Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Anurag Rajvanshi v. La Residentia Developers Private Limited
Complaint No. NCR144/07/57122/2020
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- Puneet Jain (in this matter)
Source: UP RERA order
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Judgment text
E-Court उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, va-t69, गामा-2, ग्रेटर नोएडा, गौतमबुद्धनगर--20308. सुनवाई पीठ-0 [पूर्व में पीठ-0-ए) श्री संजय आर. भूसरेड्डी, माननीय अध्यक्ष शिकायत संख्या: NCRI44/07/5722/2020 अनुराग राजवंशी बनाम ला रेसीडेन्सिया डेवलपर्स प्रा. लि. निर्णय एवं आदेश अन्तर्गत धारा-38, 40(2) एवं 63 = #शिकायतकर्ता का परिवाद अंतिम बहस हेतु वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिनांक 26-07-2024 को प्रस्तुत किया गया। पुकार पर प्रार्थी / शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री अजय कुमार उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता सुश्री अनुश्रुति उपस्थित ei प्रकरण में पीठ द्वारा उभय पक्षों के विद्वान aaa के cet को विस्तार से सुनते हुए, पत्रावली आदेश हेतु दिनांक 26-07-2024 को ही सुरक्षित कर, उभय पक्षों को आगामी io दिनों के अन्दर | अपनी-अपनी लिखित बहस Rr कप्प्लेन्ट पेज पर अपलोड करने हेतु निर्देश दिये गये, परन्तु उभय पक्षों द्वारा अपनी-अपनी लिखित बहस रेरा कप्प्लेन्ट पेज पर अपलोड / दाखिल नहीं की गयी। ५ भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2046 का मुख्य उद्देश्य यह है कि भू-सम्पदा सेक्टर में उपभोक्ताओं के हितों का संरक्षण किया जाए तथा विवादों का शीघ्र | निस्तारण किया जाए। इस उददेश्य की पूर्ति हेतु प्राधिकरण को रेरा अधिनियम के । अन्तर्गत दायित्व तथा शक्तियाँ प्रदान की गयी हैं। धारा-34(89), भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 206 § प्राधिकरण के कृत्यों का उल्लेख किया गया है। घारा-34(8) में निम्नलिखित प्राविधान है:- ""34(g) - to ensure compliance of its regulations or orders or directions made in exercise of its powers under this Act;"
Page | of 5 E-Court = भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 20i6 के प्राविधान के अनुसार प्राधिकरण को यह अधिकार दिया गया है कि प्रोमोटर द्वारा उस पर डाली गयी बाध्यताओं का उल्लंघन किया जाता है, तो प्राधिकरण इस अधिनियम और उसके अधीन बनाए गए नियमों एवं विनियमों के अधीन पैनाल्टी या ब्याज अधिरोपित कर सकता है। धारा-38, रेरा अधिनियम निम्नवत् है:-- "38. (7) The Authority shall have powers to impose penalty or interest, in regard to any contravention of obligations cast upon the promoters, the allottees and the real estate agents, under this Act or the rules and the regulations made thereunder. (2) The Authority shall be guided by the principles of natural justice and, subject to the other provisions of this Act and the rules made thereunder, the Authority shall have powers to regulate its own procedure. (3) Where an issue is raised relating to agreement, action, omission, practice or procedure that— (a) has an appreciable prevention, restriction or distortion of competition in connection with the development of a real estate project; or (b) has effect of market power of monopoly situation being abused for affecting interest of allottees adversely, then the Authority, may suo motu, make reference in respect of such issue to the Competition Commission of India." रेरा अधिनियम की धारा-40 निम्नवत् हैः-
40. (7) If a promoter or an allottee or a real estate agent, as the case may be, fails to pay any interest or penalty or compensation imposed on him, by the adjudicating officer or the Regulatory A uthority or the Appellate Authority, as the case may be, under this Act or the rules and regualtions made thereunder, it shall be recoverable from such promoter or allottee or real estate agent, in such manner as may be prescribed as an arrears of land revenue, (2) If any adjudicating officer or the Regulatory Authority or the Appellate Tribunal, as the case may be, issues any order or directs any person to do any act, or refrain from doing any act, which it is empowered to do under this Act or the rules or regulations made th ereunder, then in case of failure by any person to comply with such order or direction, the same shall be enforced, in such manner as may be prescribed. धारा-63, भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2046 में प्राधिकरण को यह अधिकार दिया गया है कि यदि ग्रोमोटर प्राधिकरण के आदेश का अनुपालन करने Page 2 of 5 E-Court e असमर्थ रहता है, तो प्राधिकरण प्रोमोटर के विरूद्ध प्रोमोटर की भू-सम्पदा परियोजना की अनुमानित लागत का 05 प्रतिशत तक पैनाल्टी लगा सकता है। धारा-63 निम्नवत है:- “63. If any promoter, who fails to comply with, or contravenes any of the orders or directions of the Authority, he shall be liable to a penalty for every day during which such default continues, which may cumulatively extend
up to five per cent., of the estimated cost of the real estate project as determined by the Authority.” यहाँ यह उल्लेखनीय है कि धारा-40, भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) | अधिनियम, 206 के अध्याय-5 के अन्तर्गत आता है, जो कि भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण से सम्बन्धित है तथा धारा-63, भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2046 के अध्याय-8 के अन्तर्गत आता है, जोकि अपराध, शास्तियाँ और न्यायनिर्णयन से सम्बन्धित है। उपरोक्त प्राविधानों से यह स्पष्ट है कि रेशा अधिनियम के अन्तर्गत प्राधिकरण को यह अधिकार दिया गया है कि प्राधिकरण प्रोमोटर द्वारा आदेशों का अनुपालन न | करने पर धारा-40 के अन्तर्गत अपने आदेशों का क्रियान्वयन कराए तथा धारा-63 के अन्तर्गत प्रोमोटर पर अर्थदण्ड लगाए। प्राधिकरण दोनों कार्यवाही एक साथ कर सकता है | 4 4 प्रश्नगत प्रकरण में शिकायतकर्ता द्वारा रेरा पोर्टल के माध्यम से आदेश क्रियान्वयन | कराये जाने हेतु आवेदन किया गया, जिस पर प्राधिकरण द्वारा विपक्षी को नोटिस जारी करते हुए दिनांक 45--02-2022 तक पीठ द्वारा धारा-24 के अन्तर्गत पारित आदेश, दिनांक 25-08-202 का अनुपालन कर, अनुपालन आख्या प्रस्तुत करने हेतु निर्देश दिये गये, परन्तु विपक्षी द्वारा अनुपालन आख्या उपलब्ध नहीं करायी गयी। प्राधिकरण द्वारा कारण दर्शाओ नोटिस, दिनांक 40-03-2022 को जारी करते हुए विपक्षी को निर्देशित किया गया है कि वह दिनांक 30-03--2022 तक उक्त आदेश का अनुपालन कर, अनुपालन आख्था प्रस्तुत करने हेतु निर्देश दिये गये, परन्तु विपक्षी द्वारा | कोई अनुपालन आख्या दाखिल नहीं किया गया है।
प्राधिकरण द्वारा धारा-63 के अन्तर्गत नोटिस जारी की गयी, जिसके क्रम में पीठ [द्वारा सुनवाई दिनांक 44-05-2022, दिनांक 20-42-2023, दिनांक 24-02-2024, दिनांक 40-04-2024 एवं दिनांक 26-07-2024 को की गयी और यह पाया गया कि विपक्षी को समुचित अवसर देने के उपरान्त भी विपक्षी द्वारा पूर्व में पीठ द्वारा धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश, दिनांक 25-08-2024 के किसी भी प्रस्तर का पूर्ण रूप से | अनुपालन करते हुए कोई जवाब/अनुपालन आख्या रेरा कप्प्लेन्ट पेज पर अपलोड / दाखिल नहीं की गयी है। Page 3 of 5 E-Court a उभय पक्षों के विद्वान अधिवक्तागण के तर्कों को विस्तार से सुना तथा अभिलेख पर उपलब्ध समस्त साक्ष्य एवं सामग्री का सम्यूक परिशीलन किया। प्रश्ग्गत शिकायत के सम्बन्ध में पीठ द्वारा धारा-34 के अन्तर्गत दिनांक 25-08--2024 को अन्य शिकायतकर्ता के साथ निम्न आदेश पारित किये गये :- ‘faved wt आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकतयिण की यूनिट्स् को अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 3/-72--2227 तक ओ सी,” सीसी सहित कब्जा देना छुनिश्चित करें और देय MIT Yow MT कर नियमानुसार रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित we]
विपक्षी शिकरायतकर्ता को दिनांक 20-05-2079 से ओसी,सी सी प्राप्त किये जाने की Fah अथवा कब्जा ऑफर (किये जाने की विथि जो भी are में Bh तक की अवधि पर थिकायत्कर्ता द्वारा जया धनराशि पर Bare ब्याज के OY में MCLR+I प्रतिशत ब्याज अदा करना छुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि HPT PTA की देय धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। फोर्स मैज्योर पीरियड को Ghee रखते हुए दिनांक 25-03-2020 से दिनांक 25-09-2020 प्रर्योजना में हुए feos ay ब्याज की गणना नहीं की जायेगी/ साथ ही इस अवधि में शिक्रायतकर्ता द्वारा यदि Bre अतिदेय (Over Dues) & तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज: देय न EMT! अन्य शिकायतकर्ता के प्रकरण में उपरोकक्तानुमार HITT के AGE विलग्ब ब्याज की गणना की जायेगी। विपक्षी को यह निर्देशित किया जाता है कि eer अधिनियम 2076 की धारा 2(६)6) के अनुसार यदि रेश लागू होने के are कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से ग्रोमोटर द्वारा लिया जाता & तो उसी दर से ब्याज ग्रोमोटर दायर डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा/ अतः वविलग्बित शुयतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी ॥27#+7 ग्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा।/ यदि इससे अधिक दर से कोर्ड धनराशि eer लागू होने के बाद आवंटी से विनम्ब eg ली TH है तो cited अवधि ag ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से यणना की जायेगी / यदि विपक्षी थिकायतकतायिण की यूनिट को अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कशकर (दिनांक 37--72--2027 तक कब्जा देने में असफल रहता है. तो ऐसी स्थिति में दिनांक 3/-/2-202/ के पश्चात् 45 दिनों के अन्दर शिकायतकतयिण BRT समस्त जया धनराशि ॥टाऋ+7 ग्तिशत वार्षिक ब्याज दर सहित वापस अदा करना छुनिश्चित Be]
Page 4 of 5 E-Court = इस आदेश की एक-एक ग्रति सम्बन्धित पत्रावलियों पर रखी जाये एवं इस आदेश में ग्रतिपादित सिद्धान्त के अनुरूप धनराशि व ब्याज की ग्रत्येक | मायले में गणना की जायेगी।..” | उपरोक्त पीठ द्वारा धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश, दिनांक 25-08--2024 के अवलोकन से यह स्पष्ट है कि पीठ द्वारा विपक्षी को प्रार्थी / शिकायतकर्ता की यूनिट की समस्त सुविधाओं को अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 34-72-202 तक | ओ.सी /सी.सी सहित कब्जा देते हुए, रजिस्ट्री निष्पादित कराये जाने तथा देय विलम्बित अवधि का ब्याज अदा करने अन्यथा कि स्थिति में दिनांक 34--42--2024 के पश्चात् 45 दिनों के अन्दर weit / शिकायतकर्ता की जमा धनराशि मय ब्याज MCLR+] प्रतिशत | वापस करने हेतु आदेशित किया गया था, परन्तु विपक्षी द्वारा ऐसा कोई साक्ष्य रेरा | कम्प्लेन्ट tg पर अपलोड / प्रस्तुत नहीं किया गया है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि | पीठ द्वारा धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश, दिनांक 25-08--2024 के अनुपालन में | विपक्षी द्वारा वर्तमान समय में प्रार्थी,/ शिकायतकर्ता को आवंटित यूनिट का भौतिक कब्जा देते हुए, अकाउन्ट सैटेल कर, रजिस्ट्री निष्पादित करा दी गयी हो अन्यथा कि स्थिति में प्रार्थी, शिकायतकर्ता को जमा धनराशि मय ब्याज MCLR+ प्रतिशत वापस कर दी | गयी हो।
चूंकि विपक्षी द्वारा वर्तमान समय तक पीठ द्वारा धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश, | दिनांक 25--08-2024 के किसी भी प्रस्तर का कोई अनुपालन नहीं किया गया है और ia ही विपक्षी द्वारा कोई लिखित जवाब /अनुपालन आख्या/ लिखित बहस रेरा कप्प्लेन्ट | पेज़ पर अपलोड / दाखिल की गयी है। वर्णित तथ्यों के आलोक में पीठ द्वारा धारा-3+ (के अन्तर्गत पारित आदेश, दिनांक 25-08--2024 के प्रस्तर-04 के अनुसार | प्रार्थी, शिकायतकर्ता को जमा धनराशि मय ब्याज MCLR+ प्रतिशत वापस दिलाया | जाना न्यायोचित होगा। अतः उपर्युक्त वर्णित तथ्यों एवं समस्त परिस्थितियों के दृष्टिगत सचिव, उ.प्र. रेरा प्रकरण में पीठ द्वारा arts के अन्तर्गत पारित आदेश, दिनांक 25--08--2024 के पृष्ठ संख्या: 20 के आदेश के — संख्या: 04 के अनुसार जमा धनराशि मय ब्याज की | धनराशि हेतु वसूली प्रमाण-पत्र जारी करना सुनिश्चित करें और रेरा अधिनियम की धारा-63 के अनुसार शास्ति अधिरोपित किये जाने हेतु, पत्रावली प्राधिकरण के समक्ष | पेश की जाए। | आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये। दिनांक: 43--09--2024. (4 (संजय आए भूसरेड्डी) अध्यक्ष, रेरा। Page 5 of 5