प्रभाव के कारण परियोजनाओं के निर्माण कार्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा, जिसके क्रम में केन्द्र सरकार द्वारा जारी निर्देशानुसार उ0प्र0 भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण द्वारा सुसंगत तथ्यों पर विचारोपरान्त दिनांक 06.06.2020 को आदेश पारित करते हुए कोविड-49 (Corona Virus Disease) @ प्रभाव के कारण परियोजनाओं को पूर्ण करने हेतु दिनाक 25.03.2020 से 6 माह की अतिरिक्त अवधि अर्थात् दिनांक 25.09.2020 तक की अवधि प्रदान की गयी, जिसके उपरान्त कोविड--49 (Corona Virus Disease) की द्वितीय aa अप्रैल 2024 से प्रभावी होने के कारण भी परियोजनाओं के निर्माण कार्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। इसके अतिरिक्त HifIs—t9 (Corona Virus Disease) की तृतीय वेव वर्तमान में प्रभावी है, जिससे भी परियोजनाओं को पूर्ण करने में बाधा उत्पन्न हो रही है, जो कि फोर्स मैज्योर की परिस्थितियों की परिभाषा में आती है। समस्त तथ्यों एवं वर्णित परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए सचिव को निर्देशित किया जाता है कि यदि विपक्षी द्वारा दिनांक 34.03.2022 तक विलम्बित अवधि के ब्याज को समायोजित /भुगतान करते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा एवं लॉन के कब्जे से सम्बन्धित सूचना कम्पलेन्ट पेज पर अपलोड नहीं. की जाती है, तो ऐसी स्थिति में पीठ द्वारा पूर्व में धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश दिनांक 28.09.2020 के अनुसार विलम्बित अवधि के ब्याज और लॉन के मद में ली गयी धनराशि MCLRt+ प्रतिशत ब्याज सहित का वसूली प्रमाण-प्रत्र जारी करना सुनिश्चित करें। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये। दिनांक 34 /o) /2022 JS et apr 0f 22 (राजीव कुमार) (अध्यक्ष) उ0प्र0 भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण