Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Atul kumar Singh v. Sikka Infrastructure Pvt Ltd
Complaint No. NCR144/07/67504/2021
Verified by Puneet Jain, Editor
- Decision date
- 2025-10-10
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
- Counsel
- Puneet Jain (for the respondent)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, ॥ कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40 ,/63 सपठित नियम-24 24-शिकायत PEI—NCR44/07/67504/202I अतुल कुमार सिंह बनाम सिक्का इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 40.40.2025 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश gel पुकार पर शिकायतकर्ता अनुपस्थित। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री पुनीत जैन उपस्थित हुए | ५ सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। gerd शिकायत में माननीय पीठ-02 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 07.02.2022 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्ता के यूनिट की समस्त सुविधाओं को आवंटन,/अनुबन्ध पत्र के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 34.4.2022 तक ओ. सी./सी.सी. सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय ery शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री कराएं।
2. विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 25.42.2044 से दिनांक 30.04.2046 तक अनुबन्ध के अनुसार एवं दिनांक 07.05.20i6 से ओ.सी./सी.सी. प्राप्त होने अथवा कब्जा ऑफर किये जाने, जो भी बाद में हो, की तिथि तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर MCLRH प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर से विलम्बित अवधि का ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाता है कि ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी और यदि ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक है, तो नियमानुसार शिकायतकर्ता को वापस की जाये। कोविड-49 की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु देश में हुए लॉकडाउन एवं फोर्स मैज्योर को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03. 2020 से दिनांक 25.09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु व्याज की गणना नहीं की जाएगी। ~_ 3, विपक्षी, उपरोक्तानुसार कब्जा ऑफर पत्र ah. मिलने के उपरान्त जारी करना सुनिश्चित करें| 4... विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम 2046 की धारा 2 (४४00) के अन्तर्गत रेरा लागू होने के बाद यदि कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित ब्याज दर धटा॥ऐन] प्रतिशत है। इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा।
विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 07.02.2022 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38 /40/63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-4 द्वारा दिनांक 42.09. 2023 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- अतः समस्त तथ्यों एवं परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए सचिव, रेरा को निर्देशित किया जाता है कि प्रश्नगत प्रकरण में पीठ द्वारा पूर्व में धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश दिनांक 07.02.2022 के प्रस्तर संख्या-2 के अनुसार विलम्बित अवधि के ब्याज का वसूली प्रमाण पत्र जारी करना सुनिश्चित करें। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 07.02.2022 का अनुपालन न किये जाने के कारण रेरा अधिनियम, 206 की धारा-63 के अन्तर्गत यथोचित अर्थदण्ड अधिरोपित किये जाने हेतु पत्रावली प्राधिकरण के समक्ष पेश की. जाए। 4 तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38/40/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न करायें जाने एवं रजिस्ट्री न कराये जाने के कारण श्रीमान सचिव, रेरा द्वारा: पारित कार्यालय आदेश. दिनांक 08.07.2025 के अनुसार पत्रावली नियम--24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई | पत्रावली आज नियम-24 की सुनवाई हेतु इस पीठ को प्रथम बार पेश हुई।
विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध alt. / सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को 5 दिनों के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध क़राते हुए रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति oe. हो XL. गणना शीट सहित दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 24.22. 2025 को पेश हो। आर मी he री सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) ५ उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण