Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Bhartendu Sharma v. Valuent Infradevelopers Private Limited
Complaint No. NCR144/07/55849/2020
- Decision date
- 2026-07-23
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40/63 सपठित नियम-24 27-शिकायत WT—NCRI44/07/55849/2020 भारतेंदु शर्मा बनाम वैल्यूएंट इंफ्राडेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 23.07.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता अनुपस्थित। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री संजय शर्मा उपस्थित By | सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। प्रश्नगत शकायत में माननीय पीठ-03 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 27.40.2024 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- (क) प्रतिवादी . दिसम्बर 202 तक परिवादी को आवंटित मूल इकाई का अधिपत्य hysical possession) occupancy certificate ompletion certificate" साथ उपलब्ध hysical i i / Completi icate’ के साथ उ करायें। (ख) प्रतिवादी द्वारा विलम्बित अवधि के सम्बंध में ब्याज परिवादी को दिनांक 04.06.2046 से 30.04.207 तक आवंटन पत्र में अंकित ब्याज दर से देय होगा तत्पश्चात दिनांक 04. 05.2047 से ओसी /सी.सी प्राप्त करने की तिथि या ऑफर ऑफ पोजेशन जो भी बाद में हो तक MCLRH% की दर से ब्याज भुगतान करेगा। ब्याज की इस धनराशि को अधिपत्य दिये जाने के समय अंतिम देय धनराशि में समायोजित (adjust) की जायेगी तथा शेष बची धनराशि परिवादी को भुगतान की जाएगी।
(ग) परिवादी द्वारा यदि कोई धनराशि का भुगतान करना शेष है तो परिवादी बकाया धनराशि प्रतिवादी को भुगतान करें। रेरा अधिनियम की धारा 2 (ayy के अधीन प्रतिवादी विलम्बित अवधि का ब्याज प्राप्त करने का अधिकारी है परन्तु परिवादी द्वारा ब्याज MCLRH% की दर से अधिक देय नहीं होगा। प् (a) यहां यह भी स्पष्ट किया जाता है कि फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक- 25.03.2020 से दिनांक- 25.09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब व परिवादी की ओर से प्रतिवादी को देय धनराशि हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। इस आदेश का उल्लंघन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 206 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 27.0.2024 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-03 द्वारा दिनांक 40.02. 2026 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है किः- उपरोक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए पत्रावली रेरा नियमावली 2076 के नियम-24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत आदेश दिनांक 27.40.2024 के क्रम संख्या क के अनुसार यूनिट के भौतिक कब्जे की कार्यवाही हेतु न््यायनिर्णायक अधिकारी, उ.प्र. रेरा के समक्ष सुनवाई हेतु दिनांक 07.05.2026 के लिए संदर्भित की जाती है।
afta, syle, पीठ द्वारा दिनांक 27.0.2024 को धारा-34, के अन्तर्गत पारित आदेश के क्रम संख्या ख के अनुसार जमा धनराशि पर विलम्बित अवधि का ब्याज हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि 07.05.2026 से पूर्व न्यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। विपक्षी द्वारा आदेश का अनुपालन न किये जाने के कारण WITT (विनियमन और विकास) अधिनियम, 20i6 की धारा-63 के अन्तर्गत यथोचित अर्थदण्ड अधिरोपित किये जाने हेतु पत्रावली प्राधिकरण के समक्ष पेश की जाए। अन्तर्गत धारा-38 /40,/63 की निष्पादन की कार्यवाही के दौरान माननीय सम्बन्धित रेरा पीठ द्वारा अपने आदेश का निष्पादन कराते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का अधिपत्य उपलब्ध नहीं कराया जा सका। तदोपरान्त मा. पीठ-03 द्वारा पारित आदेश दिनांक 0.02.2026 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ-सी. / सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को दो माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित we! शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का अधिपत्य उपलब्ध कराते हुए कब्जा-पत्र की प्रति रेरा पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति । हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 23.0.2026 को पेश हो। (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण