Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Saurabh Dixit v. J.M. Housing Ltd
Complaint No. NCR144/07/77930/2021
- Decision date
- 2026-05-13
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40 ,/63 सपठित नियम-24 4-शिकायत BAN:—NCR44/07/77930/202 सौरभ दीक्षित बनाम जे.एम. हाउसिंग लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 43.05.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता स्वयं उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता सुश्री निशा शर्मा उपस्थित हुई। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा प्रार्थना-पत्र श्रीमान अध्यक्ष महोदय को इस का दाखिल किया गया कि उसकी कार्यवाही 43 वर्ष से लम्बित है, जिस कारण उसको मानसिक उत्पीड़न के मद में 40 लाख का मुआवजा दिलाया जाये। उक्त प्रार्थना-पत्र सम्बन्धित पीठ द्वारा इस पीठ को संदर्भित किया गया। पत्रावली का अवलोकन किया गया। प्रस्तुत प्रकरण नियम-24 की कार्यवाही हेतु सर्वप्रथम दिनांक 43.04.2025 को सुनवाई हेतु पेश हुआ। दिनांक 30.06.2025 को विपक्षी द्वारा आदेश का अनुपालन न करने के कारण विपक्षी के विरुद्ध धारा-63 के अन्तर्गत अर्थदण्ड / पेनल्टी का आदेश पारित करने हेतु प्राधिकरण को लिखा गया और आदेश की प्रति श्रीमान सचिव, रेरा को प्रेषित की गई और शिकायतकर्ता की आवंटित यूनिट ot HH करने का आदेश पारित किया गया। दिनांक 44.42.2025 एवं 05.02.2026 को शिकायतकर्ता को निर्देशित किया गया था कि हस्तांतरण विलेख का प्रस्तावित ड्राफ्ट दाखिल करें, लेकिन शिकायतकर्ता द्वारा हस्तांतरण विलेख का प्रस्तावित ड्राफ्ट दाखिल नहीं किया गया है। इस पीठ द्वारा प्रश्नगत प्रकरण में किसी भी प्रकार का कोई विलम्ब नहीं किया गया है।
जहाँ तक शिकायतकर्ता को मानसिक उत्पीड़न के मद में प्रतिकर दिलाये जाने का प्रश्न है, तो नियम-24 की कार्यवाही के दौरान इस पीठ का दायित्व नहीं है। शिकायतकर्ता द्वारा दाखिल प्रार्थना-पत्र का कोई आधार नहीं है। अतः शिकायतकर्ता द्वारा दाखिल उक्त प्रार्थना-पत्र तदनुसार निस्तारित किया जाता है। जाए विपक्षी द्वारा श्रीमान सचिव, रेरा के समक्ष प्रार्थना-पत्र दिनांकित 07.05.2026 दाखिल किया गया कि आदेश दिनांक 06.03.2026 को Rata किया जाये, लेकिन उक्त प्रार्थना-पत्र विपक्षी द्वारा Rr पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया है। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह उक्त प्रार्थना-पत्र रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। तद्पश्चात शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति 4 माह के अन्दर दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 24.07.2026 को पेश हो। आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण