Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Arun Kumar v. Aims Max Gardenia Developers Private Limited
Complaint No. NCR144/07/55903/2020
- Decision date
- 2026-03-12
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar Status-Disposed
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40/63 सपठित नियम-24 4-शिकायत BIMT—NCR44/07/55903/2020 अरुण कुमार बनाम एम्स मैक्स गार्डेनिया डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 44.03.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो aR के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता स्वयं उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री अनुप तिवारी उपस्थित हुए। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा अवगत कराया गया है कि विपक्षी द्वारा अभी तक हस्तान्तरण विलेख निष्पादित एवं पंजीकृत नहीं कराया गया है। प्रश्नगत शिकायत में माननीय पीठ-2 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 20.07.2024 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह 45 दिनों के अन्दर परियोजना के आधारभूत सुविधाओं को पूर्ण कराते हुये शिकायतकर्तागण के फ्लैट की रजिस्ट्री ,/सब लीज कराना सुनिश्चित करें। 2... प्राधिकरण के कंसीलिएटर श्री आर डी पालीवाल को निर्देशित किया जाता है कि oe प्रति माह परियोजना की प्रगति की समीक्षा बैठक करते हुए अपनी On ने, में सुविधाओं करायें fy >निगरानी में परियोजना की आधारभूत सुविधाओं को प्रमोटर द्वारा पूर्ण करायें। || Ga tegen | 9 sy गे
te - प्राधिकरण की तकनीकी टीम को निर्देशित किया जाता है कि वह परियोजना के | के विकास कार्य की समय-समय पर निरीक्षण कर विस्तृत आख्या कंसीलिएटर एवं पीठ को उपलब्ध Here | 4... इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बंधित पत्रावलियों पर रखी जाये एवं इस आदेश में प्रतिपादित सिद्धान्तों के अनुरूप धनराशि की प्रत्येक मामले में गणना की जायेगी। इस आदेश का उल्लंघन भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 20:6 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्रावधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा A y, विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 20.07.2024 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38 /40,/63 के अन्तर्गत उक्त आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थन-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-3 द्वारा दिनांक 24.07. 2025 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- उक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि विपक्षी ने पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 20.07.2024 के क्रम संख्या 7 का अनुपालन नहीं किया है। उपरोक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए पत्रावली रेरा नियमावली 2046 के नियम-24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत आदेश दिनांक 20.07.202 के क्रम संख्या 4 के अनुसार यूनिट के रजिस्ट्री /सब-लीज की कार्यवाही हेतु न््यायनिर्णायक अधिकारी, उ.प्र-रेरा के समक्ष सुनवाई हेतु दिनांक 04.4.2025 के लिए संदर्भित की जाती है।
यदि न्याय निर्णायक अधिकारी नियम 24 की कार्यवाही के दौरान यह पाते है कि विपक्षी / प्रमोटर द्वारा आदेश अन्तर्गत arRi—3t, दिनांकित 20.07.2024 का समयबद्ध रूप से अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है तो ऐसी दशा में न्याय निर्णायक अधिकारी प्रकरण में रेरा अधिनियम की धारा 63 की कार्यवाही किये जाने हेतु पत्रावली पीठ को वापस संदर्भित कर सकते है। तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38 /40 /63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता के पक्ष में रजिस्ट्री न कराये जाने के कारण मा. पीठ-3 द्वारा पारित आदेश दिनांक 24.07.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। इस पीठ द्वारा विपक्षी को बार-बार आदेशित किये जाने के बावजूद भी विपक्षी द्वारा ओ.सी. / सी.सी. प्राप्त कर, शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री नहीं कराई गई है। विपक्षी द्वारा आज सुनवाई के दौरान बताया गया कि अथॉरिटी के ड्यूज है, जिस कारण उसको उक्त परियोजना /यूनिट का ओ.सी./सी.सी. प्राप्त नहीं हुआ है, इसलिए शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री नहीं कराई गई है। ओ.सी. / सी.सी. प्राप्त करने के लिए विपक्षी स्वयं जिम्मेदार है कि वह सम्बन्धित अथॉरिटी का बकाया अदा कर ओ.सी. “सीसी. प्राप्त करें, लेकिन विपक्षी द्वारा ऐसा नहीं किया गया है। विपक्षी का यह कृत्य (Gs के अन्तर्गत आदेश की अवहेलना की श्रेणी में आता है। अतः ऐसी स्थिति में माननीय रेरा पीठ-02 द्वारा दिनांक 20.07.2024 का अनुपालन के कारण विपक्षी के विरुद्ध धारा-63 के अन्तर्गत अर्थदण्ड / पेनल्टी अधिरोपित or आवश्यक होगा। माननीय रेरा मा. पीठ-3 द्वारा दिनांक 24.07.2025 में स्पष्ट रूप से उल्लेख है
“यदि न्याय निर्णायक अधिकारी नियम 24 की कार्यवाही के दौरान यह पाते है कि विपक्षी / प्रमोटर द्वारा आदेश अन्तर्गत asi, दिनांकित 20.07.2024 का समयबद्ध रूप से अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है तो ऐसी दशा में न्याय निर्णायक अधिकारी प्रकरण में Wr अधिनियम की धारा 63 की कार्यवाही किये जाने हेतु पत्रावली पीठ को वापस संदर्भित कर सकते हैं।” अतः माननीय रेरा पीठ-3 द्वारा दिनांक 24.07.2025 के अनुसार प्रश्नगत पत्रावली धारा-63 के अन्तर्गत विपक्षी द्वारा आदेश का अनुपालन न करने के कारण विपक्षी के विरुद्ध धारा-63 के अन्तर्गत पेनल्टी /अर्थदण्ड अधिरोपित करने हेतु वापस की जाती है। सम्बन्धित पीठ विपक्षी के विरुद्ध धारा-63 के अन्तर्गत पेनल्टी /अर्थदण्ड अधिरोपित करने IW. / सी.सी. प्राप्त होने के उपरान्त यदि सम्बन्धित पीठ पत्रावली इस पीठ को पुनः EI Hi + करती है, तो इस पीठ द्वारा शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराये ल्क्रेत् एवं आदेश दिनांक 20.07.2024 का अनुपालन कराये जाने हेतु अग्रिम कार्यवाही आदेश रेरा पोर्टल पर अपलोड किया जाये। अतः प्रश्नगत पत्रावली सम्बन्धित पीठ को पीठ के आदेश के निर्देशानुसार वापस की जाये। ea alee आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण