Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Saurabh Dixit v. J.M. Housing Ltd
Complaint No. NCR144/07/77930/2021
- Decision date
- 2026-07-24
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 //40 ,/63 सपठित नियम-24 5-शिकायत WEAT—NCR44/07/77930/202 सौरभ दीक्षित बनाम जे.एम. हाउसिंग लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 24.07.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन््फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता स्वयं उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री प्रमोद शर्मा उपस्थित हुए। ॥ उभयपक्षों .को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। प्रश्नगत प्रकरण में शिकायतकर्ता की यूनिट कुर्क होकर न्यायालय के कब्जे में है। शिकायतकर्ता द्वारा बताया गया कि विपक्षी द्वारा आज तक यूनिट का कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी. /सी.सी. सहित नहीं भेजा गया है। विपक्षी द्वारा माननीय रेरा पीठ-02 द्वारा पारित आदेश दिनांक 27.04. 2022 का अनुपालन न करने के कारण विपक्षी के विरुद्ध धारा-63 के अन्तर्गत अर्थदण्ड / पेनल्टी अधिरोपित करने हेतु दिनांक 30.06.2025 को प्राधिकरण को लिखा जा चुका है और आदेश की प्रति श्रीमान सचिव, रेरा को प्रेषित की जा चुकी है, जिसके अनुसार प्राधिकरण द्वारा धारा-63 के अन्तर्गत अर्थदण्ड / पेनल्टी दिनांक 06.03.2026 को अधिरोपित की जा चुकी है। अतः उक्त आदेश को रिकॉल करने कोई न्यायोचित आधार नहीं है। इस सम्बन्ध में विपक्षी द्वारा जो प्रार्थना-पत्र श्रीमान सचिव, उ.प्र. रेरा के समक्ष प्रस्तुत किया गया है, वह प्रार्थना-पत्र इस पीठ को भेज दिया गया है। अतः उक्त प्रार्थना-पत्र निष्प्रभावी हो गया है और उसे निरस्त किया जाता है।
विपक्षी द्वारा बकाया धनराशि के सम्बन्ध में विवरण एवं गणना शीट दाखिल की गई है, जिसके विरुद्ध शिकायतकर्ता द्वारा अपनी आपत्ति दाखिल की गई है, जिसमें यह कहा गया कि विपक्षी द्वारा बिना उसकी सहमति से यूनिट का क्षेत्रफल बढ़ाकर धनराशि की मांग की जा रही है तथा शिकायतकर्ता पिछला ay AeA अदा करने के लिए उत्तरदायी नहीं है, क्योंकि उसे अभी तक यूनिट का कब्जा प्राप्त नहीं हुआ है और पिछला कोई जल शुल्क भी अदा करने के लिए उत्तरदायी नहीं है। +<% विपक्षी द्वारा आवंटित यूनिट के बढ़े हुए क्षेत्रफल के सम्बन्ध में यदि शिकायतकर्ता से कोई सहमति ली गई है, तो उसका विपक्षी प्रमाण दाखिल He | अतः क्योंकि विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता को समय से यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया गया है और न ही शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई गई है, ऐसी स्थिति में उ.प्र. भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) (विक्रय /पट्टा के लिए करार) नियमावली-2048 के नियम-9.2 के अनुसार शिकायतकर्ता, विपक्षी को कोई होल्डिंग चार्ज अदा करने के लिए बाध्य नहीं है। क्योंकि शिकायतकर्ता को अभी तक यूनिट का कब्जा प्राप्त नहीं हुआ है, इसलिए शिकायतकर्ता पिछला कोई मेन््टेनेन्स एवं जल शुल्क विपक्षी को अदा करने के लिए बाध्य नहीं है।
अतः शिकायतकर्ता को निर्देशित किया जाता है कि वह उपरोक्तानुसार आवंटित यूनिट के मद में बकाया धनराशि एवं बी.बी.ए के अनुसार अन्य चार्जेज की धनराशि तथा एक वर्ष का wait FART एक माह के अन्दर विपक्षी को अदा करना सुनिश्चित करें । तद्पश्चात विपक्षी, शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराते हुए रजिस्ट्री की प्रति रेरा पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें। यदि विपक्षी द्वारा आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्ता आदेश दिनांक 05.02.2026 के अनुपालन में हस्तांतरण विलेख का प्रस्तावित ड्राफ्ट बनाकर एवं रजिस्ट्रार कार्यालय से wre शुल्क एवं रजिस्ट्रेशन शुल्क के सम्बन्ध में विवरण प्राप्त कर रेरा पोर्टल पर अपलोड एवं भौतिक रूप से रेरा कार्यालय में दाखिल करना सुनिश्चित करें | पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 43.40.2026 को पेश हो। 5६९७० आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण