Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Arpit Agarwal v. Project Category-Un-Register LOGIX INFRASTRUCTURE PVT.LTD
Complaint No. NCR144/08/0383/2019
Verified by Puneet Jain, Editor
- Decision date
- 2026-07-10
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
- Counsel
- Puneet Jain (for the respondent)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40 //63 सपठित नियम-24 40—frpradt PAM:—NCR44/08/0383/209 अर्पित अग्रवाल बनाम लॉजिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 40.07.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता अनुपस्थित। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री पुनीत जैन उपस्थित हुए। सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। प्रश्नगत शकायत में माननीय पीठ-0॥ए द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 28.09.2020 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्ता के फ्लैट की समस्त सुविधाओं को अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 30.4.2020 तक ओ.सी. / सी.सी. सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें।
2. विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 46.08.2042 से दिनांक 30.04.20i6 तक 5/- रूपये प्रति वर्गफुट प्रतिमाह की दर से व दिनांक 02.05.20I6 से ओ. सी. सी.सी. अथवा ऑफर किये जाने की तिथि, जो भी बाद में हो तक, शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर विलम्ब ब्याज के रूप में MCLR+H प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09. 2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही यदि शिकायतकर्ता का कोई अतिदेय (Over Dues) है, तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा SE. 4 + 3. विपक्षी को यह भी निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 2046 की धारा 2zayi) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी टा॥रका प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा लागू होने के बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गयी है, तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी |
4... विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्ता के 9375 वर्ग फुट क्षेत्रल के निजी लॉन को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें एवं देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार पंजीकरण करायें। यदि विपक्षी द्वारा निजी लॉन उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो शिकायतकर्ता से निजी लॉन के मद में ली गयी धनराशि MCLRH प्रतिशत ब्याज सहित, आदेश पोर्टल पर अपलोड होने की तिथि से 45 दिनों में शिकायतकर्ता को वापस करना सुनिश्चित oe | 5. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह अनुबन्ध के समय सुपर एरिया के विभिन्न मदों का विवरण वर्तमान में उन्हीं मदों में परियोजना के परिवर्तित क्षेत्रफल व उस परिवर्तन का कारण बताते हुए एवं दोनों स्थितियों में शिकायतकर्ता के क्षेत्रफल की गणना का आधार आर्किटेक्ट से प्रमाणित कराकर शिकायतकर्ता को स्पष्ट कराने एवं वेबसाईट पर डालने के बाद ही अतिरिक्त क्षेत्रफल की धनराशि प्राप्त करेगें। 6. यदि विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 30.4.2020 तक कब्जा देने में असफल रहता है, तो दिनांक 30.44.2020 @ पश्चात् 45 दिनों के अन्दर शिकायतकर्ता द्वारा समस्त जमा धनराशि पर धनराशि जमा करने की तिथि से, धनराशि भुगतान करने की तिथि तक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ब्याज दर MCLRH प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर सहित वापस अदा करना सुनिश्चित करें। 7. इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। 8... यदि विपक्षी द्वारा इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्ता को यह अधिकार होगा कि रेरा प्राधिकरण के माध्यम से अपने आदेश का कियान्वयन करा War |
विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 28.09.2020 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38/40,/63 के अन्तर्गत var आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया var) उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-04ए द्वारा दिनांक 34.04. 2022 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- VA समस्त तथ्यों एवं वर्णित परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए सचिव को निर्देशित किया जाता है कि यदि विपक्षी द्वारा दिनांक 3.03.2022 तक विलम्बित अवधि के ब्याज को समायोजित भुगतान करते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा एवं लॉन के कब्जे से सम्बन्धित सूचना कम्पलेन्ट पेज पर अपलोड नहीं की जाती है, तो ऐसी स्थिति में पीठ द्वारा पूर्व 4 aesi के अन्तर्गत पारित आदेश दिनांक 28.09.2020 के अनुसार विलम्बित अवधि के ब्याज और लॉन के मद में ली गयी धनराशि McLRH प्रतिशत ब्याज सहित का वसूली प्रमाण-पत्र जारी करना सुनिश्चित करें। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये। अन्तर्गत धारा-38/40,//63 की निष्पादन की कार्यवाही के दौरान माननीय सम्बन्धित रेरा पीठ द्वारा अपने आदेश का निष्पादन कराते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया जा सका और न ही शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई जा wat) तदोपरान्त श्रीमान सचिव, रेरा द्वारा पारित कार्यालय आदेश दिनांक 08.0.2026 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई |
विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी.,/सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को दो माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें| शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 42.0.2026 को पेश हो। = — आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण